{"_id":"60f468078ebc3e6d301fa7ea","slug":"hardoi-tendua-hardoi-news-hardoi-news-knp6410252159","type":"story","status":"publish","title_hn":"साढ़े तीन घंटे गले में अटके रहे प्राण, बाहर निकले तो हो गए बदहवास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साढ़े तीन घंटे गले में अटके रहे प्राण, बाहर निकले तो हो गए बदहवास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। सांडी कस्बे के नवाबगंज स्थित जिस मकान में तेंदुआ घुसा उसमें बंद रहे लोग साढ़े तीन घंटे बाद जब बाहर निकले, तो बदहवास होकर इधर-उधर भागने लगे। बातचीत में इन लोगों ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि जैसे मौत के मुंह से निकलकर आए हैं।
सुनील वाजपेयी और उनके मकान के पास में रहने वाला शुक्ला परिवार तेंदुआ की आहट पाकर एक ही मकान में आ गए। यह मकान सुनील वाजपेयी का था। इसी दौरान तेंदुए ने हमला बोल दिया, तो 12 लोग एक कमरे में और आठ लोग दूसरे कमरे में छिप गए। इन लोगों ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। लगभग साढ़े तीन घंटे बाद जब अंदर से रवि वाजपेयी, शिशु वरन वाजपेयी, आकाश तिवारी, अरविंद शुक्ला, सिंधु वाजपेयी, राहुल शुक्ला, रमन कुमार शुक्ला आदि बाहर निकले, तब इनकी सांस में सांस आई।
राहुल शुक्ला ने बताया कि दहशत के कारण कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या और कैसे करें। बाद में जब मोहल्ले के युवा अंदर घुसे और यहां फंसे लोगों को एक-एक कर बाहर निकाला, तो लगा कि अभी जिंदगी बाकी है।
विज्ञापन
उत्साहवर्धन के लिए दिया ढाई हजार रुपये इनाम
मकान के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए अनिल, सतीश, अजीत, राजकपूर, नीरज, गोविंद, शंकर, संजीव, विजय और अक्षय ने खासी मशक्कत की। इन लोगों ने न सिर्फ हिम्मत दिखाई बल्कि अपनी जान जोखिम में डालते हुए अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। बाद में नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि अनिल गुप्ता ने इस टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम दिया।
विज्ञापन
सुनील वाजपेयी और उनके मकान के पास में रहने वाला शुक्ला परिवार तेंदुआ की आहट पाकर एक ही मकान में आ गए। यह मकान सुनील वाजपेयी का था। इसी दौरान तेंदुए ने हमला बोल दिया, तो 12 लोग एक कमरे में और आठ लोग दूसरे कमरे में छिप गए। इन लोगों ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। लगभग साढ़े तीन घंटे बाद जब अंदर से रवि वाजपेयी, शिशु वरन वाजपेयी, आकाश तिवारी, अरविंद शुक्ला, सिंधु वाजपेयी, राहुल शुक्ला, रमन कुमार शुक्ला आदि बाहर निकले, तब इनकी सांस में सांस आई।
विज्ञापन
राहुल शुक्ला ने बताया कि दहशत के कारण कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या और कैसे करें। बाद में जब मोहल्ले के युवा अंदर घुसे और यहां फंसे लोगों को एक-एक कर बाहर निकाला, तो लगा कि अभी जिंदगी बाकी है।
विज्ञापन
उत्साहवर्धन के लिए दिया ढाई हजार रुपये इनाम
मकान के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए अनिल, सतीश, अजीत, राजकपूर, नीरज, गोविंद, शंकर, संजीव, विजय और अक्षय ने खासी मशक्कत की। इन लोगों ने न सिर्फ हिम्मत दिखाई बल्कि अपनी जान जोखिम में डालते हुए अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। बाद में नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि अनिल गुप्ता ने इस टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम दिया।