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Hardoi News: शरीर में संक्रमण फैलने से हुई थी अज्ञात किशोरी की मौत
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में 17 फरवरी को अज्ञात किशोरी की मौत शरीर में संक्रमण फैलने से हुई थी। शनिवार को हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। मामले का संज्ञान लेकर डिप्टी सीएम ने जांच के आदेश दिए थे।
शहर के आशा नगर निवासी रामगोपाल ने 15 फरवरी शाम 15 वर्षीय एक अज्ञात किशोरी को मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया था। यहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार करने के बाद किशोरी को इमरजेंसी वार्ड के जी-नाइन बेड पर भर्ती कर लिया था। 17 फरवरी की सुबह 5:50 बजे अन्य मरीजों के साथ आए तिमारदारों की नजर किशोरी पर पड़ी। उसका शरीर अकड़ा पड़ा हुआ पड़ा था। तीमारदारों की सूचना पर मौके पर डॉ अभिषेक ने किशोरी को मृत घोषित किया था।
72 घंटे बाद शनिवार को किशोरी का पोस्टमार्टम हुआ। करीब 35 मिनट तक पोस्टमार्टम चला। इसमें मौत की वजह शरीर में संक्रमण बताया गया। संक्रमण फैलने से किशोरी के सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। मामले में लापरवाही की बात सामने आने पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने जांच के आदेश दिए थे। चार सदस्यीय चिकित्सकों की टीम मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद मामले में लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर कार्रवाई हो सकती है।
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शहर के आशा नगर निवासी रामगोपाल ने 15 फरवरी शाम 15 वर्षीय एक अज्ञात किशोरी को मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया था। यहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार करने के बाद किशोरी को इमरजेंसी वार्ड के जी-नाइन बेड पर भर्ती कर लिया था। 17 फरवरी की सुबह 5:50 बजे अन्य मरीजों के साथ आए तिमारदारों की नजर किशोरी पर पड़ी। उसका शरीर अकड़ा पड़ा हुआ पड़ा था। तीमारदारों की सूचना पर मौके पर डॉ अभिषेक ने किशोरी को मृत घोषित किया था।
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72 घंटे बाद शनिवार को किशोरी का पोस्टमार्टम हुआ। करीब 35 मिनट तक पोस्टमार्टम चला। इसमें मौत की वजह शरीर में संक्रमण बताया गया। संक्रमण फैलने से किशोरी के सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। मामले में लापरवाही की बात सामने आने पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने जांच के आदेश दिए थे। चार सदस्यीय चिकित्सकों की टीम मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद मामले में लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर कार्रवाई हो सकती है।
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