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कोविड ने किया अनाथ, %बाल स्वराज देगा बच्चों का साथ
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हरदोई। पहले कोथावां ब्लाक चार बच्चों को कोरोना ने अनाथ कर दिया तो अब बिलग्राम में चार बच्चों के पिता को कोरोना ने काल के गाल में समा दिया और बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया।
जिले के इन आठ चिह्नित बच्चों को बाल स्वराज पोर्टल सहारा देगा। जिला प्रशासन ने तत्काल इन आठों बच्चों का डाटा पोर्टल के लिंक कोविड केयर पर फीड करा दिया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि पोर्टल पर फीड प्रत्येक पीड़ित बच्चे को प्रदेश व केंद्र से सहयोग प्रदान किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने प्रशासन को दिशा निर्देश जारी किए गए थे कि यदि कोरोना काल में ऐसे कोई बच्चे हों जो बेसहारा हों। माता पिता न हों या फिर कोरोना काल में दोनों की या किसी एक की मौत हुई हो तो उन्हें चिह्नित किया जाए।
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इस क्रम में प्रोबेशन विभाग ने अन्य विभागों की मदद से इस ओर लगातार पड़ताल कर रहा है। 23 मई को प्रोबेशन विभाग को कोथावां ब्लाक के ग्राम पंचायत श्यामपुर के ग्राम गोविंदपुर में चार बच्चे अनाथ मिले थे।
इनके पिता नंदनाल की मृत्यु एक साल पहले कोरोना काल में हुई थी। उनकी पत्नी प्रेमा की मृत्यु भी दो साल पहले हो चुकी है। चार बच्चे 15 वर्षीय रितु, 13 वर्षीय राजेश, 10 वर्षीय सचिन एवं छह वर्षीय पुत्री रीना है।
इनको लेकर निदेशालय में उनका डाटा भेज दिया गया था। इसके बाद भी विभाग की पड़ताल लगातार जारी रही। जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि शनिवार को बिलग्राम कस्बे में भी चार बेसहारा बच्चों के बारे में सूचना मिली।
पता चला कि मजदूरी करने वाले दीपक कुमार सोनी की मृत्यु भी कोरोना से हो गई। जिसके बाद तीन बालिकाओं व एक बालक की पूरी जिम्मेदारी मां रीता पर आ गई।
इन बच्चों सहित पूर्व के चार बच्चों को मिलाकर आठ बच्चों की फीडिंग निदेशालय को भेजने के साथ ही बाल स्वराज पोर्टल पर भी फीड कर दिया गया है।
पालेगी पोसेगी बाल सेवा योजना
जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि पोर्टल पर फीड बच्चों को लाभ देने के लिए योगी सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की है। जिसमें माता पिता में से एक या दोनों की कोरोना से मृत्यु के बाद अनाथ बच्चों को पालने वालों को चार हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा अनाथ बच्चों को शिशु गृह में, बालिकाओं को कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षा मिलेगी।
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जिले के इन आठ चिह्नित बच्चों को बाल स्वराज पोर्टल सहारा देगा। जिला प्रशासन ने तत्काल इन आठों बच्चों का डाटा पोर्टल के लिंक कोविड केयर पर फीड करा दिया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि पोर्टल पर फीड प्रत्येक पीड़ित बच्चे को प्रदेश व केंद्र से सहयोग प्रदान किया जाएगा।
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प्रदेश सरकार ने प्रशासन को दिशा निर्देश जारी किए गए थे कि यदि कोरोना काल में ऐसे कोई बच्चे हों जो बेसहारा हों। माता पिता न हों या फिर कोरोना काल में दोनों की या किसी एक की मौत हुई हो तो उन्हें चिह्नित किया जाए।
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इस क्रम में प्रोबेशन विभाग ने अन्य विभागों की मदद से इस ओर लगातार पड़ताल कर रहा है। 23 मई को प्रोबेशन विभाग को कोथावां ब्लाक के ग्राम पंचायत श्यामपुर के ग्राम गोविंदपुर में चार बच्चे अनाथ मिले थे।
इनके पिता नंदनाल की मृत्यु एक साल पहले कोरोना काल में हुई थी। उनकी पत्नी प्रेमा की मृत्यु भी दो साल पहले हो चुकी है। चार बच्चे 15 वर्षीय रितु, 13 वर्षीय राजेश, 10 वर्षीय सचिन एवं छह वर्षीय पुत्री रीना है।
इनको लेकर निदेशालय में उनका डाटा भेज दिया गया था। इसके बाद भी विभाग की पड़ताल लगातार जारी रही। जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि शनिवार को बिलग्राम कस्बे में भी चार बेसहारा बच्चों के बारे में सूचना मिली।
पता चला कि मजदूरी करने वाले दीपक कुमार सोनी की मृत्यु भी कोरोना से हो गई। जिसके बाद तीन बालिकाओं व एक बालक की पूरी जिम्मेदारी मां रीता पर आ गई।
इन बच्चों सहित पूर्व के चार बच्चों को मिलाकर आठ बच्चों की फीडिंग निदेशालय को भेजने के साथ ही बाल स्वराज पोर्टल पर भी फीड कर दिया गया है।
पालेगी पोसेगी बाल सेवा योजना
जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि पोर्टल पर फीड बच्चों को लाभ देने के लिए योगी सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की है। जिसमें माता पिता में से एक या दोनों की कोरोना से मृत्यु के बाद अनाथ बच्चों को पालने वालों को चार हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा अनाथ बच्चों को शिशु गृह में, बालिकाओं को कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षा मिलेगी।