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सोमवार को भी टेबलों पर वोटों की खटखट, प्रत्याशियों की जारी रही धकधक
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हरदोई। रविवार की सुबह से जारी हुई मतगणना जिले के समस्त 19 मतगणना स्थलों पर सोमवार दोपहर बाद तक जारी रही। जिसके चलते मतगणना टेबलों पर वोटों की खटखट जारी रही। वहीं बैलेट पेपर कम ज्यादा देखकर प्रत्याशियों के दिलों की धड़कने भी बढ़ती घटती रही। आइए आपको दिखाते हैं कि मतगणना केंद्रों पर दूसरे दिन किस तरह के दृश्य दिखे....
मतगणना के दूसरे दिन मतगणना केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर कोविड की एंटीजन जांच की भी शुरुआत कर दी गई। शंका होने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने मतगणना कार्मिकों व अन्य पुलिस कर्मियों की एंटीजन जांच भी की।
पॉलिटेक्निक केंद्र पर तीसरी शिफ्ट में भी मतगणना जारी रही। मतगणना कक्ष में रविवार की अपेक्षा सोमवार को कुछ सीटों की गिनती शेष रह जाने के कारण अभिकर्ताओं व प्रत्याशियों की संख्या कुछ कम रही लेकिन प्रत्याशी व अभिकर्ता पूरी मतगणना भर टेबल पर हो रही मतगणना पर टकटकी लगाए रहे।
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जीतने के बाद भी प्रत्याशियों को मतगणना स्थल पर काफी वक्त देना पड़ गया। देर रात में एक बार विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्रों का वितरण कर दिया गया था लेकिन देर रात से सुबह तक निर्वाचित घोषित हुए प्रत्याशियों को प्रमाण पत्रों का वितरण नहीं किया जा सकता। जिसके चलते सुबह इन प्रत्याशियों व अभिकर्ताओं की भीड़ आरओ टेबल पर नजर आई और प्रमाण पत्र बनवाने की मांग करते देखे गए।
भले ही चुनाव जीतने के बाद महिला प्रत्याशी प्रधान बन गई हों, पर जीतने का प्रमाण पत्र पाने के लिए महिला प्रत्याशियों को घंटों पॉलिटेक्निक केंद्र में इंतजार करना पड़ा। अधिकांश महिला प्रत्याशी जमीन पर बैठकर ही अपनी बारी का इंतजार करतीं दिखीं। जीतीं महिला प्रत्याशियों ने बताया कि जीत तो रात में ही गए थे पर प्रमाण पत्र अभी तक नहीं मिला। पूछने पर कोई जवाब नहीं मिल रहा।
पॉलीटेक्निक मतगणना कक्ष से खाली होकर बाहर निकाली जाने वाली मतपेटिकाओं को भी एक अलग कमरे में बाकायदा रखा गया। आयोग के निर्देश थे कि खाली मतपेटिकाओं को भी एक अलग कमरे में सुरक्षित रखा जाए ताकि इनके दुरुपयोग का कहीं से प्रश्र न रहे और न ही कोई आरोप लगा सके।
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मतगणना के दूसरे दिन मतगणना केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर कोविड की एंटीजन जांच की भी शुरुआत कर दी गई। शंका होने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने मतगणना कार्मिकों व अन्य पुलिस कर्मियों की एंटीजन जांच भी की।
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पॉलिटेक्निक केंद्र पर तीसरी शिफ्ट में भी मतगणना जारी रही। मतगणना कक्ष में रविवार की अपेक्षा सोमवार को कुछ सीटों की गिनती शेष रह जाने के कारण अभिकर्ताओं व प्रत्याशियों की संख्या कुछ कम रही लेकिन प्रत्याशी व अभिकर्ता पूरी मतगणना भर टेबल पर हो रही मतगणना पर टकटकी लगाए रहे।
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जीतने के बाद भी प्रत्याशियों को मतगणना स्थल पर काफी वक्त देना पड़ गया। देर रात में एक बार विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्रों का वितरण कर दिया गया था लेकिन देर रात से सुबह तक निर्वाचित घोषित हुए प्रत्याशियों को प्रमाण पत्रों का वितरण नहीं किया जा सकता। जिसके चलते सुबह इन प्रत्याशियों व अभिकर्ताओं की भीड़ आरओ टेबल पर नजर आई और प्रमाण पत्र बनवाने की मांग करते देखे गए।
भले ही चुनाव जीतने के बाद महिला प्रत्याशी प्रधान बन गई हों, पर जीतने का प्रमाण पत्र पाने के लिए महिला प्रत्याशियों को घंटों पॉलिटेक्निक केंद्र में इंतजार करना पड़ा। अधिकांश महिला प्रत्याशी जमीन पर बैठकर ही अपनी बारी का इंतजार करतीं दिखीं। जीतीं महिला प्रत्याशियों ने बताया कि जीत तो रात में ही गए थे पर प्रमाण पत्र अभी तक नहीं मिला। पूछने पर कोई जवाब नहीं मिल रहा।
पॉलीटेक्निक मतगणना कक्ष से खाली होकर बाहर निकाली जाने वाली मतपेटिकाओं को भी एक अलग कमरे में बाकायदा रखा गया। आयोग के निर्देश थे कि खाली मतपेटिकाओं को भी एक अलग कमरे में सुरक्षित रखा जाए ताकि इनके दुरुपयोग का कहीं से प्रश्र न रहे और न ही कोई आरोप लगा सके।