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Hardoi News: हरदोईः साहब के पास नहीं है स्थलीय निरीक्षण का समय
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हरदोई। अमूमन कार्यालयों के निरीक्षण और आम जन के पहुंचने पर साहब के न मिलने पर फील्ड पर होने की बात कही जाती है, लेकिन स्थिति इससे परे है।
ब्लॉक के कार्यक्रम अधिकारी (बीडीओ) के पास मनरेगा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण का समय ही नहीं है। उन्हें साल में कम से कम 135 परियोजनाओं के निरीक्षण की जिम्मेदारी है, जबकि नवंबर तक सापेक्ष 62 प्रतिशत ही निरीक्षण हो पाएं हैं।
मनरेगा मद के कार्यों की स्वीकृति के साथ ही जॉबकार्ड धारकों को रोजगार, कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता के लिए अधिकारियों को सालाना और माहवार स्थलीय निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यहां पर 19 ब्लॉकों के चलते 2565 निरीक्षण का दायित्व कार्यक्रम अधिकारियों को सौंपा गया है।
बेंहदर बीडीओ को छोड़कर अन्य सभी ने निर्धारित निरीक्षण नहीं कर पाए हैं। अभी तक 1608 निरीक्षण बीडीओ की ओर से किए गए हैं, जबकि 957 शेष हैं। मनरेेगा सॉफ्टवेयर पर देखे तो हरपालपुर, अहिरोरी, बिलग्राम, हरियावां, भरावन, भरखनी, टड़ियावां और पिहानी बीडीओ 50 प्रतिशत भी फील्ड पर नहीं निकले हैं। अन्य भी शत-प्रतिशत निरीक्षण नहीं कर सके हैं।
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श्रम रोजगार उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि मनरेगा में स्थलीय निरीक्षण को सॉफ्टवेयर पर भी अपलोड करना होता है। बीडीओ की ओर से नियमित निरीक्षण न किया जाना लापरवाही है। ऑनलाइन होने से ग्राम्य विकास विभाग आयुक्त भी इस पर नजर रखते हैं और कम स्थिति पर नाराजगी भी जाहिर की है।
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ब्लॉक के कार्यक्रम अधिकारी (बीडीओ) के पास मनरेगा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण का समय ही नहीं है। उन्हें साल में कम से कम 135 परियोजनाओं के निरीक्षण की जिम्मेदारी है, जबकि नवंबर तक सापेक्ष 62 प्रतिशत ही निरीक्षण हो पाएं हैं।
मनरेगा मद के कार्यों की स्वीकृति के साथ ही जॉबकार्ड धारकों को रोजगार, कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता के लिए अधिकारियों को सालाना और माहवार स्थलीय निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यहां पर 19 ब्लॉकों के चलते 2565 निरीक्षण का दायित्व कार्यक्रम अधिकारियों को सौंपा गया है।
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बेंहदर बीडीओ को छोड़कर अन्य सभी ने निर्धारित निरीक्षण नहीं कर पाए हैं। अभी तक 1608 निरीक्षण बीडीओ की ओर से किए गए हैं, जबकि 957 शेष हैं। मनरेेगा सॉफ्टवेयर पर देखे तो हरपालपुर, अहिरोरी, बिलग्राम, हरियावां, भरावन, भरखनी, टड़ियावां और पिहानी बीडीओ 50 प्रतिशत भी फील्ड पर नहीं निकले हैं। अन्य भी शत-प्रतिशत निरीक्षण नहीं कर सके हैं।
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श्रम रोजगार उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि मनरेगा में स्थलीय निरीक्षण को सॉफ्टवेयर पर भी अपलोड करना होता है। बीडीओ की ओर से नियमित निरीक्षण न किया जाना लापरवाही है। ऑनलाइन होने से ग्राम्य विकास विभाग आयुक्त भी इस पर नजर रखते हैं और कम स्थिति पर नाराजगी भी जाहिर की है।