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डॉक्टर रजाई में... मुश्किल में दवाई

Thu, 10 Feb 2022 10:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 10:36 PM IST
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doktar rajaee mein... mushkil mein davaee
हरदोई। जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था सर्दी में तो बिल्कुल ही सुधरने का नाम नहीं ले रही है। देर तक डाक्टर रजाई में दुबके रहते हैं, जबकि मरीज और तीमारदार दवाओं के इंतजार में कड़ाके की ठंड में ठिठुरते रहते हैं।
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कहने का मतलब यह है कि सर्दी की सुबह डॉक्टरों को अपने फर्ज से दूर कर रही है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने जब पड़ताल की, तो मामला खुलकर सामने आ गया।
जिला अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों की लाइनें तो सुबह से ही लग जाती हैं, लेकिन उनका इलाज करने के लिए चिकित्सक उपलब्ध नहीं होते। डॉक्टरों की खाली कुर्सियां मरीजों का दर्द और बढ़ा देती हैं।
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कर्मचारी निर्धारित समय से कक्ष खोलकर उनका रूम हीटर ऑन करके छोड़ देते हैं। सुबह आठ बजे खुलने वाली ओपीडी में स्वास्थ्य सेवाएं 10 बजे के बाद उपलब्ध हो पाती हैं।
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अमूमन स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के लिए चर्चा में बने रहने वाले जिला अस्पताल में हालात और भी बदतर होते जा रहे हैं। चिकित्सकों ने फर्ज की गंभीरता को दरकिनार कर अपने आराम के हिसाब से ड्यूटी टाइम तय कर लिए हैं।
ओपीडी में कभी आठ बजे से शुरू होने वाली स्वास्थ्य सेवाएं अब 10 बजे से पहले शुरू नहीं हो पातीं। बृहस्पतिवार को सुबह भी यहां के ऐसे ही नजारे कैमरे में कैद हुए।
सुबह के 10 बजे तक चिकित्सकों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। मरीज और उनके तीमारदार चिकित्सकों के आने के इंतजार में ओपीडी के बाहर कुर्सियों पर समय काट रहे थे।
कुछ गंभीर रोग के मरीज भी चिकित्सकों की सलाह के लिए ओपीडी की लाइन में मिले। दवा वितरण कक्ष भी साढ़े 10 बजे के बाद खुला। ज्यादातर चिकित्सकों के कक्षों रूम हीटर ऑन मिले।
ओपीडी में चिकित्सकों का इंतजार कर रहे मरीज सुनीता, स्वाती और ओम ने बताया कि सुबह लगभग आठ बजे आ गए थे, लेकिन अभी तक इलाज नहीं मिला।
सीएमएस की कुर्सी भी मिली खाली
जिला अस्पताल के मुखिया चीफ मेडिकल ऑफिसर खुद अपने कक्ष में नजर नहीं आए। साढ़े नौ बजे तक उनकी कुर्सी खाली थी। उनके कक्ष के बाहर करीब चार से पांच लोग उनके आने का इंतजार कर रहे थे।
इनमें से दो लोग स्वाती और ओम यहां कुत्ता काटे का इंजेक्शन लगवाने आए थे। इसके लिए उन्हें सीएमएस से अनुमति की जरूरत थी। लिहाजा, वह सीएमएस के आने का इंतजार कर रहे थे।
डाक्टरों के कक्ष में चालू मिले रूम हीटर
ज्यादातर चिकित्सकों के कक्षों में रूम हीटर चालू मिले। कक्ष का दरवाजा खुला था, लेकिन डॉक्टर कुर्सी पर नहीं थे।
बाल रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ, ईएनटी ओपीडी, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग, नेत्र रोग विशेषज्ञ में कोई भी स्टाफ उपलब्ध नहीं थे, लेकिन सभी में रूम हीटर ऑन मिला।
इंसेक रोग विशेषज्ञ का कक्ष, ऑडियोमैट्री कक्ष, डेंटल ओपीडी और दवा वितरण खिड़की बंद मिली। इंजेक्शन कक्ष खुला मिला, लेकिन उसमें कोई भी स्टाफ 10 बजे तक नजर नहीं आया।

राउंड पर गया था, शायद उस वक्त कुर्सी खाली होगी। चिकित्सकों के देर से आने की व्यवस्था को गंभीरता से देखा जाएगा। यदि कोई चिकित्सक लापरवाही करते हैं, तो उन्हें तत्काल सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।
- जेएन तिवारी, सीएमएस, जिला अस्पताल
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