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हरदोईः गर्रा और राम गंगा में तेज उफान, जागकर रात बिता रहे ग्रामीण
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फोटो-25- कटान करती नदी को देखते ग्रामीण
- फोटो : HARDOI
हरदोई/सवायजपुर/शाहाबाद/पाली। बारिश के बीच बांधों से छोड़े गए पानी से नदियां उफान पर है। जिले में गर्रा और रामगंगा से घिरे क्षेत्रों में नदियों ने कटान शुरू कर दिया है। जिसके चलते गांव के लिए परेशान हैं। डर के चलते करीब एक दर्जन गांवों के लोग रात भर जागकर समय बिता रहे हैं।
सवायजपुर क्षेत्र के कटियारी इलाके में स्थित रामगंगा नदी में उफान से सबर हुली गांव के लोग भयभीत हैं। गांव के सुरेश चंद्र ने बताया उनके शौचालय का टैंक नदी ने काट दिया है। वहीं रामकली ने बताया उनकी आधा बीघा भूमि जिस पर वह बैगन, तोरई व मूली की फसल पैदा कर परिवार पालती थी नदी की कटान में चली गई है।
इसी तरह नीतू पत्नी गौरव ने बताया उसके मकान की मुख्य दीवार की कोठरी गिर गई है। रामवीर की भी कच्ची कोठरी गिर गई है। 90 वर्षीय वृद्ध रामस्वरूप ने रुंधे गले से अपनी दास्तान बताते हुए कहा मकान जमीन नदी में समा रहीं है।
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गांव के रामकिशन, पृथ्वीराज, रामरतन, गंगाराम के भी मकान नदी के मुहाने पर हैं। गंगा देवी ने बताया छोटे-छोटे बच्चों को कटान तथा कच्चे मकान गिरने के चलते सुरक्षित रख पाना बहुत मुश्किल काम है। एसडीएम राकेश सिंह ने बताया प्रभावित इलाकों में जल स्तर पर नजर रखने के लिए लेखपालों सहित अन्य विभाग के लोगों की भी ड्यूटी लगाई गई है। नियमित रिपोर्ट देने को कहा गया है हीलाहवाली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शाहाबाद क्षेत्र में कहार कोला गांव में गर्रा नदी कटान कर रही है। चारो तरफ से पूरा गांव पानी से घिरा हुआ है। आवश्यक दिनचर्या के अलावा घरेलू सामान के लिए भी यहां के लोगों को तरसना पड़ रहा है। संपर्क मार्ग ध्वस्त हो जाने से ग्रामीणों के आवागमन के लिए स्थानीय प्रशासन की तरफ से तीन नावों की व्यवस्था की है।
एसडीएम धीरेंद्र श्रीवास्तव ने तहसीलदार नरेंद्र कुमार व कानूनगो के साथ नाव से बाढ़ का जायजा लेकर प्रभावित परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा व अनुमन्य सहायता राशि देने का भरोसा दिया है।
गांव में रजनीश, दृगपाल, बबलू, जदुराम, रामकेवल, सुरेंद्र, मुनेश्वर का मकान गिर गया है। कई मकान कटान के मुहाने पर है। प्रधान व कोटेदार के माध्यम से बेघर हो गए लोगों के लिए राशन की व्यवस्था कराई जा रही है।
पाली क्षेत्र में बाबरपुर, केवलपुर, बैजूपुर, ललुआपुर और कूड़ी आदि सहित कई गांवों में पानी पहुंच गया है। खेतों में पानी भरने से सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले बारिश से फसल को नुकसान हुआ, जो फसल बची थी वो बाढ़ आने से बर्बाद हो गई।
उधर कहारकोला गांव निवासी सुरेंद्र, रामकेवल, जदुराम, बबलू, सुनील और दृगपाल ने बताया कि कुछ दिन बाद दीवाली है, उसी की तैयारियों में जुटे थे, लेकिन गर्रा नदी में आई बाढ़ ने झकझोर दिया है।
पाली संवाद प्रतिनिधि के अनुसार चारों तरफ गर्रा नदी की बाढ़ के पानी से घिर चुके कहारकोला प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक नाव पर सवार होकर गांव में स्कूलों में पढ़ाने आए तो वहीं गांव निवासी शिक्षक अपने स्कूलों के लिए नाव से रवाना हुए।
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सवायजपुर क्षेत्र के कटियारी इलाके में स्थित रामगंगा नदी में उफान से सबर हुली गांव के लोग भयभीत हैं। गांव के सुरेश चंद्र ने बताया उनके शौचालय का टैंक नदी ने काट दिया है। वहीं रामकली ने बताया उनकी आधा बीघा भूमि जिस पर वह बैगन, तोरई व मूली की फसल पैदा कर परिवार पालती थी नदी की कटान में चली गई है।
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इसी तरह नीतू पत्नी गौरव ने बताया उसके मकान की मुख्य दीवार की कोठरी गिर गई है। रामवीर की भी कच्ची कोठरी गिर गई है। 90 वर्षीय वृद्ध रामस्वरूप ने रुंधे गले से अपनी दास्तान बताते हुए कहा मकान जमीन नदी में समा रहीं है।
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गांव के रामकिशन, पृथ्वीराज, रामरतन, गंगाराम के भी मकान नदी के मुहाने पर हैं। गंगा देवी ने बताया छोटे-छोटे बच्चों को कटान तथा कच्चे मकान गिरने के चलते सुरक्षित रख पाना बहुत मुश्किल काम है। एसडीएम राकेश सिंह ने बताया प्रभावित इलाकों में जल स्तर पर नजर रखने के लिए लेखपालों सहित अन्य विभाग के लोगों की भी ड्यूटी लगाई गई है। नियमित रिपोर्ट देने को कहा गया है हीलाहवाली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शाहाबाद क्षेत्र में कहार कोला गांव में गर्रा नदी कटान कर रही है। चारो तरफ से पूरा गांव पानी से घिरा हुआ है। आवश्यक दिनचर्या के अलावा घरेलू सामान के लिए भी यहां के लोगों को तरसना पड़ रहा है। संपर्क मार्ग ध्वस्त हो जाने से ग्रामीणों के आवागमन के लिए स्थानीय प्रशासन की तरफ से तीन नावों की व्यवस्था की है।
एसडीएम धीरेंद्र श्रीवास्तव ने तहसीलदार नरेंद्र कुमार व कानूनगो के साथ नाव से बाढ़ का जायजा लेकर प्रभावित परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा व अनुमन्य सहायता राशि देने का भरोसा दिया है।
गांव में रजनीश, दृगपाल, बबलू, जदुराम, रामकेवल, सुरेंद्र, मुनेश्वर का मकान गिर गया है। कई मकान कटान के मुहाने पर है। प्रधान व कोटेदार के माध्यम से बेघर हो गए लोगों के लिए राशन की व्यवस्था कराई जा रही है।
पाली क्षेत्र में बाबरपुर, केवलपुर, बैजूपुर, ललुआपुर और कूड़ी आदि सहित कई गांवों में पानी पहुंच गया है। खेतों में पानी भरने से सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले बारिश से फसल को नुकसान हुआ, जो फसल बची थी वो बाढ़ आने से बर्बाद हो गई।
उधर कहारकोला गांव निवासी सुरेंद्र, रामकेवल, जदुराम, बबलू, सुनील और दृगपाल ने बताया कि कुछ दिन बाद दीवाली है, उसी की तैयारियों में जुटे थे, लेकिन गर्रा नदी में आई बाढ़ ने झकझोर दिया है।
पाली संवाद प्रतिनिधि के अनुसार चारों तरफ गर्रा नदी की बाढ़ के पानी से घिर चुके कहारकोला प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक नाव पर सवार होकर गांव में स्कूलों में पढ़ाने आए तो वहीं गांव निवासी शिक्षक अपने स्कूलों के लिए नाव से रवाना हुए।

फोटो-26- नाव पर सवार होकर स्कूल जाते शिक्षक- फोटो : HARDOI

फोटो-27- बचे हुए मकान के हिस्से को तोड़ते गृहस्वामी- फोटो : HARDOI

फोटो-28- बरहुली में रामगंगा नदी कटान से घर कटने की आशंका में परेशान 90 वर्षीय रामस्वरूप- फोटो : HARDOI

फोटो-29- रामगंगा नदी की धार में समाए शौचालय के टैंक को दिखाते बरहुली के सुरेश चंद्र- फोटो : HARDOI

फोटो-30- नदी के किनारे स्थित कटे मकान में सब्जी बनाती रामलली- फोटो : HARDOI