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अतिक्रमण का झाम, बस जाम ही जाम
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Tue, 01 Sep 2015 11:59 PM IST
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शहर में बढ़ रहे अतिक्रमण और अनियंत्रित यातायात के
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कारण प्रतिदिन लगने वाले जाम से लोग आजिज आ चुके हैं। ऐसे में सबसे अधिक
दिक्कत धूप में विद्यालय से घर जाने वाले बच्चों को होती है। जाम के कारण
वह घंटों धूप में फंसे रहते हैं, पर जिम्मेदार इस ओर से ध्यान नहीं देते।
ज्ञात हो कि शहर में प्रतिदिन वाहनों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। शहर में आटो की संख्या अधिक होने से शहर का ट्रैफिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही बढ़ रहे अतिक्रमण ने मुख्य मार्गाें को संकरा कर दिया है। इससे प्रतिदिन शहर का हर चौराहा जाम से कराहा उठता है, पर जिन लोगों की यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी है, वह पेड़ की छांव में शिकार का इंतजार करते रहते हैं।
शहर के नुमाइश चौराहे पर यातायात नियंत्रण के लिए बूथ बनाया गया है। जहां पर दारोगा समेत यातायात पुलिस कर्मी हर समय मौजूद रहते हैं, पर यातायात नियंत्रण के स्थान पर वाहन की जांच की खानापूरी में लगे रहते हैं। बूथ में प्रतिदिन ही वाहन चालकों को बुलाकर कार्रवाई के नाम पर उगाही के आरोप भी लगते रहते हैं।
वहीं बूथ के पास ही डग्गामार वाहन खड़े रहते हैं। इससे यह चौराहा अकसर जाम की चपेट में आ जाता है। इससे सबसे अधिक स्कूली बच्चे प्रभावित होते हैं। इसके अलावा अतिक्रमण के कारण बड़ा चौराहा संकरा हो गया है। एक ओर मिठाई के दुकानदार आधी सड़क घेर लेते हैं, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग ने सड़क पर ट्रांसफार्मर लगा रखे हैं।
इससे स्कूल में छुट्टी होते ही यह चौराहा जाम हो जाता है। जिससे प्रतिदिन पास की बालिका स्कूल की छात्राओं को जूझना पड़ रहा है। उधर, सिनेमा चौराहा के पास पुलिस बूथ बनाया गया है। यहां पर भी यातायात कर्मी तैनात रहते हैं, ताकि चौराहे पर यातायात की व्यवस्था दुरुस्त रहे, पर बूथ के पास निजी वाहन सवारियां भरते रहते हैं। इससे चौराहे पर अकसर जाम लगा रहता है, जिससे अस्पताल आदि जाने वाले वाहन घंटों फंसे रहते हैं।
ज्ञात हो कि शहर में प्रतिदिन वाहनों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। शहर में आटो की संख्या अधिक होने से शहर का ट्रैफिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही बढ़ रहे अतिक्रमण ने मुख्य मार्गाें को संकरा कर दिया है। इससे प्रतिदिन शहर का हर चौराहा जाम से कराहा उठता है, पर जिन लोगों की यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी है, वह पेड़ की छांव में शिकार का इंतजार करते रहते हैं।
शहर के नुमाइश चौराहे पर यातायात नियंत्रण के लिए बूथ बनाया गया है। जहां पर दारोगा समेत यातायात पुलिस कर्मी हर समय मौजूद रहते हैं, पर यातायात नियंत्रण के स्थान पर वाहन की जांच की खानापूरी में लगे रहते हैं। बूथ में प्रतिदिन ही वाहन चालकों को बुलाकर कार्रवाई के नाम पर उगाही के आरोप भी लगते रहते हैं।
वहीं बूथ के पास ही डग्गामार वाहन खड़े रहते हैं। इससे यह चौराहा अकसर जाम की चपेट में आ जाता है। इससे सबसे अधिक स्कूली बच्चे प्रभावित होते हैं। इसके अलावा अतिक्रमण के कारण बड़ा चौराहा संकरा हो गया है। एक ओर मिठाई के दुकानदार आधी सड़क घेर लेते हैं, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग ने सड़क पर ट्रांसफार्मर लगा रखे हैं।
इससे स्कूल में छुट्टी होते ही यह चौराहा जाम हो जाता है। जिससे प्रतिदिन पास की बालिका स्कूल की छात्राओं को जूझना पड़ रहा है। उधर, सिनेमा चौराहा के पास पुलिस बूथ बनाया गया है। यहां पर भी यातायात कर्मी तैनात रहते हैं, ताकि चौराहे पर यातायात की व्यवस्था दुरुस्त रहे, पर बूथ के पास निजी वाहन सवारियां भरते रहते हैं। इससे चौराहे पर अकसर जाम लगा रहता है, जिससे अस्पताल आदि जाने वाले वाहन घंटों फंसे रहते हैं।