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शांत रहने वाले सांडी में मच गई अफरा तफरी
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हरदोई। सांडी कस्बे के नवाबगंज में तेंदुए के हमले के बाद अमूमन शांत रहने वाले क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। तेंदुए के हमले की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैली, तो नवाबगंज में असंख्य लोग एकत्र हो गए। नतीजा यह हुआ कि पुलिस को हालात संभालने के लिए कई बार लाठियां फटकारनी पड़ीं, लेकिन कुछ देर बाद फिर से लोग एकत्र हो गए। मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी भीड़ के कारण रोकनी पड़ गई।
सुनील वाजपेयी के मकान में तेंदुआ घुसने की जानकारी पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। कभी लोग शोर सुनकर तेंदुए के घर से बाहर निकलने की चर्चा करते, तो कभी जलती हुई मशालों को तेंदुए तक पहुंचाने की योजना बनाते। इसके बाद अनहोनी की आशंकाएं तैरनी लगतीं।
कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगभग एक किलोमीटर लंबे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल साफ नजर आता रहा। सांडी थानाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर पहले तो शांतिपूर्ण ढंग से लोगों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन हालात काबू में न आए तो उन्होंने भी सख्त रुख अपनाया लिया। पुलिस ने डंडे फटकारना शुरू किए, तो भीड़ भी हवा होने लगी। यह बात और है कि डंडे की फटकार का असर कुछ ही देर तक रहता। कुछ जिज्ञासा में कुछ मदद के उद्देश्य से और कुछ सिर्फ तमाशबीन बनकर मौके पर खड़े नजर आए। अफरातफरी का यह माहौल देर शाम तक बना रहा।
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सुनील वाजपेयी के मकान में तेंदुआ घुसने की जानकारी पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। कभी लोग शोर सुनकर तेंदुए के घर से बाहर निकलने की चर्चा करते, तो कभी जलती हुई मशालों को तेंदुए तक पहुंचाने की योजना बनाते। इसके बाद अनहोनी की आशंकाएं तैरनी लगतीं।
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कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगभग एक किलोमीटर लंबे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल साफ नजर आता रहा। सांडी थानाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर पहले तो शांतिपूर्ण ढंग से लोगों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन हालात काबू में न आए तो उन्होंने भी सख्त रुख अपनाया लिया। पुलिस ने डंडे फटकारना शुरू किए, तो भीड़ भी हवा होने लगी। यह बात और है कि डंडे की फटकार का असर कुछ ही देर तक रहता। कुछ जिज्ञासा में कुछ मदद के उद्देश्य से और कुछ सिर्फ तमाशबीन बनकर मौके पर खड़े नजर आए। अफरातफरी का यह माहौल देर शाम तक बना रहा।
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