हर-हर, बम-बम, उमड़ा आस्था का संगम
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सुबह से लेकर देर शाम तक जिलेभर के शिवालयों में बम बम भोले...के ही जयघोष सुनाई दिए। सावन मास के तीसरे सोमवार को बाबा विश्वनाथ मंदिर, तुरंतनाथ मंदिर, सिद्धेश्वर नाथ मंदिर, बाबा नील कंठेश्वर महादेव, शिव भोले मंदिर, सहाका मंदिर, सुनासीर नाथ मंदिर, मंशानाथ मंदिर में भक्तों द्वारा दिनभर पूजन का आयोजन होता रहा।
शिवालयों में भक्तों ने शिव को शिव षडक्षरी मंत्र ऊं नम: शिवाय बोलते हुए जल से अभिषेक कर गंध, अक्षत फूल चढ़ाए। साथ में काले तिल भी अर्पित करें। सावन मास में शनि के दोष से मुक्त होने को भक्तों ने कहीं-कहीं भगवान शिव को सफेद मिठाई का भोग लगाया।
जानकारों की माने तो इसके अलावा शिव की पूजा में कोई भी शिव मंत्र या स्तुति बोलकर 108 आंकड़े के फूल हर रोज अर्पित करने से भी कृपा प्राप्त होती है। इस बाबत सुनील शास्त्री का कहना है कि सावन मास अपने आप में ही इतना पावन है कि हर हाथ खुद ब खुद शिव की आराधना करने को उठते हैं, तो हर जुबान पर बम भोले के स्वर आ ही जाते हैं।
उनका कहना है कि भगवान शिव से सरल दूसरा कोई देवता नहीं है। कहा जाता है कि जितनी जल्दी भगवान शिव प्रसन्न होते हैं उतनी जल्दी कोई और देवता नहीं, इसलिए मन से और विधि विधान से भगवान शिव का पूजन करें, कृपा अवश्य मिलेगी। उधर, तीसरे सोमवार को सकाहा मंदिर में एक बार फिर से पुलिस को व्यवस्था संभालनी पड़ी। जिसके बाद कतारों में श्रद्धालुओं को भगवान शिव के दर्शन करने को मिले।
मुख्य मार्ग पर ही बड़े और छोटे वाहनों को रोका गया, जिसके बाद पैदल श्रद्धालु मंदिर तक गए और वहां कतारों में लगकर मंदिर में प्रवेश पा सके। हालांकि, इस चौकसी से भक्तों को ही अव्यवस्थाओं से दो चार नहीं होना पड़ा, पर भगवान शिव के पास पहुंचते पहुंचते भक्तों को घंटों लग गए।