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सिलेंडर में आग से चार घर जले

Wed, 03 Jun 2015 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Wed, 03 Jun 2015 12:05 AM IST
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Four  house burns cylinders fire

थाना क्षेत्र के बरनई मजरा चतरखा में मंगलवार को

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धार्मिक आयोजन के उपलक्ष्य में घर पर गैस चूल्हे में मिनी सिलेंडर लगाकर खाना बनाने के बाद सिलेंडर पलटने से निकली आग की लपट छप्पर में जा लगी, जिससे छप्पर जलने लगा। इस दौरान विकराल रूप धारण कर चुकी आग की लपटों ने चार घरों को चपेट में ले लिया, जिससे बारह हजार की नगदी समेत अनाज और अन्य सामान जलकर राख हो गया।

ग्रामीणोें ने आग पर पानी डालकर जैसे तैसे काबू पाया। मिली जानकारी के अनुसार, बरनई मजरा चतरखा निवासी नन्हें पाल के घर पर धार्मिक आयोजन के उपलक्ष्य में दावत का आयोजन किया गया था। परिवार की महिलाएं छोटे सिलेंडर को लगाकर गैस पर दोपहर करीब एक बजे खाना बना रही थी।

खाना बनने के बाद गैस को धीमी कर उठी ही थी, कि कुत्ता वहां पर आ गया और उसने लोटे में रखे पानी को पीना चाहा, तभी लोटा उसके मुंह में फंस गया, जिससे वह इधर-उधर दौड़ने लगा। इसी बीच वह छोटे सिलेंडर से टकरा गया और सिलेंडर पलट गया।

इस दौरान सिलेंडर के पलटते ही लीक हो रही गैस ने आग पकड़ ली और छप्पर तक लपटें पहुंच गई। इस घटना से घर में भगदड़ मच गई। लोगों ने पानी डाला, पर आग की लपटों ने पड़ोस में रह रहे नन्हें पाल के भाई जौहरी के अलावा छविनाथ और राजकुमार के मकानों को भी चपेट में ले लिया।

इस दौरान ग्रामीणों ने हैंडपंप और ट्यूबवेल से पानी डालकर जैसे तैसे आग पर काबू पाया। इसी बीच सूचना पर मौके पर दमकल कर्मी भी पहुंचे, पर तब तक आग बुझ चुकी थी। इस घटना में नन्हें के घर में रखी 10 हजार की नगदी, पांच क्विंटल गेहूं, एक क्विंटल सरसों, दो क्विंटल धान के अलाव घरेलू सामान और कपड़े आदि जल गए, वहीं जौहरी के घर में रखी दो हजार रुपये की नगदी, अनाज और घरेलू सामान जलकर राख हो गया।

इसके अलावा राजकुमार और छविनाथ के घर में भी अनाज और सामान जलकर राख हो गया। उधर, नन्हें पाल के घर में आग लगते ही घर के लोग बाहर की दौड़ पड़े। इसी बीच गांव निवासी अवधेेश की पत्नी नन्हीं देवी को पता चला कि अंदर कुछ बच्चे सो रहे हैं।

जिस पर उसने आग की परवाह किए गए बिना घर के अंदर दौड़ गई और बिस्तर पर सो रहे जौहरी के पुत्र प्रयांशु (8) व छोटे (3) आशाराम की पुत्री शांति (3) व नन्हें के पुत्र अभिषेक सिंह को जैसे तैसे बाहर निकाल लाईं। उधर, गांव के प्रमोद कुमार जब घर में फंसे लोगों को बाहर निकाल रहे थे, इसी बीच छप्पर की एक बल्ली उनके हाथ पर गिरी, जिससे हाथ में फै क्चर हो गया।

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