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दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कारावास
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हरदोई। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट महिला के न्यायाधीश हेमेंद्र कुमार ने दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड अदा न करने की दशा में आरोपी को चार माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की 80 फीसदी राशि पीड़िता को देने का आदेश न्यायाधीश ने दिया है।
बेनीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि 30 अगस्त 2011 को उसकी बेटी को गांव की तारावती उर्फ बन्नौ शौच कराने के बहाने घर से लेकर गई थी।
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इसके बाद बेटी वापस नहीं आई तो उसकी तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला। इसकी सूचना पुलिस को दी थी। 4 सितंबर 2011 को बेटी ममरेजपुर गांव निवासी विनोद के घर मिली थी।
पुलिस को बेटी ने बताया कि गांव के रामू ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अपने रिश्तेदार विनोद के घर ले आया था। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने रामू समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी शासकीय अधिवक्ता अमलेंद्र सिंह ने की।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज हेमेंद्र कुमार ने रामू को दोषी मानते हुए 10 वर्ष का कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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अर्थदंड अदा न करने की दशा में आरोपी को चार माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की 80 फीसदी राशि पीड़िता को देने का आदेश न्यायाधीश ने दिया है।
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बेनीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि 30 अगस्त 2011 को उसकी बेटी को गांव की तारावती उर्फ बन्नौ शौच कराने के बहाने घर से लेकर गई थी।
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इसके बाद बेटी वापस नहीं आई तो उसकी तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला। इसकी सूचना पुलिस को दी थी। 4 सितंबर 2011 को बेटी ममरेजपुर गांव निवासी विनोद के घर मिली थी।
पुलिस को बेटी ने बताया कि गांव के रामू ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अपने रिश्तेदार विनोद के घर ले आया था। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने रामू समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी शासकीय अधिवक्ता अमलेंद्र सिंह ने की।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज हेमेंद्र कुमार ने रामू को दोषी मानते हुए 10 वर्ष का कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।