{"_id":"227f1665d94bd4f6c32a538d17030add","slug":"farmers-hunger-strike-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की भूख हड़ताल शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों की भूख हड़ताल शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 21 Mar 2015 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बघौली चीनी मिल द्वारा सत्र 14-15 का गन्ना किसानों
विज्ञापन
का भुगतान न कराने के बाद आक्रोशित किसानों ने आखिरकार शुक्रवार से
कलक्ट्रेट परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दी। गन्ना किसानों ने आरोप लगाया
कि इस पेराई सत्र में मिल ने मात्र तीन करोड़ का भुगतान अब तक किया और 30
करोड़ रुपये दबाए बैठी है।
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान सर्वेश शुक्ला, अमर प्रकाश, संजय पांडे ने कहा कि चीनी मिल बघौली द्वारा पेराई सत्र में गन्ना मूल्य का तीन करोड़ रुपये मात्र भुगतान 18 दिसंबर तक किया गया है। चीनी मिल बघौली 15 फरवरी को बंद हो चुकी है।
चीनी मिल द्वारा लगभग 11 करोड़ की चीनी बिक्री की जा चुकी है, पर चीनी मिल द्वारा मात्र तीन करोड़ का भुगतान किया गया है। इस प्रकार लगभग मात्र 10 प्रतिशत भुगतान किया गया है। चीनी मिल पर लगभग 90 प्रतिशत गन्ना मूल्य बकाया है।
चीनी बिक्री का पैसा अन्य मदों में खर्च कर लिया गया, जबकि जिले की अन्य चीनी मिलों द्वारा 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा रहा है। इस प्रकार से किसानों के सिर गन्ना फसल को लेकर लिया गया कर्ज का भार ब्याज के रूप में और अधिक बढ़ता जा रहा है।
इस दौरान किसानों ने कहा कि अधिकांश किसानों के द्वारा कि सान क्रेडिट कार्ड से लोन लेकर गन्ना बोया गया है, जिस पर बैंकों द्वारा ब्याज लिया जाता है। गन्ना विभाग एवं चीनी मिल बघौली के अधिकारी गन्ना मूल्य भुगतान का आश्वासन ही दे रहे हैं, किंतु भुगतान करने की संभावना शून्य लग रही है।
गन्ना मिल द्वारा लगभग 30 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। गन्ना किसानों ने जिलाधिकारी रमेश मिश्र को ज्ञापन देते हुए चेतावनी दी कि जब तक मिल उनका भुगतान नहीं कर देता तब उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह व कोतवाल नागेश सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से जानकारी ली। इस मौके पर सरोज पांडे, आलोक पांडे, अमित पांडे और कमलेश मिश्रा आदि मौजूद थे।
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान सर्वेश शुक्ला, अमर प्रकाश, संजय पांडे ने कहा कि चीनी मिल बघौली द्वारा पेराई सत्र में गन्ना मूल्य का तीन करोड़ रुपये मात्र भुगतान 18 दिसंबर तक किया गया है। चीनी मिल बघौली 15 फरवरी को बंद हो चुकी है।
चीनी मिल द्वारा लगभग 11 करोड़ की चीनी बिक्री की जा चुकी है, पर चीनी मिल द्वारा मात्र तीन करोड़ का भुगतान किया गया है। इस प्रकार लगभग मात्र 10 प्रतिशत भुगतान किया गया है। चीनी मिल पर लगभग 90 प्रतिशत गन्ना मूल्य बकाया है।
चीनी बिक्री का पैसा अन्य मदों में खर्च कर लिया गया, जबकि जिले की अन्य चीनी मिलों द्वारा 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा रहा है। इस प्रकार से किसानों के सिर गन्ना फसल को लेकर लिया गया कर्ज का भार ब्याज के रूप में और अधिक बढ़ता जा रहा है।
इस दौरान किसानों ने कहा कि अधिकांश किसानों के द्वारा कि सान क्रेडिट कार्ड से लोन लेकर गन्ना बोया गया है, जिस पर बैंकों द्वारा ब्याज लिया जाता है। गन्ना विभाग एवं चीनी मिल बघौली के अधिकारी गन्ना मूल्य भुगतान का आश्वासन ही दे रहे हैं, किंतु भुगतान करने की संभावना शून्य लग रही है।
गन्ना मिल द्वारा लगभग 30 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। गन्ना किसानों ने जिलाधिकारी रमेश मिश्र को ज्ञापन देते हुए चेतावनी दी कि जब तक मिल उनका भुगतान नहीं कर देता तब उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह व कोतवाल नागेश सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से जानकारी ली। इस मौके पर सरोज पांडे, आलोक पांडे, अमित पांडे और कमलेश मिश्रा आदि मौजूद थे।