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निजी अस्पताल में महिला की मौत,तीमारदारों ने काटा हंगामा
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फोटो-03- घटना की जानकारी देता पति छोटू
- फोटो : HARDOI
हरदोई। शहर में सांडी चुंगी स्थित एक निजी अस्पताल मेें रविवार देर रात इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
यह देख अस्पताल प्रशासन ने शव को बाहर रखकर गेट बंद कर लिया। तीमारदारों ने इसकी सूचना पुुलिस को दी। पुलिस के आने तक गेट के बाहर एंबुुलेंस में चार घंटे शव पड़ा रहा। काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने तीमारदारों को समझा कर बिना पोस्टमार्टम कराए शव के साथ भेज दिया।
सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम भकुराई निवासी रीना (25) ने पांच दिन पूर्व सीएचसी में बच्चे को जन्म दिया था। शनिवार को घर मेें उसे अचानक रक्तश्राव होने लगा। पति छोटू के मुताबिक उसने गांव की आशा कार्यकर्ता से संपर्क किया।
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आशा कार्यकर्ता ने जिला महिला अस्पताल ले जाने की बजाए रीना को सांडी चुुंगी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां पर रविवार की रात करीब 8 बजे रीना की मौत हो गई।
रीना की मौत होने पर तीमारदारों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतनेे का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे, अप्रशिक्षित कर्मचारियों ने रीना का इलाज किया। इससे उसकी मौत हो गई।
परिजनों के हंगामा करने पर अस्पताल प्रशासन ने शव बाहर रख कर गेट मेें ताला लगा लिया। तीमारदारों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। राधानगर चुंगी से चंद कदम दूरी से पुलिस को आने में लगभग चार घंटे लग गए।
इस दौरान महिला का शव एंबुलेंस में पड़ा रहा। पुलिस ने तीमारदारों पर शव लेकर जाने का दबाव बनाया, लेकिन तीमारदार कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
सूचना मिलने पर पहुंचे कोतवाल ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद बिना पोस्टमार्टम कराए शव के साथ परिजन को भेज दिया। कोतवाल बृजेश मिश्रा ने बताया कि खून की कमी से महिला की मौत हुई थी। परिजन शव लेकर घर चले गए थे।
रोते रह तीमारदार, पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद
निजी अस्पताल में महिला की मौत होने के बाद तीमारदारों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी एक न सुनी, उन्हें धमकाकर शव ले जाने का दबाव बनाया। पीड़ितों ने पुलिसकर्मियों की साठगांठ से अस्पताल चलाए जाने की बात कही।
अस्पताल गेट पर लिखे डॉक्टरों के नाम, मौके पर कोई नहीं
शहर में गली-मोहल्लों में खुले निजी अस्पताल में इलाज के नाम पर मौत बांटी जा रही है। इन्हीं अस्पतालों में एक सांडी चुंगी का यह अस्पताल भी है। यहां पर अस्पताल गेट पर डॉक्टरों की लिस्ट लगी है। जिसमें लगभग 6 डॉक्टरों के नाम हैं, लेकिन यह डॉक्टर कब अस्पताल आते हैं यह बात मरीजों के तीमारदारों को नहीं पता है। यहां अप्रशिक्षित कर्मचारी प्रसव कराते हैं। जिससे आए दिन मौतें हो रहीं हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा अंजान बना हुआ है।
इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत का मामला आपके द्वारा संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराएंगे यदि नियम विरुद्घ कोई कार्य किया गया है तो संबंधित आशा व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुशील कुमार, प्रभारी एसीएमओ, हरदोई
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यह देख अस्पताल प्रशासन ने शव को बाहर रखकर गेट बंद कर लिया। तीमारदारों ने इसकी सूचना पुुलिस को दी। पुलिस के आने तक गेट के बाहर एंबुुलेंस में चार घंटे शव पड़ा रहा। काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने तीमारदारों को समझा कर बिना पोस्टमार्टम कराए शव के साथ भेज दिया।
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सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम भकुराई निवासी रीना (25) ने पांच दिन पूर्व सीएचसी में बच्चे को जन्म दिया था। शनिवार को घर मेें उसे अचानक रक्तश्राव होने लगा। पति छोटू के मुताबिक उसने गांव की आशा कार्यकर्ता से संपर्क किया।
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आशा कार्यकर्ता ने जिला महिला अस्पताल ले जाने की बजाए रीना को सांडी चुुंगी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां पर रविवार की रात करीब 8 बजे रीना की मौत हो गई।
रीना की मौत होने पर तीमारदारों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतनेे का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे, अप्रशिक्षित कर्मचारियों ने रीना का इलाज किया। इससे उसकी मौत हो गई।
परिजनों के हंगामा करने पर अस्पताल प्रशासन ने शव बाहर रख कर गेट मेें ताला लगा लिया। तीमारदारों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। राधानगर चुंगी से चंद कदम दूरी से पुलिस को आने में लगभग चार घंटे लग गए।
इस दौरान महिला का शव एंबुलेंस में पड़ा रहा। पुलिस ने तीमारदारों पर शव लेकर जाने का दबाव बनाया, लेकिन तीमारदार कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
सूचना मिलने पर पहुंचे कोतवाल ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद बिना पोस्टमार्टम कराए शव के साथ परिजन को भेज दिया। कोतवाल बृजेश मिश्रा ने बताया कि खून की कमी से महिला की मौत हुई थी। परिजन शव लेकर घर चले गए थे।
रोते रह तीमारदार, पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद
निजी अस्पताल में महिला की मौत होने के बाद तीमारदारों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी एक न सुनी, उन्हें धमकाकर शव ले जाने का दबाव बनाया। पीड़ितों ने पुलिसकर्मियों की साठगांठ से अस्पताल चलाए जाने की बात कही।
अस्पताल गेट पर लिखे डॉक्टरों के नाम, मौके पर कोई नहीं
शहर में गली-मोहल्लों में खुले निजी अस्पताल में इलाज के नाम पर मौत बांटी जा रही है। इन्हीं अस्पतालों में एक सांडी चुंगी का यह अस्पताल भी है। यहां पर अस्पताल गेट पर डॉक्टरों की लिस्ट लगी है। जिसमें लगभग 6 डॉक्टरों के नाम हैं, लेकिन यह डॉक्टर कब अस्पताल आते हैं यह बात मरीजों के तीमारदारों को नहीं पता है। यहां अप्रशिक्षित कर्मचारी प्रसव कराते हैं। जिससे आए दिन मौतें हो रहीं हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा अंजान बना हुआ है।
इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत का मामला आपके द्वारा संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराएंगे यदि नियम विरुद्घ कोई कार्य किया गया है तो संबंधित आशा व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुशील कुमार, प्रभारी एसीएमओ, हरदोई