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नौ ग्राम पंचायतों में पांच वर्ष के कार्यों की होगी जांच
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हरदोई। सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीन विकास खंडों की नौ ग्राम पंचायतों में पिछले पांच वर्ष में कराए गए विकास कार्यों की जांच कराई जाएगी। शासन के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी ने सिंचाई खंड शारदा नहर के अधिशासी अभियंता अखिलेश गौतम और ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के सहायक अभियंता राजेश सिंह की दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जांच कमेटी गठित होने से संबंधित ग्राम पंचायतों के तत्कालीन प्रधानों और ग्राम सचिवों में खलबली मच गई है।
सभी ग्राम पंचायतों को विकास कार्य कराने के लिए राज्य वित्त और 15वें वित्त से बजट दिया जाता है। इसके अलावा शौचालय निर्माण के लिए भी पूर्व में ग्राम पंचायतों को ही बजट दिया जाता था। मनरेगा से भी बड़े पैमाने पर ग्राम पंचायतें विकास कार्य कराती हैं। जनपद के तीन विकास खंडों की नौ ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2020-21 तक यानी पांच वर्ष के कार्यकाल में कराए गए कार्यों की जांच होगी। ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना से विमर्श के बाद जिला विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने जांच टीम गठित कर दी है। जांच टीम से एक सप्ताह के अंदर स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
सवायजपुर विधायक की शिकायत पर हो रही जांच
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि सवायजपुर के विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने इन ग्राम पंचायतों में गत पंचवर्षीय में हुए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत शासन स्तर पर की थी। विधायक की मांग पर ही जांच के आदेश शासन स्तर से हुए हैं। इससे पूर्व भी विधायक ने हरपालपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत सतौथा में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। यहां अपात्रों को आवासीय योजना से लाभान्वित किए जाने की पुष्टि हुई थी और रिकवरी का आदेश जारी हो चुका है।
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इन ग्राम पंचायतों के कार्यों की होगी जांच
सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीन विकास खंडों की नौ ग्राम पंचायतों की जांच होगी सांडी विकास खंड की ग्राम पंचायत कटरी छोछपुर, गुर्रा, बम्हटापुर चिल्लौर और भरखनी विकास खंड की ग्राम पंचायतों माननगला और बड़ौरा की जांच होगी। साथ ही हरपालपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत पलिया,बर्रा, बेहटा लाखी और नेवादा चौगवां की जांच की जाएगी।
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सभी ग्राम पंचायतों को विकास कार्य कराने के लिए राज्य वित्त और 15वें वित्त से बजट दिया जाता है। इसके अलावा शौचालय निर्माण के लिए भी पूर्व में ग्राम पंचायतों को ही बजट दिया जाता था। मनरेगा से भी बड़े पैमाने पर ग्राम पंचायतें विकास कार्य कराती हैं। जनपद के तीन विकास खंडों की नौ ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2020-21 तक यानी पांच वर्ष के कार्यकाल में कराए गए कार्यों की जांच होगी। ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना से विमर्श के बाद जिला विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने जांच टीम गठित कर दी है। जांच टीम से एक सप्ताह के अंदर स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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सवायजपुर विधायक की शिकायत पर हो रही जांच
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि सवायजपुर के विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने इन ग्राम पंचायतों में गत पंचवर्षीय में हुए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत शासन स्तर पर की थी। विधायक की मांग पर ही जांच के आदेश शासन स्तर से हुए हैं। इससे पूर्व भी विधायक ने हरपालपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत सतौथा में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। यहां अपात्रों को आवासीय योजना से लाभान्वित किए जाने की पुष्टि हुई थी और रिकवरी का आदेश जारी हो चुका है।
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इन ग्राम पंचायतों के कार्यों की होगी जांच
सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीन विकास खंडों की नौ ग्राम पंचायतों की जांच होगी सांडी विकास खंड की ग्राम पंचायत कटरी छोछपुर, गुर्रा, बम्हटापुर चिल्लौर और भरखनी विकास खंड की ग्राम पंचायतों माननगला और बड़ौरा की जांच होगी। साथ ही हरपालपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत पलिया,बर्रा, बेहटा लाखी और नेवादा चौगवां की जांच की जाएगी।