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गंगा ने बजाई ‘खतरे की घंटी’
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Thu, 13 Aug 2015 11:50 PM IST
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गंगा के जल स्तर में तेजी से बढ़ोतरी के बाद कई
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गांवों में कटान के हालात बन गए है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60
को पार कर खतरे के निशान 137.10 मीटर की तरफ तेजी से बढ़ रहा है, जिससे
कटरी क्षेत्र के बाशिंदों में खलबली मच गई है।
गंगा के किनारे बसे गांवों के लोगों के चेहरों पर अब बाढ़ का खौफ साफ दिखने लगा है। लिहाजा लोग सुरक्षित स्थानों पर ठिकाना बनाने के लिए कूच करने लगे हैं। ज्ञात हो कि हर साल बाढ़ से होने वाली तबाही का मंजर देख चुके ग्रामीण काफी खौफजदा हैं।
आलम यह है कि लोग घरों की छतों पर रहकर रतजगा कर रहे कि कहीं बाढ़ का पानी उनके घरों तक न पहुंच जाए। नदियों के किनारे स्थित गांवों में प्रमुख रूप से दहेलिया, बेड़ीजोर, बरगदापुरवा, परसोला, कटरी, चंद्रमपुर, अरवल समेत कई गांवों एवं उनके मजरे तथा नदियों के किनारों पर बसे छोटे-छोटे पुरवों में कटान के हालात हैं।
सूत्रों की माने तो कई झुग्गी झोपड़ियों वाले पुरवा कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। जिस तरह से बांधों से पानी छोड़ा जा रहा, उससे नदियों के जल स्तर में बढ़ोतरी जारी रहेगी और गंगा के साथ ही रामगंगा तथा गर्रा के गुर्राने पर बाढ़ के हालत काफी खराब होगे। बाढ़ को लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
उधर, डीएम रमेश मिश्रा ने कहा कि बाढ़ को लेकर कड़ी चौकसी के निर्देश अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए गए हैं। नदियों में छोड़े जाने वाले पानी एवं बढ़ने वाले जल स्तर पर निगाह रखी जा रही है। हर स्तर पर सजगता के साथ आवश्यक कार्य किए जाएंगेे।
उधर, बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी सोनेलाल मिश्रा ने बताया कि आज हरिद्वार से करीब एक लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया है, जिससे पानी का स्तर और बढ़ने की संभावना है।
गंगा के किनारे बसे गांवों के लोगों के चेहरों पर अब बाढ़ का खौफ साफ दिखने लगा है। लिहाजा लोग सुरक्षित स्थानों पर ठिकाना बनाने के लिए कूच करने लगे हैं। ज्ञात हो कि हर साल बाढ़ से होने वाली तबाही का मंजर देख चुके ग्रामीण काफी खौफजदा हैं।
आलम यह है कि लोग घरों की छतों पर रहकर रतजगा कर रहे कि कहीं बाढ़ का पानी उनके घरों तक न पहुंच जाए। नदियों के किनारे स्थित गांवों में प्रमुख रूप से दहेलिया, बेड़ीजोर, बरगदापुरवा, परसोला, कटरी, चंद्रमपुर, अरवल समेत कई गांवों एवं उनके मजरे तथा नदियों के किनारों पर बसे छोटे-छोटे पुरवों में कटान के हालात हैं।
सूत्रों की माने तो कई झुग्गी झोपड़ियों वाले पुरवा कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। जिस तरह से बांधों से पानी छोड़ा जा रहा, उससे नदियों के जल स्तर में बढ़ोतरी जारी रहेगी और गंगा के साथ ही रामगंगा तथा गर्रा के गुर्राने पर बाढ़ के हालत काफी खराब होगे। बाढ़ को लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
उधर, डीएम रमेश मिश्रा ने कहा कि बाढ़ को लेकर कड़ी चौकसी के निर्देश अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए गए हैं। नदियों में छोड़े जाने वाले पानी एवं बढ़ने वाले जल स्तर पर निगाह रखी जा रही है। हर स्तर पर सजगता के साथ आवश्यक कार्य किए जाएंगेे।
उधर, बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी सोनेलाल मिश्रा ने बताया कि आज हरिद्वार से करीब एक लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया है, जिससे पानी का स्तर और बढ़ने की संभावना है।