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पांच रुपये, पांच मिनट, करें बात

Mon, 24 Aug 2015 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई Updated Mon, 24 Aug 2015 11:46 PM IST
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Five bucks , five minutes , the thing

जेल की चहारदीवारी में कैद कैदी भले ही अपनों से

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वर्षों तक रूबरू न हो सके, पर अब उनसे बात कर उनके जज्बातों को जान पाना उनके लिए भविष्य में संभव होने जा रहा है। भविष्य में जिला कारागार में भी केयास्क स्थापित कर कैदियों को सात दिनों में पांच मिनट के लिए अपनों से बात करने की अनुमति दी जा सकेगी।

इसको लेकर शासन द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सूत्रों की ही माने तो कई जिलों की जेलों में ऐसे कैदी भी देखने को मिले हैं, जिनके  परिजनों के रूप में एक या दो लोग ही होते हैं और वह भी यहां आकर उनसे मुलाकात करने में सक्षम नहीं होते।

कभी-कभार तो किसी अनहोनी की सूचना तक कैदियों तक नहीं पहुंच पाती, पर शासन के इस निर्णय से न सिर्फ ऐसी कैदियों को जिला जेल में स्थापित होने वाला केयास्क और उससे होने वाली बात उनके लिए वरदान साबित होगी, बल्कि जेल में बंद समस्त कै दी फोन पर परिजनों से बात कर पुरसाहाल ले सकेंगे और दुख सुख बांट सकेंगे।

बहरहाल प्रदेश शासन की ओर से सचिव एसके रघुवंशी की ओर से डीएम को शासनादेश भेजकर अवगत करा दिया गया है। शासनादेश में बताया गया कि जेल में निरुद्ध बंदियों को अपने परिजनों से दूरभाष पर बात करने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

इसको लेकर जेल के अंदर केयास्क स्थापित कर पीसीओ का संचालन किया जाएगा। इसमें ठीक आचरण वाले कैदियों को उनके घरों से सात दिन में एक बार पांच मिनट के लिए बात करने का मौका दिया जाएगा। इस योजना को अमली जामा पहनाने को कैदियों के कारागार में प्रवेश करते ही उनसे परिजनों के दो फोन नंबर लिए जाएंगे, जिसका सत्यापन संबंधित थाने से कराने के बाद उनकी परिजनों से बात कराना संभव हो सकेगा।

जेल अधीक्षक विजय प्रकाश का कहना है कि शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा। गाइड लाइन आने के बाद उस दिशा में कार्य शुरू होगा। उधर, कैदियों की परिजनों से जिन नंबरों पर बात कराई जाएगी वह नंबर प्रीपेड नहीं होंगे और पोस्टपेड कनेक्शनों पर ही बात कराई जा सकेगी।

इसके लिए कैदियों के कारागार में प्रवेश के समय ही शपथ पत्र भरवा दो नंबर लिए जाएंगे, जिसका पूरा विवरण देना होगा। यहां तक की बिल कापी भी लगानी होगी। इन नंबरों का सत्यापन संबंधित थाने से कराने के बाद बात कराई जा सकेगी।

योजना को फलीभूत करने को कैदियों के फोटोग्राफ व फिंगर प्रिंट लेने के बाद उनके दो नंबरों समेत डाटा केयास्क में फीड कर दिया जाएगा। योजना के मुताबिक जब इसी फिंगर प्रिंट के आधार पर केयास्क पर अंगुली टच करेंगे तो उनके सामने वह दिए गए दो नंबर आ जाएंगे, इसमें से एक पर क्लिक करके वह बात कर कसेंगे और यह काल स्वत: पांच मिनट के बाद कट जाएगी।

उधर, कार्य योजना में शासन स्तर पर पांच रुपये में प्रति पांच मिनट काल के लिए निर्धारित किए गए हैं। इससे कम अवधि बात करने पर भी कैदी को इतना ही मूल्य देना होगा। इसको लेकर कैदियोें से 100 रुपये अधिकतम जमा कराया जाएगा, जो उनकी काल से कटता जाएगा। केयास्क द्वारा ही उनकी जमा का पूरा ब्योरा भी सामने आता जाएगा।

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