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आईफ्लू का कहर : स्टैंडर्ड कंपनियों के आई ड्राॅप बाजार से गायब

Sat, 12 Aug 2023 12:51 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Aug 2023 12:51 AM IST
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Eyeflu havoc: Eye drops of standard companies disappear from the market
हरदोई। आईफ्लू से परेशान मरीजों के लिए अब एक नई मुसीबत तैयार हो गई है। आईफ्लू के उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली अच्छी कंपनियों की आई ड्राॅप बाजार से गायब हो गई हैं। विकल्प के तौर पर मेडिकल स्टोर संचालक दूसरी आई ड्राॅप दे रहे हैं, लेकिन यह बहुत कारगर साबित नहीं हो रही हैं।
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पिछले लगभग एक पखवारे से आईफ्लू ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी इलाकों तक में फैला हुआ हैँ। स्कूली बच्चों से लेकर बड़े तक आईफ्लू की चपेट में हैं। आईफ्लू फैलने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ मेडिकल काॅलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की ओपीडी में ही औसतन हर रोज 200 मरीज आईफ्लू के ही पहुंचते हैं। इन मरीजों को आम तौर पर अस्पताल परिसर से ही दवा उपलब्ध करा दी जाती है। अस्पताल में मरीजों को सिफरोफॉक्सासीन आईड्राप उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन ज्यादातर मरीज चिकित्सक से बाहर की आई ड्रॉप लिखने का अनुरोध करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मरीज प्राइवेट नर्सिंग होम और चिकित्सकों के पास भी पहुंचते हैं।
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सीएमएस डाॅ. जेके वर्मा खुद नेत्र सर्जन हैं। डाॅ. जेके वर्मा बताते हैं कि आम तौर पर आईफ्लू के उपचार में मोसीडी, सीफ़्लाक्स डी, डेक्सिन और महाफ्लाक्स डी आई ड्राॅप कारगर होती हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में मरीज ऐसे भी होती हैं जो चिकित्सक से बाहर की ही दवा लिखने का अनुरोध करते हैं। अब पता चल रहा है कि ये दवाएं बाजार में उपलब्ध ही नहीं हैं। उन्होंने बताया कि संभवत: आईफ्लू के मरीज अधिक होने और अधिकांश चिकित्सकों की ओर से ये चार आई ड्राॅप का सुझाव दिए जाने के कारण खपत बढ़ गई है। शायद यही वजह है कि बाजार में ये आई ड्राॅप नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में वैकल्पिक आई ड्राप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में मिलने वाली सिफरोफाॅक्सासीन आई ड्राॅप भी आईफ्लू में कारगर है।
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इनसेट
आंख से आंख न मिलाएं
सीएमएस डॉ. जेके वर्मा बताते हैं कि अमूमन आईफ्लू तीन से चार दिन में ठीक हो जाता है। घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी बरतना जरूरी है। अगर किसी को आईफ्लू हो, तो उससे सीधे आंख न मिलाएं। जो लोग आईफ्लू से पीड़ित हैं उन्हें भी जागरूकता दिखानी चाहिए और घर पर ही रुकना चाहिए।
यह हैं आईफ्लू के लक्षण
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आंखों का लाल होना।

आंखों में जलन व खुजली होना।
आंखों से आंसू निकलना।

आंखों में दर्द होना, सूजन आना।


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ये सावधानी बरतेंं
. मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और कंप्यूटर न चलाएं।



. साफ पानी से आंखों को धुलें


. आंखों में दवा चिकित्सक की सलाह से ही डालें



. हाथों को बार-बार आंख पर न लगाएं।



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इनकी भी सुनिए



. मेडिकल कारोबारी अखिलेश गुप्ता ने बताया कि पिछले एक पखवारे से आईफ्लू ज्यादा फैला है। स्टैंडर्ड कंपनियों के आई ड्रॉप की कमी हो गई है। दवा बनाने वाली कंपनी ही एजेंसियों को माल नहीं भेज पा रही है। इसके कारण दिक्कत आ रही है।


. केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव नितीश मुखर्जी बताया कि आई फ्लू का संक्रमण अधिक होने के कारण आईड्राप की मांग अधिक है। कुछ स्टैंडर्ड कंपनियों के आईड्राप की बाजार में कमी है। निर्माता ही दवा उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।
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