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टीएलएम बिन वैज्ञानिक कैसे बनेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 28 Feb 2016 11:58 PM IST
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हरदोई। वैज्ञानिक सोच पैदा करने के लिए जिले में पूरे साल विज्ञान के प्रतिभावानों की खोज में कई आयोजन होते रहते हैं। अभी तक होनहार वैज्ञानिक नहीं मिल पा रहा है। रविवार को राष्ट्रीय वैज्ञानिक दिवस भी औपचारिकता में निपट गया। अधिकांश स्कूल साप्ताहिक अवकाश के चलते बंद रहे। वहीं, आवासीय विद्यालयों में विज्ञान दिवस प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में निपट गया।
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प्राइमरी से लेकर जूनियर विद्यालयों में टीचिंग लर्निंग मेटेरियल (टीएलएम) ही उपलब्ध नहीं है। साइंस टीचर सतीश चंद्र यादव का कहना है कि विज्ञान रटने का नहीं बल्कि सीखने का विषय है। कहीं विद्यालयों में शिक्षक नहीं होते तो कभी टीएलएम नहीं। इससे छात्र बहुत कुछ सीखने से वंचित रह जाते हैं। जिला समन्वयक शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि इंस्पायर एवार्ड योजना में वर्ष 2010 से अब तक छह से आठ तक वर्ग के 2000 से अधिक छात्र छात्राएं भाग्य आजमा चुके हैं। राज्य स्तर तक एक छात्र चयनित हुआ था पर राष्ट्र स्तर पर अभी तक कोई नहीं पहुंच पाया।
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इसलिए मनाया जाता है विज्ञान दिवस
हरदोई। 28 फरवरी 1928 को सर सीवी रमन ने प्रकाश के प्रकीर्णन की खोज की घोषणा की थी। उन्हें 1930 में नोबल पुरस्कार दिया गया था। इस दिवस को भारत में मनाए जाने के पीछे उद्देश्य तरुण विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित व प्रेरित करना है। इस दिन विज्ञान संस्थाओं, स्कूल, कालेज आदि में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।
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हर वस्तु हो समझने के लिए विज्ञान जरूरी
हरदोई। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में डा. रामनिवास ने कहा कि जहां जहां समस्याएं हैं उसका निदान विज्ञान के पास है। यानी रोग बने हैं तो उसके बाद विज्ञान के अविष्कार के बाद दवाएं भी बनी हैं। डा. निहारिका वर्मा, डा. रविकांत वर्मा व डा. अमिता दीक्षित ने बालिकाओं को रोगों के बारे में भी जानकारी दी और रोगों को दूर करने के लिए प्रोटीन व विटामिन से युक्त भोजन लेने पर बल दिया। इस मौके पर वार्डेन वसुधा, अनामिका दुबे, नम्रता दीक्षित, शैलजा अगिभनहोत्री, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।
कार्यशाला में शिक्षकों को पढ़ाए जाते हैं पाठ
हरदोई। राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 9 व 10 के विज्ञान शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के पांच दिवसीय प्रशिक्षण समय समय पर होते रहे हैं। हाल में ही राजकीय इंटर कालेज में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया था।