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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Deputy CM Brijesh Pathak said there are less doctors in UP, CMO also see patients in OPD

Brijesh Pathak: समीक्षा बैठक में लगा दी अधिकारियों की क्लास, कहा- यूपी में कम हैं डॉक्टर, सीएमओ भी देखें मरीज

Fri, 26 Aug 2022 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Fri, 26 Aug 2022 12:11 AM IST
सार

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक हरदोई जिले के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक और निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बैठक में डिप्टी सीएम ने अधिकारियों की क्लास लगा दी। उन्होंने कहा कि यूपी में डॉक्टर कम हैं। सीएमओ और डिप्टी सीएमओ भी ओपीडी में बैठ कर मरीज देखें।

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Deputy CM Brijesh Pathak said there are less doctors in UP, CMO also see patients in OPD
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरदोई जिले के विकास भवन सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तेवर में दिखे। बिजली और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की क्लास ली। विधायकों से फीडबैक लेते हुए अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।

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डॉक्टरों की संख्या यूपी में कम होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सीएमओ और डिप्टी सीएमओ ओपीडी में बैठ कर मरीज देखें। डिप्टी सीएम ने कहा कि सीएमओ और डिप्टी सीएमओ डॉक्टर पहले हैं प्रशासनिक अधिकारी बाद में हैं। इसलिए सुबह मरीज देखें। दोपहर बाद प्रशासनिक काम करें।
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यह भी जान लीजिए अगर कहीं कोई मरीज ठेलिया या कंधे पर मिलता हैं, तो जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि हमारी सरकार गरीब मरीजों और आम जनता के लिए समर्पित है। आम जनता को कोई तकलीफ होती है, तो मुझे तकलीफ होती है।

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बिजली अभियंताओं से कहा कि सिर्फ कार्रवाई न करें, बिजली व्यवस्था के सुधार पर भी ध्यान दें। लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराना ही पर्याप्त नहीं, ऐसा प्रयास करें कि अधिकतर लोग कनेक्शन लें। किसी भी उपभोक्ता का उत्पीड़न न होने पाए।

शाम करीब पौने चार बजे बैठक शुरू हुई। इसमें सभी विभागों के अधिकारी शामिल थे। शुरूआत में डीसी मनरेगा ने विकास कार्यों की बुकलेट से उपलब्धियां पढ़कर सुनाईं तो उप मुख्यमंत्री ने उन्हें रोका और कहा कि वह खुद अधिकारियों से बात करेंगे। इसके बाद जल जीवन मिशन की समीक्षा की।

उप मुख्यमंत्री ने पहले से संचालित पेयजल योजनाओं का हाल विधायकों से पूछा। इसके बाद जल जीवन मिशन में कितने गांव चयनित हुए। कितने गांवों में पेयजल योजना के संचालन के लिए जमीन मिली? अधिकारियों से पूछा। डीएम ने बताया कि 800 गांवों में जमीन मिल गई है।

जहां नई पेयजल योजनाएं संचालित हैं, वहां पर कनेक्शन कम क्यों हुए? यह सवाल पूछा तो अधिकारियों ने अपना बचाव करते हुए कार्यदायी संस्था पर दोष मढ़ दिया। अधिकारियों का कहना था कि प्लंबर को कनेक्शन के बदले मजदूरी कम दी जा रही है। इसलिए वे नए कनेक्शन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने डीएम से कहा कि मानदेय बढ़वाने के लिए कार्यदायी संस्था से बात करें।

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