{"_id":"62ebff68fe1eb83bf76d66a4","slug":"hardoi-increased-water-level-of-ganga-harvesting-started-near-rameshwarpurwa-hardoi-news-knp7112180169","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरदोईः गंगा का बढ़ा जलस्तर, रामेश्वरपुरवा के पास कटान शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदोईः गंगा का बढ़ा जलस्तर, रामेश्वरपुरवा के पास कटान शुरू
विज्ञापन
फोटो-11- मिट्टी क़ो काटता गंगा का पानी
- फोटो : HARDOI
हरदोई/ बिलग्राम। बिलग्राम स्थित राजघाट पर लगे गेज में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को गेज का जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 1.32 मीटर नीचे रह गया है।
राहत की बात यह है कि गंगा अभी आबादी से दूर हैं, लेकिन चिंता यह है कि रामेश्वरपुरवा के पास गंगा के पानी से कृषि योग्य भूमि का कटान शुरू हो गया है। बढ़ते जलस्तर के बीच गुरुवार को दो अलग-अलग बांधों से गंगा में 1,27,070 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बांधों से पानी छोड़े जाने से बिलग्राम क्षेत्र में गंगा का जलस्तर पिछले कई दिन से लगातार बढ़ रहा है। राजघाट के आसपास गई स्थानों पर गंगा ने कटान शुरू कर दी है।
विज्ञापन
गंगा का जल स्तर अभी भी राजघाट स्थित गेज सेंटर पर चेतावनी बिंदु 125.310 मीटर की तुलना में 123.99 मीटर पर है। जो कि 1.32 मीटर दूर है। फिलहाल गंगा के बढ़ते जलस्तर से आसपास के किसान चिंतित हैं।
उनकी चिंता का कारण घर नहीं बल्कि उनके खेत हैं। कटरी परसोला के मजरा रामेश्वरपुरवा में कटान रोकने के लिए लगाई गईं बोरिया गुरुवार को डूब गईं। इसके साथ ही थोड़ा बहुत कटान भी हुआ है।
बता दें कि जब भी बाढ़ आती है, तो इस गांव के लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। कटरी परसोला के प्रधान पति विनोद राजपूत बताते हैं कि कई वर्षों से मक्कू पुरवा, रामेश्वर पुरवा से ही कटान शुरू होती है। जो कि इस बार भी शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही गंगा का दायरा बढ़ना शुरू हो गया है।
गंगा के पानी को रोकने के लिए लगीं बोरियां डूबना स्वाभाविक है। इससे चिंतित होने की जरूरत नहीं है। - अखिलेश गौतम अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
मौके पर जाकर स्थिति देखी है। जलस्तर थोड़ा बढ़ा है, लेकिन अभी परेशानी की बात नहीं है। एहतियात के तौर पर बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीण सतर्क रहें। प्रशासन की तरफ से उन्हें सुरक्षित रखने की तैयारियां मुकम्मल हैं। - राहुल कश्यप विश्वकर्मा, उपजिलाधिकारी
नदी का नाम- गंगा
गेज स्थल- बिलग्राम में राजघाट
अधिकतम लेवल - 126.490 मीटर
डेंजर लेवल - 125.81 मीटर
चेतावनी बिंदु -125.310 मीटर
वर्तमान स्थिति -123.99 मीटर
चेतावनी बिंदु से दूरी- 1.32 मीटर
गंगा में कितना पानी छोड़ा गया
हरिद्वार से- 81490 क्यूसेक
नरौरा से- 45580 क्यूसेक
विज्ञापन
राहत की बात यह है कि गंगा अभी आबादी से दूर हैं, लेकिन चिंता यह है कि रामेश्वरपुरवा के पास गंगा के पानी से कृषि योग्य भूमि का कटान शुरू हो गया है। बढ़ते जलस्तर के बीच गुरुवार को दो अलग-अलग बांधों से गंगा में 1,27,070 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
विज्ञापन
बांधों से पानी छोड़े जाने से बिलग्राम क्षेत्र में गंगा का जलस्तर पिछले कई दिन से लगातार बढ़ रहा है। राजघाट के आसपास गई स्थानों पर गंगा ने कटान शुरू कर दी है।
विज्ञापन
गंगा का जल स्तर अभी भी राजघाट स्थित गेज सेंटर पर चेतावनी बिंदु 125.310 मीटर की तुलना में 123.99 मीटर पर है। जो कि 1.32 मीटर दूर है। फिलहाल गंगा के बढ़ते जलस्तर से आसपास के किसान चिंतित हैं।
उनकी चिंता का कारण घर नहीं बल्कि उनके खेत हैं। कटरी परसोला के मजरा रामेश्वरपुरवा में कटान रोकने के लिए लगाई गईं बोरिया गुरुवार को डूब गईं। इसके साथ ही थोड़ा बहुत कटान भी हुआ है।
बता दें कि जब भी बाढ़ आती है, तो इस गांव के लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। कटरी परसोला के प्रधान पति विनोद राजपूत बताते हैं कि कई वर्षों से मक्कू पुरवा, रामेश्वर पुरवा से ही कटान शुरू होती है। जो कि इस बार भी शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही गंगा का दायरा बढ़ना शुरू हो गया है।
गंगा के पानी को रोकने के लिए लगीं बोरियां डूबना स्वाभाविक है। इससे चिंतित होने की जरूरत नहीं है। - अखिलेश गौतम अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
मौके पर जाकर स्थिति देखी है। जलस्तर थोड़ा बढ़ा है, लेकिन अभी परेशानी की बात नहीं है। एहतियात के तौर पर बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीण सतर्क रहें। प्रशासन की तरफ से उन्हें सुरक्षित रखने की तैयारियां मुकम्मल हैं। - राहुल कश्यप विश्वकर्मा, उपजिलाधिकारी
नदी का नाम- गंगा
गेज स्थल- बिलग्राम में राजघाट
अधिकतम लेवल - 126.490 मीटर
डेंजर लेवल - 125.81 मीटर
चेतावनी बिंदु -125.310 मीटर
वर्तमान स्थिति -123.99 मीटर
चेतावनी बिंदु से दूरी- 1.32 मीटर
गंगा में कितना पानी छोड़ा गया
हरिद्वार से- 81490 क्यूसेक
नरौरा से- 45580 क्यूसेक

फोटो-12- जलस्तर बढ़ने से डूबे बोरियों के खंभे- फोटो : HARDOI