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सब मनाएंगे दशहरा, फसल बचाने को किसान देंगे पहरा
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फोटो-09- क्रय केंद्र के बाहर लाइन से खड़ी धान से लदी ट्रालियां। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। घरों में शनिवार को नवरात्र अष्टमी/नवमी मनाई गई और रविवार को लोग दशहरा मनाएंगे। इससे इतर धान तौलाने को कई दिनों से क्रय केंद्रों पर डेरा जमाए अन्नादाता फसल बचाने को पहरा दे रहे हैं। यह तस्वीर मंडी के क्रय केंद्रों की है। पिछले कई दिन से तौल न होने के कारण मंडी में डटे किसानों का कहना है कि वे ट्रालियों और चबूतरों पर रात काट रहे है। बस यही कोशिश है कि केंद्र पर तौल हो जाए, अगर तौल हो जाती है तो उपज का अच्छा मूल्य मिलेगा।
धान खरीद की बेपटरी व्यवस्था को पटरी पर लाने में प्रशासन को खासा पसीना बहाना पड़ रहा है। पहले ही किसानों की आवक की केंद्रों पर व्यवस्थित ढंग से तौल नहीं हो पा रही है। धान तौलाने के लिए किसानों को कई-कई दिनों तक क्रय केंद्रों पर रुकना पड़ रहा है। शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार को डीएम अविनाश कुमार ने मंडी जाकर स्थिति देखी थी और व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए थे। इसके बाद व्यवस्था में कुछ हद तक सुधार नजर आया था।
इधर शनिवार को नवरात्र अष्टमी और रविवार को दशहरा का अवकाश है, जिसके चलते क्रय केंद्रों पर खरीद बंद रही। शुक्रवार या इससे पहले धान लेकर मंडी पहुंच चुके किसानों को शनिवार को मंडी व केंद्र न खुलने पर खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। परेशान किसानों ने अपनी ट्रालियां केंद्रों के आगे की लगा दीं और डेरा डाल दिया। मंडी में रुके किसानों का कहना है कि पूर्व में अधिकारियों के निर्देश पर अवकाश के दिनों में भी केंद्रों पर खरीद होती रही है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका।
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खरीद बंद होने पर वे परिवार से दूर रहकर दशहरे पर मंडी में ही रात काटेंगे। कहा कि यहां रुकना उनकी मजबूरी है, एक बार केंद्र के पास से ट्राली हटा दी तो दोबारा यहां तक आने में व धान की तौल कराने में कई दिन का वक्त लग जाएगा। इसलिए हटने का सवाल ही नहीं है, जब तक तौल नहीं होती तब तक मंडी में ही रुकेंगे।
मंडी स्थित क्रय केंद्र पर मौजूद बेनीगंज के ग्राम नेवादा लोचन गांव निवासी किसान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 22 अक्तूबर को वह शुक्लापुर गांव में स्थित विपणन विभाग के क्रय केंद्र पर गए थे। वहां 18 नवंबर को धाने बेचने के लिए टोकन दिया गया। कहा कि किसान के लिए इतना इंतजार करना संभव नहीं है। इस लिए शुक्रवार की सुबह धान लेकर मंडी आ गए, यहां क्रय केंद्र पर खड़े रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बताया कि तौल न होने तक यहीं रुकेंगे।
टड़ियावां के ग्राम देविया फत्तेपुर निवासी किसान दलबीर सिंह ने बताया कि सोमवार को ट्राली में धान लेकर मंडी आए थे और ट्राली क्रय केंद्र के पास लगा दी थी। रोज आश्वासन मिल रहा है, लेकिन धान की तौल नहीं हो पा रही है। आज शनिवार को भीड़ कम थी। तौल आसानी से हो सकती थी, लेकिन आज तौल बंद रही। कल रविवार को भी छुट्टी है, सोमवार को तौल होगी, लेकिन तब तक फिर से दर्जनों ट्रालियां इकट्ठी हो जाएंगी। उनकी तौल हो पाएगी या नहीं, अभी यह भी स्पष्ट नहीं है।
उधर, डिप्टी आरएमओ, अनुराग पांडे ने कहा कि शनिवार और रविवार को अवकाश के चलते क्रय केंद्र बंद है, तौल के लिए केंद्रों पर टोकन व्यवस्था प्रभावी हो गई है। केंद्र पर अनावश्यक भीड़ न रहे, इसके लिए डीएम के निर्देश पर मंडी में वेटिंग एरिया बनाया जा रहा है। आने वाली ट्रालियों को वहां लगाया जाएगा। जिसका नंबर आता जाएगा, उसकी तौल कराई जाएगी।
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धान खरीद की बेपटरी व्यवस्था को पटरी पर लाने में प्रशासन को खासा पसीना बहाना पड़ रहा है। पहले ही किसानों की आवक की केंद्रों पर व्यवस्थित ढंग से तौल नहीं हो पा रही है। धान तौलाने के लिए किसानों को कई-कई दिनों तक क्रय केंद्रों पर रुकना पड़ रहा है। शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार को डीएम अविनाश कुमार ने मंडी जाकर स्थिति देखी थी और व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए थे। इसके बाद व्यवस्था में कुछ हद तक सुधार नजर आया था।
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इधर शनिवार को नवरात्र अष्टमी और रविवार को दशहरा का अवकाश है, जिसके चलते क्रय केंद्रों पर खरीद बंद रही। शुक्रवार या इससे पहले धान लेकर मंडी पहुंच चुके किसानों को शनिवार को मंडी व केंद्र न खुलने पर खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। परेशान किसानों ने अपनी ट्रालियां केंद्रों के आगे की लगा दीं और डेरा डाल दिया। मंडी में रुके किसानों का कहना है कि पूर्व में अधिकारियों के निर्देश पर अवकाश के दिनों में भी केंद्रों पर खरीद होती रही है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका।
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खरीद बंद होने पर वे परिवार से दूर रहकर दशहरे पर मंडी में ही रात काटेंगे। कहा कि यहां रुकना उनकी मजबूरी है, एक बार केंद्र के पास से ट्राली हटा दी तो दोबारा यहां तक आने में व धान की तौल कराने में कई दिन का वक्त लग जाएगा। इसलिए हटने का सवाल ही नहीं है, जब तक तौल नहीं होती तब तक मंडी में ही रुकेंगे।
मंडी स्थित क्रय केंद्र पर मौजूद बेनीगंज के ग्राम नेवादा लोचन गांव निवासी किसान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 22 अक्तूबर को वह शुक्लापुर गांव में स्थित विपणन विभाग के क्रय केंद्र पर गए थे। वहां 18 नवंबर को धाने बेचने के लिए टोकन दिया गया। कहा कि किसान के लिए इतना इंतजार करना संभव नहीं है। इस लिए शुक्रवार की सुबह धान लेकर मंडी आ गए, यहां क्रय केंद्र पर खड़े रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बताया कि तौल न होने तक यहीं रुकेंगे।
टड़ियावां के ग्राम देविया फत्तेपुर निवासी किसान दलबीर सिंह ने बताया कि सोमवार को ट्राली में धान लेकर मंडी आए थे और ट्राली क्रय केंद्र के पास लगा दी थी। रोज आश्वासन मिल रहा है, लेकिन धान की तौल नहीं हो पा रही है। आज शनिवार को भीड़ कम थी। तौल आसानी से हो सकती थी, लेकिन आज तौल बंद रही। कल रविवार को भी छुट्टी है, सोमवार को तौल होगी, लेकिन तब तक फिर से दर्जनों ट्रालियां इकट्ठी हो जाएंगी। उनकी तौल हो पाएगी या नहीं, अभी यह भी स्पष्ट नहीं है।
उधर, डिप्टी आरएमओ, अनुराग पांडे ने कहा कि शनिवार और रविवार को अवकाश के चलते क्रय केंद्र बंद है, तौल के लिए केंद्रों पर टोकन व्यवस्था प्रभावी हो गई है। केंद्र पर अनावश्यक भीड़ न रहे, इसके लिए डीएम के निर्देश पर मंडी में वेटिंग एरिया बनाया जा रहा है। आने वाली ट्रालियों को वहां लगाया जाएगा। जिसका नंबर आता जाएगा, उसकी तौल कराई जाएगी।