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Hardoi News: संकरी गलियों में बेतरतीब दुकानें, आग से बचाव के इंतजाम नदारद, गंभीर खतरा
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फोटो- 18- बड़ा चौराहा स्थित सुल्तान मार्केट की तंग गलियों में लगी दुकानें। संवाद
हरदोई। संकरी गलियों में संचालित दुकान और बाजार पर भी अग्निशमन सुरक्षा का संकट बना हुआ है। सिनेमा चौराहा, रेलवेगंज, बड़ा चौराहा और छोटा चौराहा समेत कई स्थानों पर तमाम दुकानें और बाजार संकरी गलियों और अव्यवस्थित निर्माण के बीच संचालित हो रहे हैं। यहां आग लगने की स्थिति में राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है। अग्निशमन विभाग के मानकों की अनदेखी के चलते व्यापारियों और ग्राहकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शहर के व्यस्त बाजारों में दुकानों के सामने अतिक्रमण और गलियों में खड़े वाहन आम बात हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में दमकल वाहनों का घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। शहर में कई स्थानों पर तंग गलियां हैं। जहां पर दुकानें हैं, गलियों में कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, जनरल मर्चेंट और सौंदर्य प्रसाधन से संबंधित दुकानें हैं। यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं।
बड़ा चौराहा स्थित सुल्तान मार्केट और रेलवेगंज की राहत मार्केट में तो दुकानें पूरी तरह से सट कर लगी हैं और आने-जाने का एक मात्र रास्ता है। इसके अलावा जेठानी वाली गली, मिर्चाराम वाली गली समेत कई दुकानों व भवनों में मार्केट संचालित हैं। अगर यहा हादसा हो गया तो बचाव करना मुश्किल है। दुकान पर अग्निशमन सुरक्षा के उपकरण तक नहीं हैं।
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गर्मियों में बढ़ जाती हैं घटनाएं
गर्मी में ओवरलोडिंग के कारण शॉर्ट सर्किट और ज्वलनशील सामग्री से आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसके बावजूद व्यापारिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। बाजार में प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। यदि आग जैसी घटना हो जाए तो भगदड़ की स्थिति बन सकती है और जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
समय-समय पर बाजारों का निरीक्षण किया जाता है और मानकों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस भी जारी किए जाते हैं। कोचिंगों पर निरीक्षण के बाद बाजार का भी निरीक्षण किया जाएगा और अग्नि सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। -शिवराम सिंह यादव, जिला अग्निशमन अधिकारी
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शहर के व्यस्त बाजारों में दुकानों के सामने अतिक्रमण और गलियों में खड़े वाहन आम बात हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में दमकल वाहनों का घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। शहर में कई स्थानों पर तंग गलियां हैं। जहां पर दुकानें हैं, गलियों में कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, जनरल मर्चेंट और सौंदर्य प्रसाधन से संबंधित दुकानें हैं। यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं।
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बड़ा चौराहा स्थित सुल्तान मार्केट और रेलवेगंज की राहत मार्केट में तो दुकानें पूरी तरह से सट कर लगी हैं और आने-जाने का एक मात्र रास्ता है। इसके अलावा जेठानी वाली गली, मिर्चाराम वाली गली समेत कई दुकानों व भवनों में मार्केट संचालित हैं। अगर यहा हादसा हो गया तो बचाव करना मुश्किल है। दुकान पर अग्निशमन सुरक्षा के उपकरण तक नहीं हैं।
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गर्मियों में बढ़ जाती हैं घटनाएं
गर्मी में ओवरलोडिंग के कारण शॉर्ट सर्किट और ज्वलनशील सामग्री से आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसके बावजूद व्यापारिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। बाजार में प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। यदि आग जैसी घटना हो जाए तो भगदड़ की स्थिति बन सकती है और जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
समय-समय पर बाजारों का निरीक्षण किया जाता है और मानकों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस भी जारी किए जाते हैं। कोचिंगों पर निरीक्षण के बाद बाजार का भी निरीक्षण किया जाएगा और अग्नि सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। -शिवराम सिंह यादव, जिला अग्निशमन अधिकारी

फोटो- 18- बड़ा चौराहा स्थित सुल्तान मार्केट की तंग गलियों में लगी दुकानें। संवाद

फोटो- 18- बड़ा चौराहा स्थित सुल्तान मार्केट की तंग गलियों में लगी दुकानें। संवाद