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अस्पताल में दवाओं का टोटा, बाहर से खरीद रहे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Wed, 10 Feb 2016 12:53 AM IST
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बताते चले कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य महकमे को निर्देशित किया था कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां उपलब्ध रहे और मरीजों को बाहर से दवा न लेनी पड़े। इसके लिए व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मगर जिला अस्पताल में आदेश प्रभावी नहीं दिखाई देता है। अस्पताल में कई ऐसे दवाइयां है जिनका टोटा है। वहीं कई मंहगी दवाइयां सिर्फ कुछ लोगों तक ही सीमित रहती है। आम मरीजों को हर मर्ज की दवा सिर्फ पैरासिटामोल और डाइकिलो ही देकर चलता कर दिया जाता है। यहीं हाल इंजेक्शन का है। मरीजों को अधिकतर इंजेक्शन बाहर से ही खरीद कर लाने होते है।
लोकल पर्चेजिंग में भी होता खेल
जिला अस्पताल में आम मरीजों को भले ही दवाइयां उपलब्ध न हो मगर विभाग की ओर से प्रतिमाह लाखों रुपये की लोकल पर्चेजिंग की जाती है और जिसका कोई भी मानक तय नहीं है।
वीगो तक बाहर से लानी पड़ती
जिला अस्पताल में सुविधा के नाम सिर्फ मेडिकोलीगल है। अन्य कार्यों के लिए मरीज को सड़क के मेडिकल स्टोर का चक्कर काटना पड़ता है। यहां पर मरीजों से वीगो और वाशिंग किट तक मंगवा ली जाती है। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
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इस संबंघ में सीएमएस डा. आर के मिश्र ने बताया कि अस्पताल में दवाइयों की कुछ कमी है। जिसके लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। इसके अलावा जो महत्वपूर्ण दवाइयां है उनको लोकल पर्चेज किया जाता है।
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लोकल पर्चेजिंग में भी होता खेल
जिला अस्पताल में आम मरीजों को भले ही दवाइयां उपलब्ध न हो मगर विभाग की ओर से प्रतिमाह लाखों रुपये की लोकल पर्चेजिंग की जाती है और जिसका कोई भी मानक तय नहीं है।
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वीगो तक बाहर से लानी पड़ती
जिला अस्पताल में सुविधा के नाम सिर्फ मेडिकोलीगल है। अन्य कार्यों के लिए मरीज को सड़क के मेडिकल स्टोर का चक्कर काटना पड़ता है। यहां पर मरीजों से वीगो और वाशिंग किट तक मंगवा ली जाती है। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
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इस संबंघ में सीएमएस डा. आर के मिश्र ने बताया कि अस्पताल में दवाइयों की कुछ कमी है। जिसके लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। इसके अलावा जो महत्वपूर्ण दवाइयां है उनको लोकल पर्चेज किया जाता है।