फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   for livlihood interior decorator went ot oman

रोजी रोटी की जुगाड़ में ओमान गए, अब पड़े जान के लाले

Thu, 09 Sep 2021 10:41 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Sep 2021 10:41 PM IST
विज्ञापन
for livlihood interior decorator went ot oman
हरदोई। पति के साथ अपनी तस्वीर निहारती रचना और साथ में बच्चे। संवाद - फोटो : HARDOI
कछौना। ओमान कमाने गए इंटीरियर डेकोरेटर को जान के लाले पड़ गए। ओमान जाकर युवक बीमार पड़ गया, लेकिन पासपोर्ट नियोक्ता कंपनी की कस्टडी में होने से वह देश नहीं लौट पा रहा है। पत्नी ने प्रदेश और केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है। डीएम के माध्यम से प्रकरण की जानकारी दिल्ली स्थित ओमान के दूतावास को दी गई है।
विज्ञापन

कछौना के पुरानी बाजार निवासी चंद्रशेखर सोनी (42) इंटीरियर डेकोरेटर है। पत्नी रचना सोनी ने बताया कि करीब दस वर्ष से चंद्रशेखर अलग अलग स्थानों पर नौकरी करता रहा है। पहले ओमान फिर मसकट और फिर दुबई में नौकरी कर चुका है। लगभग छह माह पहले वह फिर से ओमान गया था। पत्नी का कहना है कि दो माह पहले पति ने फोन पर बीमारी की जानकारी दी और कंपनी की ओर से चिकित्सा सुविधाएं न मिलने की बात कही।
विज्ञापन

इलाज के लिए उसने बीस हजार रुपये खाते में भेजने की बात कही। लगभग एक माह पहले फिर से चंद्रशेखर ने पत्नी को फोन कर बताया कि तबीयत ज्यादा खराब है और वह घर लौटना चाहता है, लेकिन कंपनी का मालिक उसका वीजा का रुपया बाकी होने के कारण पासपोर्ट नहीं दे रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पत्नी कहना है कि कंपनी उससे मजदूरी भी करा रही है और इलाज भी नहीं करा रही। महिला और उसके दो बच्चों आरोही और अंश बेहाल हैं। मामला संज्ञान में आने पर कछौना कोतवाली पुलिस महिला के पास पहुंची। एसपी अजय कुमार ने बताया कि चंद्रशेखर की देश वापसी के लिए डीएम के माध्यम से ओमान दूतावास को लिखा गया है। अन्य आवश्यक कार्यवाही भी की जा रही है। उधर, सोशल मीडिया पर भी चंद्रशेखर को वापस लाने की मुहिम चल निकली है। कई लोगों ने फेसबुक और ट्वीटर के जरिए रचना सोनी की बात विदेश मंत्रालय और दूतावास तक पहुंचाने की कोशिश की है।

चंद्रशेखर के पास ओमान में रहने के लिए दो वर्ष का वीजा है। उसका पासपोर्ट अपडेट है। परिजनों का कहना है कि सारे अभिलेख पूर्ण हैं, लेकिन पासपोर्ट कंपनी मालिक ने अपने पास रख लिया। इसलिए समस्या हो रही है। चंद्रशेखर के कुछ परिजन नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि राजस्थान के एक युवक की मदद से वह विदेश गया था। कंपनी ने इंटीरियर डेकोरेटर का काम देने के लिए उसे बुलाया गया था, लेकिन मजदूरी कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed