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एनआरसी में भर्ती चार माह की मासूम की मौत
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जिला पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती लगभग चार माह की बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। एनआरसी के चिकित्सक के मुताबिक बच्ची की मौत डायरिया के कारण हुई है।
जिला चिकित्सालय के सामने जिला पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) स्थित है। डीएम पुलकित खरे की पहल पर इस एनआरसी में 20 बेड डाले गए हैं। यहां अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है।
पिहानी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कस्बे के मोहल्ला छिपीटोला निवासी नौशाद के मुताबिक बुधवार को उसके घर पर बाल विकास पुष्टाहार विभाग की कुछ कर्मचारी आईं थीं और उसकी चार माह की पुत्री हबीबा को कुपोषित बताते हुए एनआरसी में भर्ती करा दिया था। नौशाद का कहना है कि रविवार को एनआरसी में ही शाम को हबीबा की हालत बिगड़ गई।
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शाम लगभग साढ़े चार बजे हबीबा की मौत हो गई तो एनआरसी के कर्मचारियों ने निशुल्क शव वाहन की व्यवस्था कर दी। इस पर वह शव लेकर घर चला गया।
इस बारे में एनआरसी के डॉ. एमके सिंह का कहना है कि बच्ची को दस्त आ रहे थे और वह डायरिया से पीड़ित थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस बारे में जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धी मिश्रा से उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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जिला चिकित्सालय के सामने जिला पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) स्थित है। डीएम पुलकित खरे की पहल पर इस एनआरसी में 20 बेड डाले गए हैं। यहां अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है।
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पिहानी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कस्बे के मोहल्ला छिपीटोला निवासी नौशाद के मुताबिक बुधवार को उसके घर पर बाल विकास पुष्टाहार विभाग की कुछ कर्मचारी आईं थीं और उसकी चार माह की पुत्री हबीबा को कुपोषित बताते हुए एनआरसी में भर्ती करा दिया था। नौशाद का कहना है कि रविवार को एनआरसी में ही शाम को हबीबा की हालत बिगड़ गई।
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शाम लगभग साढ़े चार बजे हबीबा की मौत हो गई तो एनआरसी के कर्मचारियों ने निशुल्क शव वाहन की व्यवस्था कर दी। इस पर वह शव लेकर घर चला गया।
इस बारे में एनआरसी के डॉ. एमके सिंह का कहना है कि बच्ची को दस्त आ रहे थे और वह डायरिया से पीड़ित थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस बारे में जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धी मिश्रा से उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।