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वित्तीय वर्ष का झाम, काम ही काम

Sun, 29 Mar 2015 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Sun, 29 Mar 2015 12:41 AM IST
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Financial year the equipment , work and work

वित्तीय वर्ष 14-15 को अब समाप्त होने में सिर्फ तीन

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दिन बचे हैं। ऐसे में विभागों में बजट को पूरा करने को जोर दिया जा रहा है। सरकारी कार्यालयों में बजट को समाप्त करने को लेकर कर्मचारी अवकाश के दिनों में भी काम कर रहे, वहीं कुछ विभाग ऐसे भी हैं जिनको लाखों की धनराशि सरेंडर भी करनी पड़ सकती है।

कुछ विभाग ऐसे जिनके पास पूरे वित्तीय वर्ष बहुत कम काम रहा। जिले में विकास कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 14-15 के दौरान दो अरब 42 करोड़ 56 लाख की कार्य योजना बनी। इसके बाद विभागों ने धनराशि को अनुमोदन तो किया, पर वित्तीय वर्ष के दौरान विभागों को धनराशि देने में कंजूसी सरकार ने दिखाई।

प्रस्तावित धनराशि के सापेक्ष सिर्फ 27 करोड़ रुपये ही मिले। ऐसे में कई ऐसे विभाग रहे जिनको एक फूटी कौड़ी नहीं मिली। इनमें भूमि संरक्षण अधिकारी आईडब्लूएमपी, परियोजना अधिकारी नेडा, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी लखनऊ, जिला क्रीड़ाधिकारी, परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला होम्योपैथिक अधिकारी, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी यूनानी, अधिशासी अभियंता जल निगम व आईटीआई प्रधानाचार्य आदि विभागों हैं।

इसके अलावा ऐसे कई विभाग हैं जहां धनराशि तो भेजी गई, पर विभाग उसे भी खर्च नहीं कर पाया और स्थिति अब यह है कि विभागोें में धनराशि को समायोजित करने को अवकाश में भी कार्यालय खोलना पड़ा। वित्तीय वर्ष 14-15 में समाज कल्याण विभाग का पूरा जोर सिर्फ प्रदेश सरकार की समाजवादी पेंशन पर ही रहा।

जबकि अन्य योजनाओं को तो शासन ने ही ताक पर रख दिया। वित्तीय वर्ष के दौरान ही शादी व बीमारी अनुदान योजना को धनराशि नहीं दी गई। ऐसे में पात्रों को लाभान्वित नहीं किया गया। वहीं वृद्धावस्था पेंशन को लेकर भी अधिक जोर नहीं दिया गया और वित्तीय वर्ष समाप्त होना है तो भी  पेंशन को लेकर अधिकारी व्यस्त हैं।

उधर, जिला पंचायत राज विभाग में शौचालय निर्माण को लेकर काफी उठा पटक हुई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिले में 27,712 शौचालय का निर्माण कराने का लक्ष्य आया, पर इसके बाद कभी महाराष्ट्र की तर्ज पर तो कभी प्री-कास्ट शौचालय निर्माण की रूपरेखा बनती रही।

इसी तरह बाल विकास विभाग वित्तीय वर्ष 14-15 काफी व्यस्त रहा। डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना से चयनित ग्रामों में आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण और इसके बाद राज्य पोषण मिशन के संचालन ने अफसर, कर्मियों को खासी मशक्कत कराई।

जिले में वित्तीय वर्ष 12-13 व 13-14 के 46 आंगनबाड़ी केंद्र भवन तथा 14-15 के 13 भवन बनाए जाने हैं, जबकि राज्य पोषण मिशन की गतिविधियां भी की जानी है, जिसको लेकर वित्तीय वर्ष के अंत में अवकाश में भी कार्यालय खोलना पड़ा।

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