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हम कहेगे मेज के ऊपर मुर्गा बन जाओ, तो बनो मुर्गा
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उपनिदेशक कृषि डॉ. नंद किशोरसे वार्ता करते राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। हम कहेंगे कि मेज के ऊपर मुर्गा बन जाओ तो बनो मुर्गा... ये बोलते हुए उपनिदेशक कृषि का वीडियो और ऑडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, 15 सितंबर को कछौना में गोष्ठी के दौरान उप निदेशक कृषि मातहतों पर इस कदर बिफरे कि नौकरी छोड़कर घर बैठ जाने की नसीहत दे डाली। वीडियो और ऑडियो वायरल हुआ, तो महकमे में खलबली मची है। आनन फानन ही कुछ कर्मचारियों को दूसरे बहाने से तलब कर शपथ पत्र ले लिया गया। उधर, दूसरी ओर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने उपनिदेशक कृषि से मिलकर पूरी स्थिति पर नाराजगी जताई।
बीती 15 सितंबर को कछौना ब्लाक मुख्यालय में कृषि सूचना तंत्र गोष्ठी का आयोजन किया गया था। गोष्ठी में कृषि विभाग के तकनीकी सहायक, ब्लाक टेक्नोलॉजी प्रबंधक, सहायक टेक्नोलॉजी प्रबंधक और किसान भी मौजूद थे।
कार्यक्रम को उपनिदेशक कृषि डॉ. नंद किशोर ने भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कुछ कर्मचारियों को अपने-अपने स्थान पर खड़े रहने के लिए कह दिया। इतने भर से भी उपनिदेशक का गुस्सा नहीं थमा। उन्होंने कहा कि दो ही रास्ते हैं अगर काम नहीं करोगे, तो नौकरी छोड़कर घर चले जाओ। या हम कहेंगे कि मेज के ऊपर मुर्गा बन जाओ तो बनो मुर्गा। इसके बाद उन्होंने कर्मचारियों को अपने कार्यशैली में सुधार लाने की नसीहत भी दी। इसका वीडियो ओर ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ऑडियो-वीडियो वायरल होते ही कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया।
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उपनिदेशक कृषि डॉ. नंदकिशोर ने बताया कि वीडियो में काट छांट की गई है। संबंधित कर्मचारियों को कार्यक्रम में समय से किसानों को न बुलाने को लेकर फटकारा था। किसी की भावनाओं को आहत करने का कोई इरादा नहीं था। कार्यक्रम में मौजूद रहे कर्मचारी भी उस मुद्दे पर संतुष्ट होने की बात लिखकर कार्यालय में दे गए हैं।
सम्मान निधि के दस्तावेज मंगवाए और लिखवा लिया पत्र
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक 15 सितंबर को कार्यक्रम में मौजूद रहे बीटीएम और एटीएम को किसान सम्मान निधि के दस्तावेज लेकर मंगलवार सुबह उपनिदेशक कृषि के कार्यालय में बुला लिया गया। इसके कुछ देर बाद इन कर्मचारियों ने उपनिदेशक को लिखित में दे दिया कि इस घटना से कोई नाराजगी नहीं है। यहां तक की यह भी लिख दिया कि उपनिदेशक ने मुर्गा बनाने को कहा ही नहीं था, जबकि इसका ऑडियो और वीडियो वायरल हो गया है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने जताई नाराजगी
पूरे मामले का पता चलने पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, जिला मंत्री संजीव कुमार दीक्षित, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के अध्यक्ष जय प्रकाश, सिंचाई संघ के जिलाध्यक्ष विजय सिंह, अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार आदि ने उपनिदेशक कृषि डॉ. नंद किशोर से मुलाकात की। इस दौरान उपनिदेशक ने कर्मचारी नेताओं से कहा कि वीडियो क्लिप पूरी तरह सच नहीं है। इसे छेड़छाड़ कर प्रसारित किया गया है। अधीनस्थ कर्मचारियों से सौहार्दपूर्ण संबंध होने की बात भी उपनिदेशक कृषि ने कही।
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बीती 15 सितंबर को कछौना ब्लाक मुख्यालय में कृषि सूचना तंत्र गोष्ठी का आयोजन किया गया था। गोष्ठी में कृषि विभाग के तकनीकी सहायक, ब्लाक टेक्नोलॉजी प्रबंधक, सहायक टेक्नोलॉजी प्रबंधक और किसान भी मौजूद थे।
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कार्यक्रम को उपनिदेशक कृषि डॉ. नंद किशोर ने भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कुछ कर्मचारियों को अपने-अपने स्थान पर खड़े रहने के लिए कह दिया। इतने भर से भी उपनिदेशक का गुस्सा नहीं थमा। उन्होंने कहा कि दो ही रास्ते हैं अगर काम नहीं करोगे, तो नौकरी छोड़कर घर चले जाओ। या हम कहेंगे कि मेज के ऊपर मुर्गा बन जाओ तो बनो मुर्गा। इसके बाद उन्होंने कर्मचारियों को अपने कार्यशैली में सुधार लाने की नसीहत भी दी। इसका वीडियो ओर ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ऑडियो-वीडियो वायरल होते ही कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया।
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उपनिदेशक कृषि डॉ. नंदकिशोर ने बताया कि वीडियो में काट छांट की गई है। संबंधित कर्मचारियों को कार्यक्रम में समय से किसानों को न बुलाने को लेकर फटकारा था। किसी की भावनाओं को आहत करने का कोई इरादा नहीं था। कार्यक्रम में मौजूद रहे कर्मचारी भी उस मुद्दे पर संतुष्ट होने की बात लिखकर कार्यालय में दे गए हैं।
सम्मान निधि के दस्तावेज मंगवाए और लिखवा लिया पत्र
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक 15 सितंबर को कार्यक्रम में मौजूद रहे बीटीएम और एटीएम को किसान सम्मान निधि के दस्तावेज लेकर मंगलवार सुबह उपनिदेशक कृषि के कार्यालय में बुला लिया गया। इसके कुछ देर बाद इन कर्मचारियों ने उपनिदेशक को लिखित में दे दिया कि इस घटना से कोई नाराजगी नहीं है। यहां तक की यह भी लिख दिया कि उपनिदेशक ने मुर्गा बनाने को कहा ही नहीं था, जबकि इसका ऑडियो और वीडियो वायरल हो गया है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने जताई नाराजगी
पूरे मामले का पता चलने पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, जिला मंत्री संजीव कुमार दीक्षित, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के अध्यक्ष जय प्रकाश, सिंचाई संघ के जिलाध्यक्ष विजय सिंह, अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार आदि ने उपनिदेशक कृषि डॉ. नंद किशोर से मुलाकात की। इस दौरान उपनिदेशक ने कर्मचारी नेताओं से कहा कि वीडियो क्लिप पूरी तरह सच नहीं है। इसे छेड़छाड़ कर प्रसारित किया गया है। अधीनस्थ कर्मचारियों से सौहार्दपूर्ण संबंध होने की बात भी उपनिदेशक कृषि ने कही।