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गोल्डन टिकट से मिला हौसला
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 14 Jun 2015 11:58 PM IST
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पिहानी के हन्न पसिगवां धामपुर निवासी शोभित कुमार
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आर्थिक तंगी के चलते अपनी शिक्षा तो पूरी नहीं कर पाया, पर उसने सुरों के
जादू से इंडियन आइडल जूनियर में प्रवेश पा लिया। दिल्ली में हुए आडीशन में
16 हजार लोगों को पछाड़ कर 29 का चयन किया गया, जिसमें हरदोई का नाम भी
शामिल रहा।
गांव हन्न पसिगवां धामपुर में रहने वाले परसादी लाल मजदूरी करके अपना और परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, तो उनके बच्चे भी ज्यादा शिक्षा नहीं ग्रहण कर पाए। उनका छोटा बेटा शोभित भी गांव में ही सिर्फ आठवीं तक शिक्षा ग्रहण कर पाया और परिवार की आर्थिक स्थिति को दूर करने के लिए काम में लग गया, लेकिन शोभित का रुझान संगीत की तरफ भी है।
आवाज को सुरों का आशीर्वाद मिला तो कम संसाधनों में भी वह संगीत में पारंगत हो गया। उसके हुनर को जनपद की भोजपुरी गायिका वंदना गुप्ता ने पहचाना और उसे राजेंद्र बाबू शुक्ला से संगीत की दीक्षा दिलवाई। वहीं शोभित को सीतापुर निवासी नीलेश श्रीवास्तव का भी सहयोग मिला।
नीलेश ने शोभित को अपना छोटा भाई मानकर कई शहरों में आडीशन में प्रतिभाग कराया। चूंकि शोभित को बचपन से ही संगीत में रुचि थी, तो उसने जिले में होने वाली तमाम प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, पर हावी पक्षपात ने कभी ऊपर नहीं आने दिया, लेकिन जब बीते माह दिल्ली में इंडियन आइडल जूनियर का आडीशन हुआ तो शोभित ने अपनी आवाज के जादू से निर्णायकों को प्रभावित कर दिया।
आडीशन में शामिल करीब 16 हजार प्रतिभागियों की आवाज परखी गई, जिसमें से चयनित 64 प्रतिभागियों को मुख्य निर्णायकों ने सुना, जिसमें से शोभित सहित 29 को मुंबई आने का गोल्डन टिकट मिला है। शोभित के चयन पर उसके अभिभावक सहित उसका मार्ग दर्शन करवाने वालों का भी खुशी का ठिकाना नहीं है।
उधर, भोजपुरी गायिका वंदना गुप्ता ने बताया कि जिले में प्रतिभाओं को उबरने का मौका नहीं मिलता है। बताया कि वह शोभित को अबकी से लखनऊ महोत्सव में प्रतिभाग कराएंगी, साथ ही 29 को ग्वालियर में होने वाले शो में भी अपने साथ लेकर जाएंगी।
गांव हन्न पसिगवां धामपुर में रहने वाले परसादी लाल मजदूरी करके अपना और परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, तो उनके बच्चे भी ज्यादा शिक्षा नहीं ग्रहण कर पाए। उनका छोटा बेटा शोभित भी गांव में ही सिर्फ आठवीं तक शिक्षा ग्रहण कर पाया और परिवार की आर्थिक स्थिति को दूर करने के लिए काम में लग गया, लेकिन शोभित का रुझान संगीत की तरफ भी है।
आवाज को सुरों का आशीर्वाद मिला तो कम संसाधनों में भी वह संगीत में पारंगत हो गया। उसके हुनर को जनपद की भोजपुरी गायिका वंदना गुप्ता ने पहचाना और उसे राजेंद्र बाबू शुक्ला से संगीत की दीक्षा दिलवाई। वहीं शोभित को सीतापुर निवासी नीलेश श्रीवास्तव का भी सहयोग मिला।
नीलेश ने शोभित को अपना छोटा भाई मानकर कई शहरों में आडीशन में प्रतिभाग कराया। चूंकि शोभित को बचपन से ही संगीत में रुचि थी, तो उसने जिले में होने वाली तमाम प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, पर हावी पक्षपात ने कभी ऊपर नहीं आने दिया, लेकिन जब बीते माह दिल्ली में इंडियन आइडल जूनियर का आडीशन हुआ तो शोभित ने अपनी आवाज के जादू से निर्णायकों को प्रभावित कर दिया।
आडीशन में शामिल करीब 16 हजार प्रतिभागियों की आवाज परखी गई, जिसमें से चयनित 64 प्रतिभागियों को मुख्य निर्णायकों ने सुना, जिसमें से शोभित सहित 29 को मुंबई आने का गोल्डन टिकट मिला है। शोभित के चयन पर उसके अभिभावक सहित उसका मार्ग दर्शन करवाने वालों का भी खुशी का ठिकाना नहीं है।
उधर, भोजपुरी गायिका वंदना गुप्ता ने बताया कि जिले में प्रतिभाओं को उबरने का मौका नहीं मिलता है। बताया कि वह शोभित को अबकी से लखनऊ महोत्सव में प्रतिभाग कराएंगी, साथ ही 29 को ग्वालियर में होने वाले शो में भी अपने साथ लेकर जाएंगी।