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बच्चों में बढ़ने लगा डायरिया और बुखार का प्रकोप
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हरदोई। पिछले कुछ दिन से लगातार बढ़ रहा तापमान लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने गला है। इसमें बड़ों की तुलना में बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
बालरोग विभाग की ओपीडी में डायरिया व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपने नौनिहालों के खानपान आदि में अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से डायरिया व तेज बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। औसतन रोज डायरिया के चार और तेज बुखार के आठ बच्चे आ रहे हैं।
इसका कारण तापमान का तेजी से बढ़ना है। डॉक्टर ने बताया कि संक्रामक रोग बढ़ने का कारण संक्रमण है। डॉक्टर ने बताया कि बच्चों को इन बीमारियों से बचाव के लिए बासी खाना नहीं खाएं।
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छोटे बच्चों में बीमारी का कारण बाटल से दूध पिलाना है। क्योंकि बोतल पर मक्खियां बैठती हैं। प्रयास करें कि बोतल का प्रयोग नहीं करना पड़े, प्रयास करें कि स्टील के बर्तन व चम्मच से ही दूध पिलाएं। पानी की कमी नहीं होने दें, पानी की कमी होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं।
दो मरीजों में हीट स्ट्रोक के लक्षण मिले
सुरसा ब्लाक के कमरौली निवासी अभय वर्मा (5) पुत्र नीरज को कई दिन से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को तेज बुखार आने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए।
जहां पर हीट स्ट्रोक के लक्षण मिलने पर डॉक्टर ने अभय को भर्ती कर ब्लड की जांच के लिए सैंपल भेजा है। इसके अलावा बघौली के गोड़ाधार निवासी शोभा देवी (55) को शुक्रवार को तेज बुखार आया था।
परिजन उसे जिला अस्पताल लाए थे, जहां पर हीट स्ट्रोक के लक्षण मिलने पर डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर जांच के लिए ब्लड का सैंपल भेजा है।
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बालरोग विभाग की ओपीडी में डायरिया व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपने नौनिहालों के खानपान आदि में अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से डायरिया व तेज बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। औसतन रोज डायरिया के चार और तेज बुखार के आठ बच्चे आ रहे हैं।
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इसका कारण तापमान का तेजी से बढ़ना है। डॉक्टर ने बताया कि संक्रामक रोग बढ़ने का कारण संक्रमण है। डॉक्टर ने बताया कि बच्चों को इन बीमारियों से बचाव के लिए बासी खाना नहीं खाएं।
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छोटे बच्चों में बीमारी का कारण बाटल से दूध पिलाना है। क्योंकि बोतल पर मक्खियां बैठती हैं। प्रयास करें कि बोतल का प्रयोग नहीं करना पड़े, प्रयास करें कि स्टील के बर्तन व चम्मच से ही दूध पिलाएं। पानी की कमी नहीं होने दें, पानी की कमी होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं।
दो मरीजों में हीट स्ट्रोक के लक्षण मिले
सुरसा ब्लाक के कमरौली निवासी अभय वर्मा (5) पुत्र नीरज को कई दिन से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को तेज बुखार आने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए।
जहां पर हीट स्ट्रोक के लक्षण मिलने पर डॉक्टर ने अभय को भर्ती कर ब्लड की जांच के लिए सैंपल भेजा है। इसके अलावा बघौली के गोड़ाधार निवासी शोभा देवी (55) को शुक्रवार को तेज बुखार आया था।
परिजन उसे जिला अस्पताल लाए थे, जहां पर हीट स्ट्रोक के लक्षण मिलने पर डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर जांच के लिए ब्लड का सैंपल भेजा है।