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Hardoi News: चकबंदी अधिकारियों, प्रधान पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा धरना दे रहे किसान
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हरदोई। चकबंदी अधिकारियों और प्रधान पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर किसानों ने धरना शुरु किया है।
टड़ियावां के पुरवादेवरिया गांव में भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी अराजनैतिक के पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में किसान धरने पर बैठे हैं। चकबंदी प्रकिया हुई तो किसान सत्याग्रह करेंगे।
पुरवादेवरिया गांव में अपनी मांगों के समर्थन में किसानों के साथ ही किसान यूनियन भी शामिल है। भाकियू के जिलाध्यक्ष रामलखन पाठक ने कहा कि गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को तत्काल बंद किया जाए। यहां के कुछ लोग अपने हित के कारण चकबंदी चाहते हैं जबकि, ग्राम पंचायत के किसान खुली बैठक में चकबंदी के विरुद्ध प्रस्ताव पारित कर चुके हैं।
कहा कि ग्राम पंचायत के कुछ लोग चकबंदी अधिकारियों से मिलीभगत कर निजी हितों के चलते गरीब किसानों की जमीन हड़पना चाहते हैं। ग्राम पंचायत में चकबंदी पहले ही पूरी हो चुकी है, इससे लोग संतुष्ट भी हैं। इसलिए दोबारा जबरन चकबंदी कराए जाने की आवश्यकता नहीं है। प्रभावशाली लोगों की वजह से चकबंदी प्रक्रिया का निष्पक्ष हो पाना संभव नहीं है। चकबंदी प्रक्रिया के अधीन ग्राम पंचायत को दर्शाए जाने से विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। चकबंदी प्रक्रिया को जल्द रोकने की मांग की है।
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टड़ियावां के पुरवादेवरिया गांव में भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी अराजनैतिक के पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में किसान धरने पर बैठे हैं। चकबंदी प्रकिया हुई तो किसान सत्याग्रह करेंगे।
पुरवादेवरिया गांव में अपनी मांगों के समर्थन में किसानों के साथ ही किसान यूनियन भी शामिल है। भाकियू के जिलाध्यक्ष रामलखन पाठक ने कहा कि गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को तत्काल बंद किया जाए। यहां के कुछ लोग अपने हित के कारण चकबंदी चाहते हैं जबकि, ग्राम पंचायत के किसान खुली बैठक में चकबंदी के विरुद्ध प्रस्ताव पारित कर चुके हैं।
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कहा कि ग्राम पंचायत के कुछ लोग चकबंदी अधिकारियों से मिलीभगत कर निजी हितों के चलते गरीब किसानों की जमीन हड़पना चाहते हैं। ग्राम पंचायत में चकबंदी पहले ही पूरी हो चुकी है, इससे लोग संतुष्ट भी हैं। इसलिए दोबारा जबरन चकबंदी कराए जाने की आवश्यकता नहीं है। प्रभावशाली लोगों की वजह से चकबंदी प्रक्रिया का निष्पक्ष हो पाना संभव नहीं है। चकबंदी प्रक्रिया के अधीन ग्राम पंचायत को दर्शाए जाने से विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। चकबंदी प्रक्रिया को जल्द रोकने की मांग की है।
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