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स्वास्थ्य उपकेंद्र पर ताला, नहीं मिल रही दवाएं
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बिलग्राम। गांव बरगावां स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका रहता है। यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मी कभी कभार ही आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां दवाएं भी उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में उन लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बताया कि स्वास्थ्य केंद्र के आस पास साफ सफाई न होने से वहां गंदगी के ढेर लग गए हैं।
ग्राम सभा में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र का हाल ही में जीर्णोद्धार कराया गया है। इसके बाद इसे आयुष्मान भारत उपकेंद्र नाम दिया गया है। यहां एक महिला स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती है।
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महिला स्वास्थ्य कर्मी कभी कभार आने के कारण अधिकांश यहां ताला लगा रहता है। यहां दवाओं का भी अभाव है। साफ सफाई न होने के कारण आस पास गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना संक्रमण समेत इस समय अन्य संक्रामक रोग भी जोर पकड़ चुके हैं। गांव में कई लोग जुकाम व बुखार जैसे रोग से पीड़ित हैं।
यहां स्वास्थ्य उपकेंद्र होने के बाद भी उन्हें सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। दवा व चिकित्सीय परामर्श लेने के लिए लोगों को बिलग्राम व हरदोई की दौड़ लगानी पड़ती है।
प्रधान प्रतिनिधि राकेश कुमार यादव ने बताया कि गांव में उपकेंद्र होने के बाद भी ग्रामीणों को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। एक माह के अंदर गांव में कई लोगों की मौत हो चुकी है।
कई लोगों को दवा लेने के लिए बिलग्राम और शहर जाना पड़ता है। जल्द ही वह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिलकर व्यवस्था में सुधार कराए जाने की मांग करेंगे।
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ऐसे में उन लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बताया कि स्वास्थ्य केंद्र के आस पास साफ सफाई न होने से वहां गंदगी के ढेर लग गए हैं।
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ग्राम सभा में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र का हाल ही में जीर्णोद्धार कराया गया है। इसके बाद इसे आयुष्मान भारत उपकेंद्र नाम दिया गया है। यहां एक महिला स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती है।
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महिला स्वास्थ्य कर्मी कभी कभार आने के कारण अधिकांश यहां ताला लगा रहता है। यहां दवाओं का भी अभाव है। साफ सफाई न होने के कारण आस पास गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना संक्रमण समेत इस समय अन्य संक्रामक रोग भी जोर पकड़ चुके हैं। गांव में कई लोग जुकाम व बुखार जैसे रोग से पीड़ित हैं।
यहां स्वास्थ्य उपकेंद्र होने के बाद भी उन्हें सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। दवा व चिकित्सीय परामर्श लेने के लिए लोगों को बिलग्राम व हरदोई की दौड़ लगानी पड़ती है।
प्रधान प्रतिनिधि राकेश कुमार यादव ने बताया कि गांव में उपकेंद्र होने के बाद भी ग्रामीणों को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। एक माह के अंदर गांव में कई लोगों की मौत हो चुकी है।
कई लोगों को दवा लेने के लिए बिलग्राम और शहर जाना पड़ता है। जल्द ही वह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिलकर व्यवस्था में सुधार कराए जाने की मांग करेंगे।