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hardoi news, गोशाला बनने से पहले ही बंद हो गये कांजी हाउस !

Wed, 06 Jul 2022 11:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jul 2022 11:09 PM IST
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hardoi news, Kanji House, the home of the voiceless, closed
फोटो- 25- बावन रोड स्थित कांजी हाउस में बनी चन्नी । - फोटो : HARDOI
हरदोई। जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों में कान्हा गोशाला स्थापित करने के निर्देश हैं। इसके बाद भी अधिकांश स्थानों पर गोशालाएं अब तक नहीं बन सकी हैं। वहीं, निकाय प्रशासन ने कांजी हाउस बंद करा दिए। इससे नगरीय इलाकों में आवारा मवेशी बढ़ गए हैं।
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45 लाख की आबादी वाले जिले में सात नगर पालिका व छह नगर पंचायतें हैं। नगरीय क्षेत्रों की आबादी करीब 11 लाख है। नगरीय क्षेत्रों को आवारा मवेशियों से मुक्त रखने के लिए कांजी हाउस के संचालन की व्यवस्था शासन ने की थी।
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हरदोई शहर में पिछले लंबे समय कांजी हाउस का संचालन हो रहा था। इसे कुछ वर्ष पहले बावन रोड पर शिफ्ट किया गया था। इस बीच बदले सूबे के निजाम ने नगरों से लेकर गांवों तक गोशालाओं की स्थापना कराने का निर्णय लिया।
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इसके बाद से कांजी हाउस को बंद कर दिया गया। इसके बंद होने के बाद से शहर में घूमने वाले बेसहारा पशुओं के कारण दुकानदार और आम नागरिक परेशान हो रहे हैं। यह शहर की बड़ी समस्या बन गई है।
कांजी हाउस बंद होने से पशु शहर के अंदर चौक, चौराहों पर बैठते हैं। कान्हा गोशाला अब तक नहीं बनने के कारण नगर पालिका भी पशुओं को पकड़ने का कोई प्रयास नहीं कर रही।
सड़कों पर होने वाले मवेशियों के हुड़दंग के दौरान आए दिन नागरिक और दोपहिया वाहन चालक इनकी चपेट में आकर घायल हो रहे हैं। यह समस्या शहर में विगत कई सालों से बनी हुई है।
जब कांजी हाउस का संचालन होता था, तो शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नुकसान पहुंचाने वाले मवेशियों को पकड़कर यहां सौंप जाते थे। जब इन मवेशियों के मालिक अपने मवेशी लेने पहुंचते थे तो उन्हें जुर्माना भरना पड़ता था।
इसलिए उस दौरान लोग अपने मवेशियों को खुला नहीं छोड़ते थे। जबसे कांजी हाउस बंद हुआ है, तब से मवेशी मालिकों पर खौफ खत्म हो गया है। वह अपने पालतू पशु खुला छोड़ देते हैं।
कांजी हाउस और गोशाला में अंतर
निकाय अफसरों का कहना है कि कांजी हाउस और कान्हा गोशाला में बड़ा अंतर है। कांजी हाउस में आवारा मवेशियों को बंद किया जाता था। पशुपालकों पर जुर्माना लगाकर उन्हें छोड़ा जाता था।
इसके लिए छोटी सी जगह से काम चल जाता था, लेकिन गोशाला के लिए ज्यादा स्थान चाहिए। कम से कम 200 मवेशियों के आश्रय की व्यवस्था के लिए टिन शेड, पानी, चारा की व्यवस्था करनी है।
इसलिए भूमि काफी ज्यादा चाहिए। नगर पालिका ईओ रविशंकर ने बताया कि कांजी हाउस काफी पहले बंद हो चुके हैं। गोशाला के निर्माण के लिए भूमि की व्यवस्था करा रहे हैं। शहर में आवारा घूमने वाले मवेशियों को पकड़ कर पास की ग्रामीण क्षेत्र की गोशाला में भेज दिया जाता है ।

नगरीय क्षेत्र
सांडी नगर पालिका
शाहाबाद नगर पालिका
संडीला नगर पालिका
बिलग्राम नगर पालिका
मल्लावां नगर पालिका
पाली नगर पंचायत
माधौगंज नगर पंचायत
कुरसठ नगर पंचायत
कछौना नगर पंचायत
बेनीगंज नगर पंचायत
गोपामऊ नगर पंचायत
वर्जन
कांजी हाउस का संचालन काफी समय पहले बंद हो चुका है। उनके स्थान पर कान्हा गोशालाओं का संचालन करना है। नगरीय क्षेत्रों में गोशाला के लिए अधिकांश स्थानों पर भूमि चयन का कार्य पूूूरा कर लिया गया है। सभी स्थानों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। - वंदना त्रिवेदी, एडीएम एवं नोडल अधिकारी नगरीय निकाय क्षेत्र
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