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बालामाऊ की जनता ने अब तक महिलाओं को नहीं चुना
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हरदोई। बालामऊ विधानसभा सीट परिसीमन के बाद वर्ष 2012 में अस्तित्व में आई थी। इस सीट पर अब तक 2 बार चुनाव हो चुके हैं। इसमें किसी भी महिला को प्रतिनिधित्व का मौका नहीं मिला है।
बालामऊ सीट से सपा और बसपा से महिलाएं मैदान में उतर चुकी है, लेकिन यह महिलाएं जीत नहीं हासिल कर सकीं। इस सीट पर तीसरी बार चुनाव होने जा रहा हैं।
2012 में पहले विधायक सपा से अनिल वर्मा बने। इसके बाद वर्ष 2017 के चुनाव में ये सीट बीजेपी के खाते में चली गई। यहां से बीजेपी से रामपाल वर्मा चुनाव जीत कर विधायक बने।
वर्ष 2017 में सपा ने महिला प्रत्याशी सुशीला सरोज और बसपा ने नीलू सत्यार्थी को चुनाव मैदान में उतारा लेकिन दोनों ही महिला प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा था। इस बार किसी भी प्रमुख दल ने महिला प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा है।
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बालामऊ सीट से सपा और बसपा से महिलाएं मैदान में उतर चुकी है, लेकिन यह महिलाएं जीत नहीं हासिल कर सकीं। इस सीट पर तीसरी बार चुनाव होने जा रहा हैं।
2012 में पहले विधायक सपा से अनिल वर्मा बने। इसके बाद वर्ष 2017 के चुनाव में ये सीट बीजेपी के खाते में चली गई। यहां से बीजेपी से रामपाल वर्मा चुनाव जीत कर विधायक बने।
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वर्ष 2017 में सपा ने महिला प्रत्याशी सुशीला सरोज और बसपा ने नीलू सत्यार्थी को चुनाव मैदान में उतारा लेकिन दोनों ही महिला प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा था। इस बार किसी भी प्रमुख दल ने महिला प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा है।
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