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होलिका दहन 23 मार्च की भोर को
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Mon, 21 Mar 2016 11:58 PM IST
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दुलीचंद्र चौराहे पर दहन को एकत्र की गई लकड़ियां।
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। ज्योतिष के अनुसार भद्रा रहित पूर्णिमा के मान के कारण होलिक ा दहन 23 मार्च की भोर तीन बजकर 10 मिनट से पांच बजकर 10 मिनट तक शुभ है। 24 मार्च को सूर्योदय के बाद ही रंग खेला जा सकता है।
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इधर, प्रशासन ने भी 24 मार्च को शराब की दुकानों की बंदी कराने का आदेश दिया है तो नगर पालिका का भी होली मिलन समारोह 24 मार्च को सुबह रंग खेलने के बाद शाम महाराज सिंह पार्क में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
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शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि प्रतिपदा, सूर्योदय, चतुर्दशी व भद्रा में होलिका दहन नहीं किया जा सकता है। होलिका दहन पूर्णिमा में ही शुभ माना जाता है। 22 मार्च को चतुर्दशी दोपहर दो बजकर 31 मिनट तक रहेगी। उसके बाद पूर्णिमा होगी। 23 मार्च को शाम चार बजकर 10 मिनट तक पूर्णिमा रहेगी। किंतु पूर्णिमा पर भद्रा की छाया रहेगी।
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इसलिए 23 मार्च की भोर तीन बजकर 20 मिनट से सुबह 5 बजकर 10 मिनट तक होलिका दहन शुभ दायक होगा। इसके बाद रंग खेलने के लिए उन्होंने स्वयं का निर्णय बताया। हालांकि 24 मार्च के पक्ष में वह भी दिखे। इधर डीएम रमेश मिश्र ने भी 24 मार्च को ही रंग खेले जाने को लेकर शराब की दुकानों को बंद कराए जाने के निर्देश आबकारी अधिकारी को दे दिए हैं।
होली के लिए खरीददारी में जुटे रहे शहरवासी
हरदोई। होली का त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। सुबह से देर रात तक दुकानों पर खरीददारी होती रही। होली पर दिन में रंग खेलने से लेकर शाम को नए कपड़े पहनकर लोगों से मिलने जुलने का जो सिलसिला शुरू होता है वह पूरे एक सप्ताह तक चलता रहता है। कपड़ों की दुकानों के साथ ही खाद्य सामग्री की दुकानों पर भीड़ लगी है। कंफेक्शनरी के मालिकों ने अपनी दुकान के आगे पंडाल लगाकर दुकानों को आकर्षक बनाया है।
रंगों से सराबोर नजर आने लगे नन्हे मुन्ने
हरदोई। स्कूलों में छुट्टियां शुरू होने से अभी से होली का सुरूर शुरू हो गया है। रंगोत्सव भले ही 24 मार्च को है उन्होंने होली खेलनी शुरू कर दी है। सोमवार को कई स्कूलों के बच्चे रंगे हुए दिखाई दिए। स्कूलों में बच्चों ने जमकर होली खेली।
24 मार्च को सुबह पांच बजे से होगी पानी की आपूर्ति
नगर पालिका अध्यक्ष मीना अग्रवाल ने 24 मार्च को नगर में पेयजलापूर्ति सुबह पांच बजे से सीधे पंपों से व दोपहर 12 बजे से अवर जलाशयों से जलापूर्ति किए जाने के निर्देश दिए हैं। शाम नौ बजे से अवर जलाशय भरे जाएंगे। उन्होंने शहरवासियों से अनुरोध किया है कि पालिका सुचारू पेयजल उपलब्ध कराएगा पर पेयजल का अपव्यय न करें। इसी क्रम में होली मिलन 24 मार्च को शाम चार बजे से महाराज सिंह पार्क में मनाया जाएगा।
प्रहलाद की नगरी व होली की जननी है हरदोई
हरदोई। साक्ष्य भले ही न कोई हो पर किंवदंती यह है कि होली, होलिका का हरदोई से खासा नाता है। हरदोई को हरिद्रोही नगर एवं हिरण्यकश्यप की नगरी बताने वालों की भी कोई कमी नहीं है।
बताया जाता है कि राजा हिरण्य कश्यप की नगरी हरिद्रोही को ही बाद में हरदोई का नाम दिया गया। सांडी रोड पर ही ऊंचाई पर बसे मोहल्लों को उनके महल का नाम दिया जाता है। जिसके बाद प्रहलाद एवं होलिका का नाम भी इस जिले से जुड़ेगा इससे इंकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि अब तक इसके कोई प्रमाण जिले को नहीं मिले हैं। यह भी कहा जाता है कि ईसा पूर्व छठी शताब्दी में हरदोई कौशल राज्य का अंग था। जो उस समय के प्रसिद्ध 16 महाजनपदों में से एक था।