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Hardoi News: बिजली कनेक्शन नहीं मिल पाने से चालू नहीं हो पाया अस्पताल, रेफर हो रहे मरीज

Tue, 05 Nov 2024 11:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2024 11:09 PM IST
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Hospital could not start due to lack of electricity connection, patients were being referred
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में 45 करोड़ की लागत से अंत: रोगी विभाग (इनडोर) का भवन बनकर तैयार है। एक साल से बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन सिरे नहीं चढ़ी। इस वजह से 180 बेड के इस अस्पताल को चालू नहीं किया जा सका है। इससे इसका लाभ जिले के मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। आए दिन गंभीर रोगियों को लखनऊ रेफर कर दिया जाता है, जबकि इस अस्पताल के चालू हो जाने से उन्हें यहीं पर उपचार मिल जाता।
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बताया जा रहा है कि इनडोर में बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया पिछले साल नवंबर में शुरू हुई थी। 13 दिसंबर 2023 को शासन ने उप्र. राज्य निर्माण निगम लि. के स्थान पर उप्र पावर कॉरपोरेशन लि. (यूपीपीसीएल) को इसके लिए नामित किया था, लेकिन अभी तक इनडोर में बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया है।
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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ ही चिकित्सा और स्वास्थ्य की पढ़ाई के लिए शासन ने स्वशायी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किया। आईपीडी भवन जिला चिकित्सालय परिसर में बनाया गया है। भवन का काम उप्र राज्य निर्माण निगम लि. ने कराया है। निगम की विद्युत इकाई की ओर से भवन के विद्युतीकरण के लिए परिसर में ही 33/.433 केवी क्षमता के विद्युत उपकेंद्र की स्थापना का नवंबर 2023 में आठ करोड़ 26 लाख रुपये का इस्टीमेट शासन को भेजा था। शासन ने इस्टीमेट पर 13 दिसंबर 2023 को काम कराने के लिए यूपीपीसीएल को कार्यदायी संस्था नामित कर दी।
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यूपीपीसीएल के अधिकारियों ने संस्था नामित होते ही इस काम के लिए नौ करोड़ 81 लाख रुपये का इस्टीमेट भेज दिया। करीब एक करोड़ 55 लाख रुपये के इस्टीमेट पर मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य ने आपत्ति जताई। उन्होंने शासन से यूपीपीसीएल के स्थान पर दूसरी संस्था को नामित करने के लिए पत्र लिखा। एक फरवरी 2024 को प्राचार्य ने दोबारा पत्र लिखकर यूपीपीसीएल को बदलने की संस्तुति की। सरकार की प्राथमिकता में शामिल स्वास्थ्य सेवाओं और प्राचार्य के पत्र पर शासन ने ध्यान नहीं दिया। यही वजह है कि अभी तक आईपीडी भवन में बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया है। इससे 180 बेड के आईपीडी भवन का संचालन नहीं हो सका है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है।



उप्र राज्य निर्माण निगम की विद्युत अनुभाग के प्रोजेक्ट मैनेजर एसडी द्विवेदी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की भविष्य की आवश्यकता के दृष्टिगत तीन हजार किलोवाट बिजली के लिए इस्टीमेट बनाया गया था। यूपीपीसीएल के अधीक्षण अभियंता रमेश चंद्रा ने बताया कि लिखा-पढ़ी में अभी तक कुछ नहीं मिला है। अधिकारियों के मौखिक निर्देश पर इस्टीमेट बनवाया गया है। शासन स्तर से कोई निर्णय होगा, उसी अनुसार काम कराया जाएगा। संवाद



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तीन हजार किलोवाट आपूर्ति के यूपीपीसीएल को मिल चुके हैं 3.79 करोड़ रुपये



मेडिकल कॉलेज परिसर में 33 केवी के सबस्टेशन के होने के बाद भी बिजली कनेक्शन के लिए खींचतान जारी है। काम कराए जाने के लिए इस्टीमेट पर इस्टीमेट बनाए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में आईपीडी सहित अन्य भवन व कार्यालयों के तीन हजार किलोवाट बिजली की आवश्यकता है। निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि इस काम के लिए यूपीपीसीएल को तीन करोड़, 79 लाख रुपये का आवंटन किया जा चुका है। पावर कॉरपोरेशन के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि इस रुपये से केबल का काम कराया जा रहा है। अधिक जानकारी अधिशासी अभियंता को ही है।


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आईपीडी में बिजली कनेक्शन नहीं हो पाया है। संस्था के जिम्मेदारों की लापरवाही रही है। उप्र राज्य निर्माण निगम और यूपीपीसीएल के अधिकारियों को तलब किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए जरूरत के अनुसार बिजली का आकलन कराया जाएगा। उसी अनुसार काम कराने का प्रयास है। लोगों को सुविधा और सहूलियत मिलनी चाहिए।

-मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
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