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Hardoi News: जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में अस्पताल संचालक और चिकित्सक पर प्राथमिकी
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बेहंदर। कासिमपुर थाना क्षेत्र के बेहंदर में प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक शख्स को नामजद करते हुए अज्ञात लोगों पर भी मामला दर्ज हुआ है। खास बात यह है कि 30 अप्रैल को इस अस्पताल का पंजीकरण भी समाप्त हो गया था।
रसूलपुर ब्रम्हनान निवासी दिनेश की पत्नी सीमा (27) गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें सीएचसी बेहंदर ले जाया गया था। यहां से चिकित्सक ने हायर सेंटर रेफर कर दिया था लेकिन परिजन उन्हें सीएचसी से 100 मीटर दूर स्थित एसएन अस्पताल ले गए थे। यहां ऑपरेशन से प्रसव होने पर सीमा ने बेटे को जन्म दिया था। शाम को जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। नाराज परिजन ने शव रखकर संडीला-बांगरमऊ मार्ग पर जाम लगा दिया था। कार्रवाई के आश्वासन पर जाम खोल दिया गया था।
देर रात घटना की जांच करने पहुंचे डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज सिंह ने प्राइवेट अस्पताल के अभिलेखों की पड़ताल की थी। इस दौरान पता चला कि अस्पताल का पंजीकरण बीते 30 अप्रैल को ही समाप्त हो चुका है। इस कारण अस्पताल सील कर दिया गया था।
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उधर, दूसरी ओर मृतका के पिता असही आजमपुर निवासी मूलचंद्र की शिकायत पर अस्पताल संचालक योगेंद्र नाथ और एसएन हॉस्पिटल के डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ संडीला संतोष सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
80 हजार रुपये लेकर किया था ऑपरेशन
दर्ज प्राथमिकी में मृतका के पिता ने बताया कि ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर ने 80 हजार रुपये जमा कराए थे। ऑपरेशन होने के बाद पहले जच्चा की और फिर बच्चा की भी मौत हो गई। आरोप है कि अगर चिकित्सक सही समय पर रेफर कर देते तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।
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रसूलपुर ब्रम्हनान निवासी दिनेश की पत्नी सीमा (27) गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें सीएचसी बेहंदर ले जाया गया था। यहां से चिकित्सक ने हायर सेंटर रेफर कर दिया था लेकिन परिजन उन्हें सीएचसी से 100 मीटर दूर स्थित एसएन अस्पताल ले गए थे। यहां ऑपरेशन से प्रसव होने पर सीमा ने बेटे को जन्म दिया था। शाम को जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। नाराज परिजन ने शव रखकर संडीला-बांगरमऊ मार्ग पर जाम लगा दिया था। कार्रवाई के आश्वासन पर जाम खोल दिया गया था।
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देर रात घटना की जांच करने पहुंचे डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज सिंह ने प्राइवेट अस्पताल के अभिलेखों की पड़ताल की थी। इस दौरान पता चला कि अस्पताल का पंजीकरण बीते 30 अप्रैल को ही समाप्त हो चुका है। इस कारण अस्पताल सील कर दिया गया था।
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उधर, दूसरी ओर मृतका के पिता असही आजमपुर निवासी मूलचंद्र की शिकायत पर अस्पताल संचालक योगेंद्र नाथ और एसएन हॉस्पिटल के डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ संडीला संतोष सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
80 हजार रुपये लेकर किया था ऑपरेशन
दर्ज प्राथमिकी में मृतका के पिता ने बताया कि ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर ने 80 हजार रुपये जमा कराए थे। ऑपरेशन होने के बाद पहले जच्चा की और फिर बच्चा की भी मौत हो गई। आरोप है कि अगर चिकित्सक सही समय पर रेफर कर देते तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।