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हवन कुंड में कूद सती ने त्यागी देह
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 21 Jan 2015 12:40 AM IST
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ऐतिहासिक नुमाइश मैदान में मंगलवार को माता सती
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द्वारा आग में कूद कर शरीर त्याग करने की लीला का मंचन हुआ। जिसमें वृंदावन
से आए कलाकारों ने बड़े ही प्रभावपूर्ण ढंग से लीला मंचन किया। जिसको
देखकर लोग काफी प्रभावित हुए।
लीला के मंचन में महाराज दक्ष ने विशाल यज्ञ का आयोजन करने में सभी रिश्तेदारों को बुलाया, पर भगवान शिव को न्योता नहीं भेजा। प्रजापति दक्ष द्वारा न्योता न भेजने के बावजूद माता सती यज्ञ में शामिल होने के लिए पहुंच जाती हैं, जबकि भगवान शिव उन्हें यज्ञ में जाने से मना भी किया।
माता सती के न मानने पर यज्ञ में पहुंचने के बाद प्रजापति दक्ष ने उनका और भगवान शिव का बहुत अपमान किया। जिस पर क्रोधित होकर माता सती ने हवन कुंड मे कूद कर अपने प्राण त्याग दिए। यह जानकार भगवान शिव ने वीरभद्र को प्रकट किया और यज्ञ का विध्वंस कर प्रजापति दक्ष का सिर काट दिया।
भगवान शिव माता सती का शरीर लेकर सभी लोकों में भ्रमण करते हैं और इसके बाद कलाकारों ने पार्वती जन्म लीला का भी मंचन किया गया। जिसको लेकर लोग काफी प्रभावित हुए। इस दौरान राम प्रकाश शुक्ला, कृष्ण अवतार दीक्षित बाले, राकेश गुप्ता, वियोग चंद्र मिश्र, संत कुमार सिंह, प्रेम शंकर द्विवेदी आदि मौजूद थे।
लीला के मंचन में महाराज दक्ष ने विशाल यज्ञ का आयोजन करने में सभी रिश्तेदारों को बुलाया, पर भगवान शिव को न्योता नहीं भेजा। प्रजापति दक्ष द्वारा न्योता न भेजने के बावजूद माता सती यज्ञ में शामिल होने के लिए पहुंच जाती हैं, जबकि भगवान शिव उन्हें यज्ञ में जाने से मना भी किया।
माता सती के न मानने पर यज्ञ में पहुंचने के बाद प्रजापति दक्ष ने उनका और भगवान शिव का बहुत अपमान किया। जिस पर क्रोधित होकर माता सती ने हवन कुंड मे कूद कर अपने प्राण त्याग दिए। यह जानकार भगवान शिव ने वीरभद्र को प्रकट किया और यज्ञ का विध्वंस कर प्रजापति दक्ष का सिर काट दिया।
भगवान शिव माता सती का शरीर लेकर सभी लोकों में भ्रमण करते हैं और इसके बाद कलाकारों ने पार्वती जन्म लीला का भी मंचन किया गया। जिसको लेकर लोग काफी प्रभावित हुए। इस दौरान राम प्रकाश शुक्ला, कृष्ण अवतार दीक्षित बाले, राकेश गुप्ता, वियोग चंद्र मिश्र, संत कुमार सिंह, प्रेम शंकर द्विवेदी आदि मौजूद थे।