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हरदोईः यहां जलाई गई थी विदेशी कपड़ों की होली
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फोटो-04- गांधी भवन में लगा शिलापट ।
- फोटो : HARDOI
हरदोई। स्वतंत्रता संग्राम से जिले का नाम जुड़ा है। जिले की सरजमीं से आजादी के लिए जंग लड़ी गई थी। यहां देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों, आंदोलनकारियों, सत्याग्रहियों ने अपनी भूमिका निभाई थी।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हरदोई आकर जिले में आजादी की लड़ाई तेज की थी। शहर स्थित गांधी भवन बापू से जुड़े संस्मरण संजोए है। गांधी भवन परिसर में लगे शिलापट्ट पर बापू के आगमन की यादें हैं।
आजादी की लड़ाई में शहर से चिंगारी उठी थी और अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल बजा था। गांधी जी ने यहां जनसभा की थी। जनसभा में विदेशी कपड़ों की होली जलाते हुए स्वदेशी कपड़ों की बिक्री की गई थी।
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उस बिक्री से एकत्रित धन को आजादी की लड़ाई में लगा दिया गया था। महिलाओं ने आजादी की लड़ाई के लिए उसी जनसभा में अपने आभूषण दान किए थे।
गांधी भवन में एक तरफ जहां भारत माता की लगी हुई मूर्ति और फव्वारे देश की गौरव गाथा की कहानी बयान कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मुख्य द्वार पर लगी बापू की प्रतिमा उनकी याद दिलाती है।
सीएसएन पीजी कॉलेज के इतिहास के प्रवक्ता कृष्णलाल ने बताया कि सन 1928 में साइमन कमीशन के भारत आने के बाद महात्मा गांधी ने पूरे देश में स्वतंत्रता की अलख जगाने के लिए भ्रमण किया था। इसमें 11 अक्तूबर 1929 को गांधी जी हरदोई आए। यहां उन्होंने करीब 4000 लोगों को संबोधित किया था।
स्वतंत्रता मिलने के बाद गांधीजी के भ्रमण स्थलों पर स्मारकों का निर्माण किया गया। सन 1969 में गांधी जी के जन्म शताब्दी वर्ष में संपूर्ण भारत के प्रत्येक जनपद में जन समितियों का गठन किया गया।
इसके तहत हरदोई में भी महात्मा गांधी जन समिति का गठन किया गया। जिसकी अध्यक्षता तात्कालिक जिलाधिकारी एचएल विरदी ने की। इस समिति ने यह निर्णय लिया की गांधी भवन का निर्माण कराया जाएगा, भवन का निर्माण 1972 में पूर्ण हो सका। जिसका रख रखाव महात्मा गांधी जन कल्याण समिति द्वारा किया जा रहा है।
हर शाम रघुपति राघव राजा राम भजन
गांधी भवन सभागार में हर शाम रघुपति राघव राजा राम भजन गाया जाता है। महात्मा गांधी की याद में यहां हर शाम सामाजिक कार्यकर्ता एकत्र होकर प्रार्थना सभा का आयोजन करते हैं।
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हरदोई आकर जिले में आजादी की लड़ाई तेज की थी। शहर स्थित गांधी भवन बापू से जुड़े संस्मरण संजोए है। गांधी भवन परिसर में लगे शिलापट्ट पर बापू के आगमन की यादें हैं।
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आजादी की लड़ाई में शहर से चिंगारी उठी थी और अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल बजा था। गांधी जी ने यहां जनसभा की थी। जनसभा में विदेशी कपड़ों की होली जलाते हुए स्वदेशी कपड़ों की बिक्री की गई थी।
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उस बिक्री से एकत्रित धन को आजादी की लड़ाई में लगा दिया गया था। महिलाओं ने आजादी की लड़ाई के लिए उसी जनसभा में अपने आभूषण दान किए थे।
गांधी भवन में एक तरफ जहां भारत माता की लगी हुई मूर्ति और फव्वारे देश की गौरव गाथा की कहानी बयान कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मुख्य द्वार पर लगी बापू की प्रतिमा उनकी याद दिलाती है।
सीएसएन पीजी कॉलेज के इतिहास के प्रवक्ता कृष्णलाल ने बताया कि सन 1928 में साइमन कमीशन के भारत आने के बाद महात्मा गांधी ने पूरे देश में स्वतंत्रता की अलख जगाने के लिए भ्रमण किया था। इसमें 11 अक्तूबर 1929 को गांधी जी हरदोई आए। यहां उन्होंने करीब 4000 लोगों को संबोधित किया था।
स्वतंत्रता मिलने के बाद गांधीजी के भ्रमण स्थलों पर स्मारकों का निर्माण किया गया। सन 1969 में गांधी जी के जन्म शताब्दी वर्ष में संपूर्ण भारत के प्रत्येक जनपद में जन समितियों का गठन किया गया।
इसके तहत हरदोई में भी महात्मा गांधी जन समिति का गठन किया गया। जिसकी अध्यक्षता तात्कालिक जिलाधिकारी एचएल विरदी ने की। इस समिति ने यह निर्णय लिया की गांधी भवन का निर्माण कराया जाएगा, भवन का निर्माण 1972 में पूर्ण हो सका। जिसका रख रखाव महात्मा गांधी जन कल्याण समिति द्वारा किया जा रहा है।
हर शाम रघुपति राघव राजा राम भजन
गांधी भवन सभागार में हर शाम रघुपति राघव राजा राम भजन गाया जाता है। महात्मा गांधी की याद में यहां हर शाम सामाजिक कार्यकर्ता एकत्र होकर प्रार्थना सभा का आयोजन करते हैं।

फोटो-05- कृष्णलाल, प्रवक्ता, इतिहास सीएसएन कॉलेज- फोटो : HARDOI

फोटो-03- गांधी भवन ।- फोटो : HARDOI