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Hardoi News: गड़बड़ी पर रायपुर गुलरिहा के प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक
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हरदोई। गांव में निर्माण और भुगतान में गड़बड़ी पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने विकास खंड शाहाबाद की ग्राम पंचायत रायपुर गुलरिहा के प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी है। ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) पर कार्रवाई के डीडीओ को आदेश दिए हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत में कार्यों और भुगतान की अंतिम जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है।
जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई रायपुर गुलरिहा निवासी नेकराम आदि के शिकायती पत्र पर जांच में गड़बड़ी की पुष्टि पर की है। डीएम के प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन और जीव प्रभाग और जल निगम के अधिशासी अभियंता ने जांच की थी। जांच रिपोर्ट में हैंडपंप मरम्मत पर खर्च 83,347 रुपये का हिसाब नहीं मिला। पंचायत भवन में फर्नीचर, बैटरी-इन्वर्टर और सोलर प्लांट लिए गए हैं। जांच में 29,000 रुपये का फर्नीचर नहीं मिला। एक लाख, 16 हजार, 810 रुपये तालाब सफाई पर खर्च किए गए हैं, जांच में तालाब की सफाई होने की पुष्टि नहीं हुई। मार्ग पर मिट्टी भराव काम पर 20 हजार 516 रुपये का काम नहीं मिला।
बताया कि जांच आख्या पर पंचायतीराज अधिनियम में रायपुर गुलरिया के प्रधान रमेश चंद्र कुशवाहा के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई है। वीडीओ वीरेंद्र सिंह पर कार्रवाई के आदेश डीडीओ को दिए गए हैं। वहीं, अंतिम जांच के लिए जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और नलकूप विभाग के सहायक अभियंता को नामित किया गया है।
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जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई रायपुर गुलरिहा निवासी नेकराम आदि के शिकायती पत्र पर जांच में गड़बड़ी की पुष्टि पर की है। डीएम के प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन और जीव प्रभाग और जल निगम के अधिशासी अभियंता ने जांच की थी। जांच रिपोर्ट में हैंडपंप मरम्मत पर खर्च 83,347 रुपये का हिसाब नहीं मिला। पंचायत भवन में फर्नीचर, बैटरी-इन्वर्टर और सोलर प्लांट लिए गए हैं। जांच में 29,000 रुपये का फर्नीचर नहीं मिला। एक लाख, 16 हजार, 810 रुपये तालाब सफाई पर खर्च किए गए हैं, जांच में तालाब की सफाई होने की पुष्टि नहीं हुई। मार्ग पर मिट्टी भराव काम पर 20 हजार 516 रुपये का काम नहीं मिला।
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बताया कि जांच आख्या पर पंचायतीराज अधिनियम में रायपुर गुलरिया के प्रधान रमेश चंद्र कुशवाहा के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई है। वीडीओ वीरेंद्र सिंह पर कार्रवाई के आदेश डीडीओ को दिए गए हैं। वहीं, अंतिम जांच के लिए जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और नलकूप विभाग के सहायक अभियंता को नामित किया गया है।
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