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Hardoi News: गलत इलाज से आंख की रोशनी गई, धरने पर बैठे पीड़ित, झोलाछाप पर रिपोर्ट

Sun, 27 Jul 2025 11:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 27 Jul 2025 11:58 PM IST
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Eye sight was lost due to wrong treatment, victim sat on dharna, report on quack
पाली पीएचसी में धरने पर बैठे छोटेलाल व बच्चूलाल से वार्ता करते थानाध्यक्ष सोमपाल गंगवार। - फोटो : कलेक्ट्रेट सभागर में सामग्री देते मुख्य अति​थि। श्रोत : सूचना विभाग
पाली। गलत इलाज से आंख की रोशनी गंवाने वाले दो मरीजों ने पाली पीएचसी में शनिवार को करीब 11 घंटे तक धरना दिया। रिपोर्ट दर्ज न होने से नाराज पीड़ितों ने कार्रवाई की मांग की। देर रात एसडीएम के हस्तक्षेप पर पुलिस ने झोलाछाप पर एफआईआर दर्ज की। उसकी क्लीनिक पहले ही सील हो चुकी है।
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पाली कस्बे के पटियानींव मोहल्ला निवासी छोटेलाल कश्यप सब्जी का ठेला लगाते हैं। उनका आरोप है कि 26 जनवरी को उन्होंने अपनी आंख की जांच भगवंतपुर स्थित आदेश दीक्षित की आई क्लीनिक पर कराई थी। आरोप है कि आदेश ने आंख की पुतली में सुई चुभो दी, जिससे उनकी एक आंख की रोशनी चली गई।
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केवलपुर गांव निवासी बच्चूलाल ने भी 20 जून को उसी क्लीनिक पर इलाज कराया था। उन्होंने भी आंख की रोशनी खराब होने का आरोप लगाया। दोनों पीड़ितों ने मामले की शिकायत डीएम और सीएमओ से की थी, जिसके बाद 11 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक सील कर दी थी।
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शनिवार को दोपहर 12 बजे दोनों मरीज पाली पीएचसी पहुंचे और परिसर के भीतर धरने पर बैठ गए। इनकी मांग थी कि आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। सूचना पर पहुंचे पाली थानाध्यक्ष सोमपाल गंगवार ने समझाने की कोशिश की, लेकिन मरीज नहीं माने।

रात 11 बजे सवायजपुर एसडीएम संजय अग्रहरि के हस्तक्षेप के बाद पीएचसी प्रभारी डॉ. आनंद शुक्ला ने पुलिस को तहरीर दी। इसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया।
अभी तक नहीं दिखा सका डिग्री

पीएचसी प्रभारी डॉ. आनंद शुक्ला के मुताबिक, झोलाछाप आदेश दीक्षित को नोटिस देकर तीन दिन में डिग्री और प्रमाणपत्र पेश करने को कहा गया था, लेकिन वह कोई दस्तावेज नहीं दे सका। इसके बाद एफआईआर कराई गई।
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