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Hardoi News: शासन से होगी अस्पतालों की निगरानी, डॉक्टरों की बनेगी यूनीक आईडी
Wed, 17 May 2023 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Wed, 17 May 2023 11:54 PM IST
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खास खबर....
- सभी डॉक्टर और कर्मचारियों को अपलोड करना होगा पूरा ब्योरा
- निजी अस्पताल चलाना या फिर वहां काम करना नहीं होगा आसान
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। डॉक्टर और कर्मचारियों को सरकारी सेवा के साथ निजी अस्पतालों में काम करना या फिर अस्पताल चलाना आसान नहीं होगा। इस पर रोक लगाए जाने के उद्देश्य से शासन ने हेल्थ प्रोफेशनल रिकॉर्ड (एचपीआर) एप जारी किया है। इस पर सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को ब्योरा अपलोड करना होगा।
डॉक्टरों और कर्मचारियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड हो जाने के बाद सभी को एक यूनिक आईडी जारी की जाएगी और फिर शासन इसी आईडी के माध्यम से इनकी गतिविधियों पर नजर रख सकेगा।
मौजूदा समय में जिले में स्वास्थ्य विभाग के तहत कार्य करने वाले चिकित्सकों की संख्या 300 से अधिक है। इसी प्रकार एएनएम की संख्या, स्टाफ नर्स की संख्या और सीएचओ की संख्या तकरीबन एक हजार के आसपास है।
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इन सभी का हेल्थ प्रोफेशनल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके बाद इसे मानव संपदा एप पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसी एप के माध्यम से डॉक्टरों और कर्मचारियों की एक-एक गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि यदि कोई सरकारी डॉक्टर और कर्मचारी सरकारी सेवा में रहते हुए निजी अस्पताल चलाता है। वह तत्काल पकड़ में आ जाएगा। यहीं नहीं यदि किसी दूसरे के क्लीनिक पर बैठकर मरीज देखता है या किसी संस्थान में कार्य करता है तो उसकी भी जानकारी एप के माध्यम से हो जााएगी।
मनमानी पर लगेगी रोक
तबादलों के दौरान जो दिक्कतें आती हैं वे काफी हद तक दूर हो जाएंगी। यदि किसी डॉक्टर या कर्मचारी की मौत हो जाती है तो उसकी भी जानकारी एप के माध्यम से हो जाएगी। इस कवायद से डॉक्टरों और कर्मचारियों की मनमानी पर पूरी तरह से रोक लगाए जाने की तैयारी है।
दायरे में आएंगे निजी अस्पताल
निजी डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी इस दायरे में लाने की तैयारी चल रही है। एचएफआर पर सभी डॉक्टरों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। जिससे की इनकी भी शासन स्तर से निगरानी की जा सके।
वर्जन
विभाग में कार्यरत डॉक्टरों, स्टॉफ नर्स, एएनएम और सीएचओ का डाटा एचपीआर पर अपलोड किया जा रहा है। शासन द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे, जिसका पूरी तरह से पालन कराया जा रहा है।
- डॉ. आरके तिवारी, सीएमओ
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- सभी डॉक्टर और कर्मचारियों को अपलोड करना होगा पूरा ब्योरा
- निजी अस्पताल चलाना या फिर वहां काम करना नहीं होगा आसान
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। डॉक्टर और कर्मचारियों को सरकारी सेवा के साथ निजी अस्पतालों में काम करना या फिर अस्पताल चलाना आसान नहीं होगा। इस पर रोक लगाए जाने के उद्देश्य से शासन ने हेल्थ प्रोफेशनल रिकॉर्ड (एचपीआर) एप जारी किया है। इस पर सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को ब्योरा अपलोड करना होगा।
डॉक्टरों और कर्मचारियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड हो जाने के बाद सभी को एक यूनिक आईडी जारी की जाएगी और फिर शासन इसी आईडी के माध्यम से इनकी गतिविधियों पर नजर रख सकेगा।
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मौजूदा समय में जिले में स्वास्थ्य विभाग के तहत कार्य करने वाले चिकित्सकों की संख्या 300 से अधिक है। इसी प्रकार एएनएम की संख्या, स्टाफ नर्स की संख्या और सीएचओ की संख्या तकरीबन एक हजार के आसपास है।
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इन सभी का हेल्थ प्रोफेशनल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके बाद इसे मानव संपदा एप पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसी एप के माध्यम से डॉक्टरों और कर्मचारियों की एक-एक गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि यदि कोई सरकारी डॉक्टर और कर्मचारी सरकारी सेवा में रहते हुए निजी अस्पताल चलाता है। वह तत्काल पकड़ में आ जाएगा। यहीं नहीं यदि किसी दूसरे के क्लीनिक पर बैठकर मरीज देखता है या किसी संस्थान में कार्य करता है तो उसकी भी जानकारी एप के माध्यम से हो जााएगी।
मनमानी पर लगेगी रोक
तबादलों के दौरान जो दिक्कतें आती हैं वे काफी हद तक दूर हो जाएंगी। यदि किसी डॉक्टर या कर्मचारी की मौत हो जाती है तो उसकी भी जानकारी एप के माध्यम से हो जाएगी। इस कवायद से डॉक्टरों और कर्मचारियों की मनमानी पर पूरी तरह से रोक लगाए जाने की तैयारी है।
दायरे में आएंगे निजी अस्पताल
निजी डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी इस दायरे में लाने की तैयारी चल रही है। एचएफआर पर सभी डॉक्टरों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। जिससे की इनकी भी शासन स्तर से निगरानी की जा सके।
वर्जन
विभाग में कार्यरत डॉक्टरों, स्टॉफ नर्स, एएनएम और सीएचओ का डाटा एचपीआर पर अपलोड किया जा रहा है। शासन द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे, जिसका पूरी तरह से पालन कराया जा रहा है।
- डॉ. आरके तिवारी, सीएमओ