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Hardoi News: बजट के अभाव में 461 उत्पीड़न के शिकार लोगों को नहीं मिल पा रही मदद
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हरदोई। सामाजिक सहायता कार्यक्रम में अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न योजना में उत्पीड़न से प्रभावित लोगों को मिलने वाली मदद पर बजट का अभाव भारी पड़ रहा है। बजट न होने से 461 उत्पीड़न से प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद नहीं मिल पा रही है। हालांकि, विभाग ने जिला स्तरीय समिति की बैठक कराते हुए मामलों को स्वीकृति दिला दी है।
अनुसूचित जाति उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होने की दशा में पीड़ित अथवा आश्रित को आर्थिक मदद दी जाती है। समाज कल्याण विभाग में संचालित अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न योजना में उत्पीड़न की श्रेणी के अनुसार मदद दिए जाने की व्यवस्था है। इसमें मिलने वाली मदद को मुकदमा दर्ज होने और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल होने पर दो बार में आर्थिक मदद दी जाती है। विभाग के पास बजट न होने के कारण यहां पर 461 उत्पीड़न के शिकार लोगों को आर्थिक मदद नहीं मिल पाई है। उत्पीड़न से प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। बताया कि स्वीकृत 461 मामलों में अधिकतर को पहली किस्त ही दी जानी है।
अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न योजना में डीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति की ओर से विभाग को प्राप्त 461 मामलों पर स्वीकृति मिल गई है। इन लोगों को आर्थिक सहायता दिए जाने के लिए 3,87,00,000 रुपये की जरूरत है। उत्पीड़न से प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद जारी किए जाने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही श्रेणी के अनुसार मदद जारी की जाएगी। -रमाकांत, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न योजना में डीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति की ओर से विभाग को प्राप्त 461 मामलों पर स्वीकृति मिल गई है। इन लोगों को आर्थिक सहायता दिए जाने के लिए 3,87,00,000 रुपये की जरूरत है। उत्पीड़न से प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद जारी किए जाने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही श्रेणी के अनुसार मदद जारी की जाएगी। -रमाकांत, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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अनुसूचित जाति उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होने की दशा में पीड़ित अथवा आश्रित को आर्थिक मदद दी जाती है। समाज कल्याण विभाग में संचालित अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न योजना में उत्पीड़न की श्रेणी के अनुसार मदद दिए जाने की व्यवस्था है। इसमें मिलने वाली मदद को मुकदमा दर्ज होने और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल होने पर दो बार में आर्थिक मदद दी जाती है। विभाग के पास बजट न होने के कारण यहां पर 461 उत्पीड़न के शिकार लोगों को आर्थिक मदद नहीं मिल पाई है। उत्पीड़न से प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। बताया कि स्वीकृत 461 मामलों में अधिकतर को पहली किस्त ही दी जानी है।
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अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न योजना में डीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति की ओर से विभाग को प्राप्त 461 मामलों पर स्वीकृति मिल गई है। इन लोगों को आर्थिक सहायता दिए जाने के लिए 3,87,00,000 रुपये की जरूरत है। उत्पीड़न से प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद जारी किए जाने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही श्रेणी के अनुसार मदद जारी की जाएगी। -रमाकांत, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न योजना में डीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति की ओर से विभाग को प्राप्त 461 मामलों पर स्वीकृति मिल गई है। इन लोगों को आर्थिक सहायता दिए जाने के लिए 3,87,00,000 रुपये की जरूरत है। उत्पीड़न से प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद जारी किए जाने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही श्रेणी के अनुसार मदद जारी की जाएगी। -रमाकांत, जिला समाज कल्याण अधिकारी