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हरदोईः करोड़ों का बजट फिर भी पांच-दस रुपये के इंजेक्शनों को मरीज रहे भटक

Wed, 31 Aug 2022 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 31 Aug 2022 12:09 AM IST
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Hardoi, Even though the budget of crores, the patients remained astray for the injections of five to ten rupees
फोटो-01- जिला चिकित्सालय के दवा काउंटर पर लगी मरीजों की लाइन - फोटो : HARDOI
हरदोई। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं लगातार बढ़ रहीं हैं। अस्पताल का सालाना करोड़ों रुपये का बजट होने के बाद भी पिछले कई महीनों से जीवन रक्षक इंजेक्शन जैसे मेनीटॉल, डाइक्लोफेनिक, टिटबैक नहीं आ रहे हैं।
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इनका प्रयोग सिर पर लगने वाली चोट जैसे गंभीर मरीजों के लिए होता है। ऐसे में इन इंजेक्शनों के लिए तीमारदारों को बाहर की दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन पर्याप्त दवाएं उपलब्ध होने का दावा कर रहा है लेकिन इन इंजेक्शनों की उपलब्धता नहीं कर सका है।
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की सेवाएं भगवान भरोसे चल रहीं हैं। यहां इमरजेंसी में प्रतिदिन 50-60 मरीजों को भर्ती किया जाता है। इनमें सर्वाधिक हादसे में घायल होने वाले मरीज होते हैैं।
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इनमें अधिकांश हेड इंजरी (सिर में चोट) के होते हैं। इनदिनों पेट दर्द के मरीज भी बढ़ रहे हैं। मेनीटॉल इंजेक्शन महीनों से नहीं आ रहा है। इसके अलावा दर्द निवारक इंजेक्शन डाइक्लोफेनिक और टिटबैक का भी टोटा है।
वार्डों में भर्ती मरीज हो या इमरजेंसी में डॉक्टर सबसे पहले इन्हीं जीवन रक्षक इंजेक्शन को लगाते हैं। ऐसे में डॉक्टरों के लिखने पर तीमारदार बाहर से 20-30 रुपये खर्च करके यह इंजेक्शन खरीदकर लाते हैं और मरीजों को लगवाते हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारी अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं होने का दावा कर रहे हैं।
वर्जन
उपलब्ध हैं सभी दवाएं
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जेएन तिवारी का दावा है कि जिला अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। जब मरीजों को जीवन रक्षक इंजेक्शन न मिलने और बाहर से लिखे जाने का सवाल पूछा गया, तो उन्होंने अपने दावे को दोहरा दिया। अब हकीकत तो तब साफ होगी जब मरीजों के कथन और उनके दावे की जांच हो जाए।
केस-1
पाली थाना क्षेत्र के ग्राम बेगराजपुर निवासी संदीप गर्रा नदी में ट्रैक्टर-ट्राली गिरने से हुए हादसे में बचा था। उसका जिला अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज चल रहा है। संदीप ने बताया कि उसके सिर में गंभीर चोट लगी है। डॉक्टर ने हेड इंजरी में प्रयोग होने वाला मेनीटॉल इंजेक्शन लिखा था। इमरजेंसी वार्ड में कर्मचारियों ने इंजेक्शन न होने की बात कही। जिस पर मेडिकल स्टोर से करीब 30 रुपये खर्च कर लगवाना पड़ा।

केस-2
टड़ियावां थाना क्षेत्र के ग्राम पेंग निवासी गुड्डी हादसे में घायल हो गई थी। 27 अगस्त को परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। गुड्डी का कहना है कि डॉक्टर ने हेड इंजरी बताई है। इमरजेंसी वार्ड में इलाज चल रहा है। डॉक्टर ने टिटबैक व मेनीटॉल इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी थी। इमरजेंसी वार्ड में यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। मेडिकल स्टोर से खरीदकर लगवा रहे हैं।
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