फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Hardoi, Awaiting license for Blood Separation Unit

हरदोईः ब्लड सेपरेशन यूनिट को लाइसेंस का इंतजार

Sun, 09 Oct 2022 09:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2022 09:45 PM IST
विज्ञापन
Hardoi, Awaiting license for Blood Separation Unit
फोटो-26- ब्लड बैंक में लगी ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट - फोटो : HARDOI
हरदोई। मेडिकल कॉलेज के अधीन ब्लड बैंक की सेपरेटर यूनिट का संचालन न होने से डेंगू के मरीजों की परेशानी बढ़ी हुई है। उनके तीमारदारों को प्लेटलेट्स की तलाश में राजधानी की दौड़ लगानी पड़ रही है। खास बात ये है कि सेपरेटर यूनिट के लिए आवश्यक मशीनों से लेकर कर्मचारी तक हैं, लेकिन एक साल से लाइसेंस का इंतजार है।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार ने कई माह पहले ही यह निर्देश दिए थे कि जिन जनपदों में ब्लड बैंक स्थापित है। वहां ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट का संचालन भी सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक मरीजों को लाभ पहुंचाना था। कई बार डेंगू समेत अन्य रोगों से पीड़ित मरीजों को सिर्फ प्लेटलेट्स की जरूरत होती है, लेकिन सेपरेटर यूनिट न होने से ये जरूरत पूरी नहीं हो पाती।
विज्ञापन

इसी तरह कई बीमारियों में सिर्फ प्लाज्मा चढ़ाए जाने की जरूरत पड़ती है, लेकिन यूनिट के अभाव में यह भी नहीं हो पाता। इस क्रम में जिला चिकित्सालय में भी ब्लड सेपरेटर यूनिट के संचालन की कवायद की गई। भवन तैयार होने के साथ ही मशीनें लग गईं, लेकिन अब तक यूनिट चालू नहीं हो पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वास्थ्य महकमे की निदेशक (चिकित्सा उपचार) रेनू श्रीवास्तव वर्मा ने सभी जनपदों को सीसीएसयू (ब्लड कंपोनेंट एंड सेपरेटर यूनिट) का संचालन मई के प्रथम सप्ताह में हर हाल में शुरू करने के निर्देश बीती 19 अप्रैल को दिए थे, लेकिन जिले में इसका संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
ब्लड सेपरेटर यूनिट शुरू कराने के लिए जिले के आलाधिकारी लगातार पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। 11 नवंबर 2021, 29 मार्च 2022 और दो जुलाई 2022 को उप औषधि नियंत्रक को पत्र तत्कालीन डीएम और सीएमएस की ओर से भेजा जा चुका है। डीएम एमपी सिंह ने भी बीती तीन अक्टूबर को इस मामले में पत्र लिखा है।
इसीलिए कहते हैं एक रक्तदाता, बचाता चार जान
- ब्लड में चार कंपोनेंट होते हैं। इनमें पैक्ड रेड ब्लड सेल (पीआरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। सेपरेशन यूनिट में ब्लड की परत दर परत को अलग किया जाता है। इसके बाद आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के मुताबिक इनको निकाल लिया जाता है। निकले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है। एक यूनिट तीन से चार लोगों की जरूरत पूरी की जा सकती है।

अनुमति के लिए पत्र भेजा गया
ब्लड बैंक में सेपरेटर यूनिट का संचालन शीघ्र शुरू कराने के लिए पत्र भेजा गया है। सभी तैयारियां पूूरी हो चुकी हैं। विभाग से अनुमति पत्र मिलते ही यूनिट में जांच आदि का काम शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed