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अफसरों ने पकड़ा फर्जी जॉबकार्ड का खेल
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हरदोई। शाहाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत नस्योली गोपाल में सोशल आडिट के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं मिली हैं। एक ही व्यक्ति के दो-दो जॉबकार्ड बनाकर एक लाख रुपये से अधिक का भुगतान किए जाने के साथ ही पति और पत्नी के एक दर्जन से अधिक फर्जी जॉब कार्ड बनाकर डेढ़ लाख रुपये का भुगतान करने का मामला पकड़ में आया है। इतना ही नहीं एक वर्ष में एक करोड़ रुपये खर्च कर मनरेगा से विकास कार्य कराए गए, लेकिन इनकी कोई भी पत्रावली ग्राम पंचायत के जिम्मेदार सोशल आडिट के दौरान नहीं दिखा पाए।
इन दिनों शाहाबाद विकास खंड की अलग-अलग ग्राम पंचायतों का सोशल ऑडिट किया जा रहा है। शनिवार को शाहाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत नस्योली गोपाल का सोशल ऑडिट किया गया। बीआरपी (ब्लाक रिसोर्स पर्सन) अब्दुल अजीज ने खुली बैठक के दौरान जब सोशल ऑडिट किया तो चौकाने वाली जानकारी सामने आई। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक 12 दंपती के एक दर्जन से अधिक फर्जी जॉबकार्ड बनाकर डेढ़ लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इसी तरह पांच लोगों को दो-दो जॉब कार्ड बनाकर एक लाख रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया गया। खास बात यह है कि एक जॉब कार्ड धारक को तो एक ही तारीख में दो जगह काम करना दर्शा दिया गया। एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान एक ही वित्तीय वर्ष में किया गया लेकिन इसकी कोई पत्रावली ग्राम पंचायत के जिम्मेदार नहीं दिखा पाए। बीआरपी अब्दुल अजीज ने बताया कि रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारी ही करेंगे।
बिना कार्य कराए ही यहां कर दिया गया भुगतान
सोशल ऑडिट की रिपोर्ट के मुताबिक चार कार्य ऐसे हैं जो कराए ही नहीं गए, लेकिन इनके नाम पर भुगतान कर दिया गया।
- आरसीसी से प्रेमचंद्र के मकान तक सीसी रोड के निर्माण पर तीन लाख 29 हजार 646 रुपये का भुगतान किया गया है, लेकिन कार्य नहीं हुआ है।
- सीसीरोड से बृजराज के मकान तक इंटरलॉकिंग कार्य पर तीन लाख 24 हजार 944 रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन यह कार्य भी मौके पर नहीं मिला।
- अमर पाल के मकान से जगपाल के मकान तक इंटरलॉकिंग के कार्य पर तीन लाख 34 हजार आठ सौ रुपये का भुगतान हुआ, लेकिन कार्य नहीं हुआ।
- कुछ कार्यों पर नागरिक सूचना पट (सीआईबी) नहीं लगाए गए ,लेकिन इसके नाम पर 37 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया।
और शुरू हो गई मामले को दबाने की कवायद
ग्राम पंचायत नस्यौली गोपाल में बड़े पैमाने पर मिली वित्तीय अनियमितताओं के बाद मामले को दबाने की कवायद तेजी से शुरू हो गई। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक ऑडिट करने वालों से लेकर उच्चाधिकारियों तक पर राजनीतिक दवाब डाला जा रहा है। विकास महकमे के एक अधिकारी से तो इस मामले को मैनेज करने के लिए भी दो राजनीतिक व्यक्तियों ने कहा है।
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इन दिनों शाहाबाद विकास खंड की अलग-अलग ग्राम पंचायतों का सोशल ऑडिट किया जा रहा है। शनिवार को शाहाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत नस्योली गोपाल का सोशल ऑडिट किया गया। बीआरपी (ब्लाक रिसोर्स पर्सन) अब्दुल अजीज ने खुली बैठक के दौरान जब सोशल ऑडिट किया तो चौकाने वाली जानकारी सामने आई। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक 12 दंपती के एक दर्जन से अधिक फर्जी जॉबकार्ड बनाकर डेढ़ लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इसी तरह पांच लोगों को दो-दो जॉब कार्ड बनाकर एक लाख रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया गया। खास बात यह है कि एक जॉब कार्ड धारक को तो एक ही तारीख में दो जगह काम करना दर्शा दिया गया। एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान एक ही वित्तीय वर्ष में किया गया लेकिन इसकी कोई पत्रावली ग्राम पंचायत के जिम्मेदार नहीं दिखा पाए। बीआरपी अब्दुल अजीज ने बताया कि रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारी ही करेंगे।
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बिना कार्य कराए ही यहां कर दिया गया भुगतान
सोशल ऑडिट की रिपोर्ट के मुताबिक चार कार्य ऐसे हैं जो कराए ही नहीं गए, लेकिन इनके नाम पर भुगतान कर दिया गया।
- आरसीसी से प्रेमचंद्र के मकान तक सीसी रोड के निर्माण पर तीन लाख 29 हजार 646 रुपये का भुगतान किया गया है, लेकिन कार्य नहीं हुआ है।
- सीसीरोड से बृजराज के मकान तक इंटरलॉकिंग कार्य पर तीन लाख 24 हजार 944 रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन यह कार्य भी मौके पर नहीं मिला।
- अमर पाल के मकान से जगपाल के मकान तक इंटरलॉकिंग के कार्य पर तीन लाख 34 हजार आठ सौ रुपये का भुगतान हुआ, लेकिन कार्य नहीं हुआ।
- कुछ कार्यों पर नागरिक सूचना पट (सीआईबी) नहीं लगाए गए ,लेकिन इसके नाम पर 37 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया।
और शुरू हो गई मामले को दबाने की कवायद
ग्राम पंचायत नस्यौली गोपाल में बड़े पैमाने पर मिली वित्तीय अनियमितताओं के बाद मामले को दबाने की कवायद तेजी से शुरू हो गई। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक ऑडिट करने वालों से लेकर उच्चाधिकारियों तक पर राजनीतिक दवाब डाला जा रहा है। विकास महकमे के एक अधिकारी से तो इस मामले को मैनेज करने के लिए भी दो राजनीतिक व्यक्तियों ने कहा है।
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