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कछौना में तालाब किनारे पड़ी मिलीं सरकारी दवाएं
अमर उजाला, हरदोई
Updated Thu, 04 May 2017 12:10 AM IST
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तालाब किनारे पड़ी दवाइयों को देखते लोग।
- फोटो : amar ujala
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सरकारी अस्पताल में बांटने के लिए शासन से भेजी गईं आयरन और फोरिक एसिड की करीब दो बोरा गोलियां कछौना के बाहर एक तालाब के किनारे पड़ी मिलीं। सूचना के बावजूद सीएचसी से कोई भी डॉक्टर और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। वर्ष 2016 में पैक इन दवाओं पर एक्सपायरी डेट 2018 लिखी है। कछौना का सीएचसी स्टेशन रोड पर है। अस्पताल से करीब 500 मीटर दूर हरदोई लखनऊ रोड किनारे एचसीएल आफिस के सामने तालाब गंदे पानी का तालाब है। सड़क के दूसरे छोड़ पर बिजली मैकेनिक की दुकान है।
बुधवार शाम करीब 5:30 बजे बिजली मैकेनिक सानू तालाब किनारे गया था। वहां दवाएं पड़ी देखी। कुछ देर में मौके पर भीड़ लग गई। तालाब किनारे पड़ी दवाएं आयरन और फोरिक एसिड की गोलियां थीं। दवाओं के रैपर पर यूपीजीएस नाट फार सेल लिखा था। यानी ये दवाएं सरकारी अस्पताल में ही इस्तेमाल करने के लिए हैं।
करीब दो बोरा दवाएं कुछ पानी में पड़ी थीं बाकी किनारे फैली थीं। वर्ष 2016 में पैक दवाओं पर एक्सपायरी डेट 2018 लिखी थी। सूचना के बावजूद सीएचसी अधीक्षक डा आरपी दीक्षित और अस्पताल को कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। अधीक्षक का कहना था कि दवाइयां हमारे सीएचसी की नहीं है। हो सकता है कोई बाहर का व्यक्ति दवाएं फेंक गया हो। इस संबंध में सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी का कहना था कि मामला हमारी जानकारी में नहीं है। आपसे पता चला है, अभी सीएचसी अधीक्षक से जानकारी लेते हैं। मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बुधवार शाम करीब 5:30 बजे बिजली मैकेनिक सानू तालाब किनारे गया था। वहां दवाएं पड़ी देखी। कुछ देर में मौके पर भीड़ लग गई। तालाब किनारे पड़ी दवाएं आयरन और फोरिक एसिड की गोलियां थीं। दवाओं के रैपर पर यूपीजीएस नाट फार सेल लिखा था। यानी ये दवाएं सरकारी अस्पताल में ही इस्तेमाल करने के लिए हैं।
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करीब दो बोरा दवाएं कुछ पानी में पड़ी थीं बाकी किनारे फैली थीं। वर्ष 2016 में पैक दवाओं पर एक्सपायरी डेट 2018 लिखी थी। सूचना के बावजूद सीएचसी अधीक्षक डा आरपी दीक्षित और अस्पताल को कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। अधीक्षक का कहना था कि दवाइयां हमारे सीएचसी की नहीं है। हो सकता है कोई बाहर का व्यक्ति दवाएं फेंक गया हो। इस संबंध में सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी का कहना था कि मामला हमारी जानकारी में नहीं है। आपसे पता चला है, अभी सीएचसी अधीक्षक से जानकारी लेते हैं। मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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