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किसानों के मसीहा थे चौधरी चरण
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई।
Updated Wed, 23 Dec 2015 11:02 PM IST
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हरदोई। किसानों के मसीहा कहे जाने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चरण सिंह की 113 वीं जयंती पर रालोद ने बुधवार को सिंचाई विभाग परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर श्रद्वासुमन अर्पित किए। पार्टी ने मरणोपरांत उन्हें भारतरत्न दिलाने की मांग की।
जिलाध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का जीवन खुली किताब था जिन्होंने आजीवन राष्ट्र व किसान हित में कार्य किया और अपने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री काल में किसानों के हितों के लिए विधिक कदम उठाए जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह वास्तव में किसानों के सच्चे मसीहा थे।
प्रमुख महासचिव शिवसेवक गुप्त ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने जमींदार उन्मूलन तथा पटवारी जैसे पदों को बदलकर नया विधान बनाकर किसानों के हितों में अतुलनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि वह ईमानदार व धनी व्यक्तित्वशाली व्यक्ति थे जिन्होंने जीवन भर किसान व राष्ट्र हितों के लिए समझौता नहीं किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चरण सिंह को मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न प्रदान करने के लिए भारत सरकार से मांग की।
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विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ओम कुमार ने कहा कि उनका मानना था कि भारत की आम गांव में बसती है और देश की तरक्की का रास्ता भी गांव से होकर जाता है। इसलिए सरकारों को किसान हित व गांव के विकास के लिए कदम उठाने ही होंगे। इस मौके पर प्रदीप मिश्रा, सुभाष बाबू मिश्रज्ञ, अक्षय दीक्षित, बहादुर सिंह, राजीव बाजपेई, सेामेश्वर सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, गिरीश दीक्षित, राम बहादुर मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का जीवन खुली किताब था जिन्होंने आजीवन राष्ट्र व किसान हित में कार्य किया और अपने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री काल में किसानों के हितों के लिए विधिक कदम उठाए जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह वास्तव में किसानों के सच्चे मसीहा थे।
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प्रमुख महासचिव शिवसेवक गुप्त ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने जमींदार उन्मूलन तथा पटवारी जैसे पदों को बदलकर नया विधान बनाकर किसानों के हितों में अतुलनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि वह ईमानदार व धनी व्यक्तित्वशाली व्यक्ति थे जिन्होंने जीवन भर किसान व राष्ट्र हितों के लिए समझौता नहीं किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चरण सिंह को मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न प्रदान करने के लिए भारत सरकार से मांग की।
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विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ओम कुमार ने कहा कि उनका मानना था कि भारत की आम गांव में बसती है और देश की तरक्की का रास्ता भी गांव से होकर जाता है। इसलिए सरकारों को किसान हित व गांव के विकास के लिए कदम उठाने ही होंगे। इस मौके पर प्रदीप मिश्रा, सुभाष बाबू मिश्रज्ञ, अक्षय दीक्षित, बहादुर सिंह, राजीव बाजपेई, सेामेश्वर सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, गिरीश दीक्षित, राम बहादुर मौजूद रहे।