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Hardoi News: गर्रा का पानी चेतावनी बिंदु के नीचे, दिखने लगी बर्बादी
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फोटो 29: कटियारी क्षेत्र में बाढ़ कम होने के बाद गांव में गंदगी और भरा पानी। संवाद
हरदोई/बिलग्राम। बाढ़ का पानी तेजी से सिमटने लगा है। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में पानी कम होने के साथ ही गांवों और खेतों में बर्बादी दिखाई देने लगी है। पानी उतरने से गांवों के निचले भागों में जलभराव है वहीं गंदगी भी उभर आई है। इससे बीमारियों के पनपने की आशंका बढ़ गई है। प्रभावित गांवों के ब्लाकों में मलेरिया विभाग की ओर से छिड़काव नहीं कराया जा रहा है।
गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में आई बाढ़ का पानी अब कम हो रहा है हालांकि गर्रा नदी का पानी सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर चेतावनी बिंदु 129.15 मीटर गेज से तीन सेंटीमीटर नीचे 129.12 मीटर गेज पर बना हुआ है। गंगा में नरौरा बैराज से 28,480 क्यूसेक पानी शुक्रवार को छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर राजघाट पर 124.80 मीटर और रामगंगा नदी का पानी 136.15 मीटर गेज पर आ गया है। पानी उतरा तो गंदगी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़ांध से ग्रामीणों को दिक्कतें हो रही हैं। ग्रामीणों ने छिड़काव की मांग की। बिलग्राम क्षेत्र के तटीय गांवों में हालात अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। पानी तो निकल रहा लेकिन अपने पीछे गंदगी, कीचड़ और बीमारियों को छोड़ गया।
ग्रामीणों के मुताबिक गांवों में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है इससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने गांवों में विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग की। पानी निकलने के बाद अब कटान की आशंका भी सताने लगी है। गांवों से कुछ दूरी पर कटान तेज होने की ग्रामीण आशंका जता रहे हैं। बाढ़ का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ा है। घरों में चूल्हा जलाने के लिए सूखी लकड़ी, उपले-कंडे जुटाना मुश्किल हो गया है। लगातार पानी में रहने से ग्रामीणों में चर्म रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
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खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है जिससे धान, तिल्ली, मक्का और अन्य सब्जियों की फसलें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। आसपास सड़ांध फैली हुई है। उपजिलाधिकारी एन राम ने हर्रैया समेत कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। कहा कि तहसील प्रशासन और राजस्व कर्मी बाढ़ के बाद की समस्याओं पर पूरी नजर रखे हुए हैं। प्रभावितों को हर संभव मदद दी जा रही है।
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बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
भरावन। क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जनसहयोग का सिलसिला जारी है। 30 गांवों में बिजली संकट बरकरार है और रास्तों पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्राम पंचायत छावन के मजरा तुलसीपुर में कुछ परिवार सड़क किनारे पन्नी तानकर रहने को मजबूर हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख संडीला कुंवर वीरेंद्र सिंह ने 30 लोगों को 500-500 रुपये की आर्थिक सहायता दी। इससे प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सकेगी। भाजपा नेता अजय सिंह आदित्य ने ग्राम डालखेड़ा, भोलाखेड़ा और देवरी में प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।
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गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में आई बाढ़ का पानी अब कम हो रहा है हालांकि गर्रा नदी का पानी सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर चेतावनी बिंदु 129.15 मीटर गेज से तीन सेंटीमीटर नीचे 129.12 मीटर गेज पर बना हुआ है। गंगा में नरौरा बैराज से 28,480 क्यूसेक पानी शुक्रवार को छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर राजघाट पर 124.80 मीटर और रामगंगा नदी का पानी 136.15 मीटर गेज पर आ गया है। पानी उतरा तो गंदगी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़ांध से ग्रामीणों को दिक्कतें हो रही हैं। ग्रामीणों ने छिड़काव की मांग की। बिलग्राम क्षेत्र के तटीय गांवों में हालात अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। पानी तो निकल रहा लेकिन अपने पीछे गंदगी, कीचड़ और बीमारियों को छोड़ गया।
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ग्रामीणों के मुताबिक गांवों में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है इससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने गांवों में विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग की। पानी निकलने के बाद अब कटान की आशंका भी सताने लगी है। गांवों से कुछ दूरी पर कटान तेज होने की ग्रामीण आशंका जता रहे हैं। बाढ़ का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ा है। घरों में चूल्हा जलाने के लिए सूखी लकड़ी, उपले-कंडे जुटाना मुश्किल हो गया है। लगातार पानी में रहने से ग्रामीणों में चर्म रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
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खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है जिससे धान, तिल्ली, मक्का और अन्य सब्जियों की फसलें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। आसपास सड़ांध फैली हुई है। उपजिलाधिकारी एन राम ने हर्रैया समेत कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। कहा कि तहसील प्रशासन और राजस्व कर्मी बाढ़ के बाद की समस्याओं पर पूरी नजर रखे हुए हैं। प्रभावितों को हर संभव मदद दी जा रही है।
बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
भरावन। क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जनसहयोग का सिलसिला जारी है। 30 गांवों में बिजली संकट बरकरार है और रास्तों पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्राम पंचायत छावन के मजरा तुलसीपुर में कुछ परिवार सड़क किनारे पन्नी तानकर रहने को मजबूर हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख संडीला कुंवर वीरेंद्र सिंह ने 30 लोगों को 500-500 रुपये की आर्थिक सहायता दी। इससे प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सकेगी। भाजपा नेता अजय सिंह आदित्य ने ग्राम डालखेड़ा, भोलाखेड़ा और देवरी में प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।