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प्री मानसून में भी रूठे बादल

Tue, 03 May 2016 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई Updated Tue, 03 May 2016 11:41 PM IST
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Even in the pre-monsoon clouds sulking
धूप से बचाव करती युवतियां। - फोटो : अमर उजाला

हरदोई। इस साल प्री मानसून में भी बादल रूठे दिखाई दे रहे हैं। 25 अप्रैल से पांच जून तक होने वाली प्री मानसून की बूंदे भी धरती पर नहीं गिरी हैं। जलस्तर में गिरावट भी नहीं थम रही है। तालाबों तक में धूल उड़ रही है। रबी की फसलों के बाद मई-जून में बागवानी एवं साग सब्जी उगाकर कमाई करने के सपनों पर ग्रहण सा लग रहा है। खेती किसानी को लेकर किसान चिंतित हैं। न तो बागवानी को गति मिल पा रही है और न ही फूलों की खेती की ओर कदम बढ़ पा रहे हैं। पिछले दो साल से मौसम के मिजाज समझ से परे हैं। जब बारिश की जरूरत होती है तो पानी बरसता नहीं है और जब पानी की जरूरत नहीं होती तो ओले और बारिश होती है। ऐसे में सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है।

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मौसम वेधशाला के प्रभारी जयशंकर मिश्रा ने बताया कि हर वर्ष 15 से 25 जून तक मानसून आने का समय अनुमानित होता है। जब कि प्री मानसून के तहत होने वाली बारिश का समय 25 अप्रैल से  पांच जून तक का रहता है। मौसम चक्र के अनुसार समयावधि में परिवर्तन होता रहता है। इस समय प्री मानसून की बारिश की आस लगाई जा रही है। उपनिदेशक बृजेश चंद्रा कहते हैं कि अब प्री मानसून के तौर पर बारिश की आवश्यकता महसूस की जा रही है। बारिश होने से आम आदि फलों एवं फूलों को आक्सीजन एवं पोषण मिलने के साथ ही खेतोें में सब्जियां आदि उगाने में मदद मिलेगी।  
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गिरते जल स्तर के बीच पेयजल की दिक्कत
हरदोई। जल स्तर गिरने से ज्यादा गहराई तक बोरिंग करानी पड़ रही है। दस साल पहले तक शहर में औसतन बोरिंग 80 फिट होती थी तथा पानी खींचने के लिए मोटर आधा से एक हार्सपावर से पानी पहुंच जाता है। मगर अब औसत बोरिंग 100 से 120 फिट हो रही है और टुल्लू पंप के स्थान पर सबमर्सिबल लगाना पड़ रहा है।
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बच्चों ने की बारिश के लिए भगवान से प्रार्थना
हरदोई। डाल सिंह स्कूल के बच्चों ने बारिश के लिए मंगलवार को श्रीराम जानकी मंदिर में पूजा अर्चना की और भगवान से पानी बरसाने की मांग की। कहा कि गर्मी से बेहाल और गिरते जल स्तर को रोकने के लिए बारिश की जरूरत है। इस मौके पर छात्र छात्राओं के अलावा शिक्षक व शिक्षिकाएं आदि भी मौजूद रहे।

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